29 जुलाई 2026
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राहुल गांधी के 'इडियट' बयान पर लोकसभा में हंगामा, छात्र आंदोलन और NEET पर सरकार को घेरा

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राहुल गांधी के 'इडियट' बयान पर लोकसभा में हंगामा, छात्र आंदोलन और NEET पर सरकार को घेरा

सारांश

एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के छात्रों की आवाज़ को लोकसभा तक पहुँचाया — और एक छात्रा के 'इडियट' वाले जवाब ने सदन में भूचाल ला दिया। NEET से लेकर शिक्षा बजट तक, विपक्ष ने सरकार को हर मोर्चे पर घेरा।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 29 जुलाई को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान NEET विवाद और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक छात्रा के हवाले से 'इडियट' शब्द के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध जताया और सदन में हंगामा हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसा या नफरत नहीं , बल्कि युवा पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की बढ़ती महंगाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक परीक्षा का खर्च पूरे शिक्षा बजट से अधिक है।
राहुल गांधी ने BJP सहित सभी दलों से छात्रों की माँगों को गंभीरता से सुनने की अपील की।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 29 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के दौरान एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा में NEET विवाद, छात्र आंदोलन और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे। उनके भाषण में एक छात्रा के हवाले से 'इडियट' शब्द के इस्तेमाल के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया और सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।

छात्र आंदोलन को बताया लोकतंत्र की असली आवाज़

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने जिस तरह शांतिपूर्वक अपनी बात सड़कों पर रखी, उससे उन्हें भरोसा और संतोष मिला। उनके शब्दों में, 'यह गुस्सा नहीं था, यह हिंसा नहीं थी, यह नफरत नहीं थी। यह देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी।' उन्होंने सभी राजनीतिक दलों — भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित — से इस अभिव्यक्ति का सम्मान करने की अपील की।

'इडियट' टिप्पणी और सदन में हंगामा

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने उससे पूछा था कि 'छात्र होने का क्या मतलब है।' उनके अनुसार, छात्रा ने जवाब दिया कि छात्र वह होता है जिसका मन और दिल खुला हो, जो यह स्वीकार करे कि वह सब कुछ नहीं जानता और जो सीखने के लिए हमेशा तैयार रहे। छात्रा ने यह भी बताया कि एक दूसरी किस्म के लोग भी होते हैं — जो मानते हैं कि वे सब कुछ जानते हैं और दुनिया नहीं बदलती। जब राहुल गांधी ने पूछा कि वह ऐसे लोगों को क्या कहती है, तो छात्रा का जवाब था — 'मैं उन्हें इडियट कहती हूँ।' इस बयान के तुरंत बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था की बढ़ती महंगाई पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा के आयोजन पर जितना खर्च होता है, उतना सरकार पूरे शिक्षा बजट पर भी व्यय नहीं करती। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की माँग की। गौरतलब है कि यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश चरम पर था।

BJP पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने कहा कि अगर BJP नेता अपने बच्चों से पूछते, तो वे भी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते। उनका तर्क था कि छात्रों की माँगें पार्टी की सीमाओं से परे हैं और उन्हें राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की भावनाओं को गंभीरता से सुनना सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है।

आगे क्या

एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में चर्चा जारी है और विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET जैसी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखेगा। छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया और सरकार का अगला कदम इस मुद्दे की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संसद में उसकी गूँज इतनी तेज़ क्यों हुई — यह सवाल खुद सत्ता पक्ष की बेचैनी बताता है। असली मुद्दा यह है कि एंटी पेपर लीक बिल तब आया जब परीक्षा प्रणाली में भरोसा पहले से टूट चुका है; कानून बनाना और उसे लागू करना दो अलग चुनौतियाँ हैं। मुख्यधारा की कवरेज 'इडियट' शब्द पर अटकी रही, जबकि राहुल गांधी का शिक्षा बजट बनाम परीक्षा खर्च वाला तर्क कहीं अधिक जवाबदेही माँगता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने लोकसभा में 'इडियट' शब्द का इस्तेमाल क्यों किया?
राहुल गांधी ने यह शब्द सीधे नहीं कहा, बल्कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक छात्रा का उद्धरण देते हुए कहा कि उस छात्रा ने ऐसे लोगों को 'इडियट' कहा जो मानते हैं कि वे सब कुछ जानते हैं और दुनिया नहीं बदलती। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया और सदन में हंगामा हुआ।
एंटी पेपर लीक बिल क्या है और इस पर संसद में क्यों बहस हो रही है?
एंटी पेपर लीक बिल परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया विधेयक है, जो NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के बाद चर्चा में आया। संसद के मानसून सत्र में इस पर 29 जुलाई को विस्तृत चर्चा हुई जिसमें विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के छात्र प्रदर्शन पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर हो रहे छात्र प्रदर्शन को लोकतंत्र की ताकत बताया और कहा कि यह गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं बल्कि युवा पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी। उन्होंने BJP सहित सभी दलों से इस आवाज़ का सम्मान करने की अपील की।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था बेहद महंगी हो गई है और एक परीक्षा के आयोजन पर जितना खर्च होता है, उतना सरकार पूरे शिक्षा बजट पर नहीं करती। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की माँग की।
इस बहस का छात्रों और NEET विवाद से क्या संबंध है?
यह संसदीय चर्चा ऐसे समय में हुई जब NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश चरम पर था और जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। राहुल गांधी ने इसी पृष्ठभूमि में सरकार की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा नीति पर सवाल उठाए।
राष्ट्र प्रेस
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