राजस्थान में भीषण लू: श्रीगंगानगर में 47°C, IMD का ऑरेंज अलर्ट; 28 मई से बारिश की संभावना
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान में भीषण लू का प्रकोप जारी है और पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया — जो राज्य में इस अवधि का सबसे ऊँचा तापमान रहा। IMD जयपुर ने अगले दो से तीन दिनों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
तापमान का हाल
कोटा में न्यूनतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान रहा। वहीं, सिरोही में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
बीकानेर, कोटा और शेखावाटी संभाग के कुछ इलाकों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 27 और 28 मई को तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँचने की आशंका जताई गई है।
IMD जयपुर के निदेशक की चेतावनी
IMD जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सबसे भीषण स्थिति देखने को मिल सकती है। उन्होंने गर्म रातों की स्थिति को लेकर भी आगाह किया, जिससे गर्मी-जनित तनाव और बेचैनी बढ़ने की संभावना है — खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में लू की स्थिति 28 मई तक बने रहने का अनुमान है। गौरतलब है कि राजस्थान के मरुस्थलीय और अर्ध-शुष्क क्षेत्र हर वर्ष मई-जून में इस प्रकार की तीव्र गर्मी का सामना करते हैं, परंतु इस बार का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद
एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 मई से राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू होने का पूर्वानुमान है। 29 से 31 मई के बीच इस मौसम प्रणाली का प्रभाव और तेज होने की संभावना है, जिससे 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ, धूल भरी आँधी और कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है।
जिन संभागों पर इस मौसम प्रणाली का असर पड़ने की संभावना है, उनमें जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर शामिल हैं।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
IMD के अनुसार, गरज और बारिश के मिले-जुले प्रभाव से 29 मई से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लू की स्थिति से काफी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने नागरिकों को भीषण गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने और तेज़ी से बदलती मौसमी परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों में मौसम में यह बदलाव राज्य के लाखों निवासियों को कुछ राहत दे सकता है, हालाँकि धूल भरी आँधी के कारण नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न हो सकती हैं।