क्या वोट के बिना गरीबों को कोई अधिकार नहीं? राहुल गांधी का बयान

सारांश
Key Takeaways
- वोट का अधिकार
- संविधान
- भाजपा पर वोट चोरी के आरोप।
- जाति जनगणना से समाज में समानता का आधार बनेगा।
- बिहार
मधुबनी, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को वोटर अधिकार यात्रा के तहत मधुबनी का दौरा किया। यहां उन्होंने सामाजिक संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि वोट के बिना गरीबों को कोई अधिकार नहीं मिल सकता।
उन्होंने आगे कहा, "आजादी से पहले जब आपके पास वोट नहीं था, आपके पास कोई अधिकार नहीं था। आजादी के बाद संविधान के माध्यम से वोट का अधिकार प्राप्त हुआ। जिस दिन वोट का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, उस दिन संविधान का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।"
संविधान को दिखाते हुए उन्होंने कहा, "इसमें जो शक्ति है, यह केवल एक किताब नहीं है, यह हिंदुस्तान की शक्ति है, इसकी आत्मा की शक्ति है। यह शक्ति कहां से आती है? वोट से। यदि वोट हटा लिया गया, तो जो कुछ भी इसमें लिखा है, उसका कोई अर्थ नहीं रह जाएगा, क्योंकि उसमें कोई शक्ति नहीं होगी।"
उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, "भाजपा वाले कहते थे कि उनकी सरकार 40 से 50 साल तक चलेगी। तब हम सोचते थे कि वे ऐसा कैसे कह सकते हैं। अब सच्चाई सबके सामने है। ये लोग वोट चोरी करते हैं, और यह चोरी पहले गुजरात में शुरू हुई, फिर 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर आई।"
कांग्रेस नेता ने लोगों को चेतावनी दी कि यदि एक बार आपका वोट चला गया, तो उसके बाद राशन कार्ड, आवास और भूमि भी चली जाएगी। उन्होंने जाति जनगणना की चर्चा करते हुए कहा कि यह एक मजबूत आधार है, जिसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। तेलंगाना में इसका एक सफल मॉडल है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि हम 50 प्रतिशत आरक्षण की दीवार को तोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक परिवर्तन या क्रांति होती है, वह बिहार से आती है। गांधी जी चंपारण आए थे। इस यात्रा ने हमें दिखाया है कि सच में बिहार से क्रांति आती है।