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रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने की माँग, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नागरिक उड्डयन मंत्री को सौंपा पत्र

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रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने की माँग, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नागरिक उड्डयन मंत्री को सौंपा पत्र

सारांश

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नागरिक उड्डयन मंत्री से मिलकर दो बड़ी माँगें रखीं — रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा और बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए ₹300 करोड़ का केंद्रीय अनुदान। छत्तीसगढ़ की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के लिए यह माँग निर्णायक साबित हो सकती है।

मुख्य बातें

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर औपचारिक पत्र सौंपा।
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की माँग की गई।
बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, बिलासपुर के उन्नयन हेतु ₹300 करोड़ के विशेष केंद्रीय अनुदान की माँग; श्रेणी 3C से 4C में बदलाव प्रस्तावित।
बिलासपुर एयरपोर्ट का रनवे 1,500 मीटर से बढ़ाकर 2,885 मीटर करने का प्रस्ताव; नया एटीसी टावर और यात्री टर्मिनल भी शामिल।
यह एयरपोर्ट छत्तीसगढ़ के 14 जिलों और मध्य प्रदेश के 3 जिलों की आबादी की सेवा करता है।

रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता बृजमोहन अग्रवाल ने 14 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर छत्तीसगढ़ की विमानन अधोसंरचना से जुड़ी दो अहम माँगें रखीं। उन्होंने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के उन्नयन हेतु ₹300 करोड़ के विशेष केंद्रीय अनुदान की माँग करते हुए मंत्री को औपचारिक पत्र सौंपा।

रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जे की क्यों है ज़रूरत

अग्रवाल ने बैठक में रेखांकित किया कि स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं, बल्कि ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के निकटवर्ती क्षेत्रों के यात्रियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र है। उन्होंने बताया कि अभी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यात्रियों को दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे शहरों में कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।

सांसद ने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ तेज़ी से आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और इस परिप्रेक्ष्य में राज्य को मज़बूत अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

बिलासपुर एयरपोर्ट उन्नयन: ₹300 करोड़ और रनवे विस्तार की माँग

अग्रवाल ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, बिलासपुर को मौजूदा 3C श्रेणी से 4C श्रेणी में उन्नत करने के लिए ₹300 करोड़ के विशेष केंद्रीय अनुदान की माँग की। उन्होंने बताया कि यह एयरपोर्ट छत्तीसगढ़ के 14 जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के 3 समीपवर्ती जिलों के नागरिकों के लिए भी सेवाएँ प्रदान करता है।

प्रस्तावित उन्नयन के तहत एयरपोर्ट का रनवे वर्तमान 1,500 मीटर से बढ़ाकर 2,885 मीटर किया जाना है। इसके अतिरिक्त एक नए एटीसी टावर और आधुनिक यात्री टर्मिनल के निर्माण का भी प्रस्ताव है। इन सुविधाओं के विकसित होने पर बड़े विमानों का परिचालन संभव होगा और बिलासपुर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

आर्थिक विकास से जोड़ा सांसद ने हवाई कनेक्टिविटी का सवाल

अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में विमानन अधोसंरचना का विस्तार महज यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से राज्य में व्यापार, उद्योग, निवेश, पर्यटन और रोज़गार के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से वे राज्य की विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

आगे क्या होगा

सांसद ने केंद्रीय मंत्री से दोनों प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देश भर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय है। दोनों प्रस्तावों पर केंद्रीय मंत्रालय की औपचारिक प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ठोस प्रगति सीमित रही है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार केंद्रीय मंत्रालय की प्रतिक्रिया महज आश्वासन तक सीमित रहेगी या कोई समयबद्ध कार्ययोजना सामने आएगी। बिलासपुर एयरपोर्ट का उन्नयन व्यावहारिक रूप से अधिक तत्काल है — 1,500 मीटर का रनवे बड़े विमानों के लिए अपर्याप्त है और यह छत्तीसगढ़ के मध्य क्षेत्र को कनेक्टिविटी से वंचित रखता है। ₹300 करोड़ की माँग तकनीकी रूप से उचित लगती है, पर अनुदान स्वीकृति की राजनीतिक प्राथमिकता तय करेगी कि यह कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरती है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा क्यों नहीं मिला है अब तक?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। वर्तमान में रायपुर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद के रास्ते कनेक्टिंग उड़ानें लेनी पड़ती हैं।
बिलासपुर एयरपोर्ट उन्नयन के लिए ₹300 करोड़ से क्या-क्या होगा?
प्रस्तावित ₹300 करोड़ के अनुदान से रनवे को 1,500 मीटर से बढ़ाकर 2,885 मीटर किया जाएगा, साथ ही नया एटीसी टावर और आधुनिक यात्री टर्मिनल बनाया जाएगा। इससे एयरपोर्ट की श्रेणी 3C से 4C हो जाएगी और बड़े विमान उतर सकेंगे।
बिलासपुर एयरपोर्ट किन जिलों की सेवा करता है?
बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, बिलासपुर छत्तीसगढ़ के 14 जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के 3 समीपवर्ती जिलों के यात्रियों के लिए प्रमुख हवाई सुविधा केंद्र है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किससे और कहाँ मुलाकात की?
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट की और दोनों एयरपोर्ट से जुड़ी माँगों का औपचारिक पत्र उन्हें सौंपा।
रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से छत्तीसगढ़ को क्या फ़ायदा होगा?
अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से रायपुर से सीधी विदेशी उड़ानें शुरू हो सकेंगी, जिससे व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के यात्रियों को भी कनेक्टिंग उड़ानों की ज़रूरत नहीं रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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