भीषण गर्मी में राजस्थान CM भजनलाल की अपील: पानी पिएं, धूप से बचें; श्री गंगानगर में 48.2°C
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 29 मई 2026 को नौतपा की भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर नागरिकों को खूब पानी व तरल पदार्थ पीने, तेज धूप में बाहर न निकलने और कमज़ोर वर्गों की मदद करने की सलाह दी। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
राजस्थान में तापमान का हाल
मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार, बुधवार को श्री गंगानगर में इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे बुधवार इस सीज़न का सबसे गर्म दिन रहा। शुक्रवार को भी राज्य के कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। नौतपा — सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के बाद के नौ दिन — परंपरागत रूप से राजस्थान में सबसे तीव्र गर्मी का काल माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल की सलाह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस कठिन मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि चक्कर या कमज़ोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। साथ ही उन्होंने राहगीरों के लिए ठंडे पानी की प्याऊ लगाने और पशु-पक्षियों के लिए दाने-पानी की व्यवस्था करने की भी अपील की।
अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी नागरिकों से शरीर को हाइड्रेटेड रखने और तेज धूप से बचने की अपील की। उन्होंने घर, छत, बालकनी और दुकानों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी व छाँव की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, श्रमिकों और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़े तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं और पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराएं।
आम जनता पर असर
भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया है — खेतों में काम करने वाले मज़दूरों से लेकर शहरी दिहाड़ी कामगारों तक सभी के लिए दोपहर की धूप जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन इस मौसम की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। कई राज्यों ने स्कूलों के समय में बदलाव और निर्माण स्थलों पर दोपहर के काम पर अनौपचारिक रोक की सलाह दी है।
क्या करें, क्या न करें
मुख्यमंत्रियों की अपीलों का सार यह है: भरपूर पानी और तरल पदार्थ पिएं, दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के व सूती कपड़े पहनें और आसपास के ज़रूरतमंद लोगों की मदद के लिए तैयार रहें। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नज़र रखना ज़रूरी है।