राहुल गांधी का संसदीय आचरण अस्वीकार्य, PM का अपमान देश का अपमान: राजेंद्र राठौड़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने 30 जुलाई को जयपुर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया संसदीय आचरण की कड़ी निंदा की और इसे संसदीय परंपराओं एवं गरिमा के सर्वथा विपरीत करार दिया। राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध प्रयुक्त आपत्तिजनक भाषा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है।
राहुल गांधी के संसदीय आचरण पर आपत्ति
राठौड़ ने कहा कि लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष का व्यवहार अत्यंत अशोभनीय था। उनके अनुसार, बार-बार टोके जाने के बावजूद राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, सदस्यों की ओर उंगली उठाई और देश के युवाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
राठौड़ ने कहा, 'संसद की अपनी निर्धारित नियमावली और प्रक्रियाएँ हैं, जिनका पालन करना प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है। यदि नेता प्रतिपक्ष ही संसदीय नियमों की अनदेखी करें और बाद में यह कहें कि उनका माइक्रोफोन बंद था, तो इससे संसदीय लोकतंत्र कमजोर होता है।' उन्होंने जोर दिया कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका नेता सदन जितनी ही महत्वपूर्ण होती है, इसलिए ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है।
वाजपेयी-आडवाणी का उदाहरण
राठौड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने हमेशा संसद की मर्यादा, नियमों और परंपराओं का सम्मान किया। उनके अनुसार वर्तमान में जो आचरण देखा जा रहा है, वह लोकसभा के संसदीय इतिहास को कलंकित करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह हंगामे के जरिये सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास करती है।
PM मोदी के विरुद्ध अभद्र भाषा पर कड़ी प्रतिक्रिया
राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि हैं। उनके विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग देश के सम्मान को ठेस पहुँचाने के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में हुए आंदोलन में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हुए जिनका न छात्रों से कोई संबंध था और न ही नीट परीक्षा से — वे केवल माहौल बिगाड़ने और भड़काऊ भाषा के उद्देश्य से आए थे।
राठौड़ ने जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुई संपूर्ण क्रांति जैसे बड़े आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में भी इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं हुआ था। उन्होंने माँग की कि 'संसद में घुसकर मारपीट जैसी धमकियाँ देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।'
सीजेपी के आंदोलन की चेतावनी पर सवाल
सीजेपी (CJP) द्वारा सरकार पर वादों से मुकरने के आरोप और आंदोलन की चेतावनी पर राठौड़ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का प्रत्येक निर्णय देश के लिए कानून के समान होता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं और जो आंदोलन में शामिल होकर उसे बदनाम कर रहे थे, उनके संबंध में आए न्यायालय के निर्णय का स्वागत होना चाहिए था। उनके अनुसार सीजेपी का इस फैसले का विरोध करना समझ से परे है।
राजस्थान नगर निगम व पंचायत चुनाव: BJP की तैयारी
राजस्थान में प्रस्तावित नगर निगम और पंचायत चुनावों पर राठौड़ ने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता-आधारित संगठन है और चुनाव उसके लिए नई चुनौती नहीं हैं। पार्टी का कार्यकर्ता बूथ स्तर तक वर्षभर सक्रिय रहता है। उन्होंने दावा किया कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य हुए हैं, अपराधों में कमी आई है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। इन उपलब्धियों के आधार पर आगामी चुनावों में जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी, ऐसा उनका दावा है।