राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयपुर-जोधपुर में बम डिस्पोजल दस्ते तैनात
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बेंचों को 13 जुलाई 2026 को एक अज्ञात ईमेल पते से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद न्यायिक और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल दोनों परिसरों में सुरक्षा कड़ी कर दी और साइबर विशेषज्ञों सहित जाँच एजेंसियाँ ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
धमकी भरा ईमेल एक अज्ञात पते से भेजा गया था। अलर्ट मिलते ही दोनों हाईकोर्ट परिसरों के सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई। प्रत्येक आगंतुक और वाहन की गहन जाँच की गई। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को परिसरों की व्यापक तलाशी के लिए तैनात किया गया। अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि धमकी वास्तविक है या नहीं।
जाँच की स्थिति
पुलिस, साइबर विशेषज्ञ और अन्य जाँच एजेंसियाँ ईमेल की प्रामाणिकता और उसके उद्गम स्थान का पता लगाने में लगी हैं। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और किसी संदिग्ध की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की गई है। सुरक्षाकर्मी हाई अलर्ट पर हैं।
पूर्व की घटनाओं से संबंध
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट को इससे पहले भी कई बार ईमेल के माध्यम से ऐसी ही धमकियाँ मिल चुकी हैं। पिछली तलाशियों में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन हर घटना में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाने पड़े, अदालती कार्यवाही बाधित हुई और वकीलों व वादियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। यह ताज़ा धमकी जोधपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को मिली एक समान धमकी के कुछ समय बाद ही आई है।
व्यापक साइबर खतरे की चिंता
हाल के महीनों में राजस्थान के कई सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक कार्यालयों को गुमनाम धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। इस बढ़ते चलन ने साइबर-आधारित फर्जी धमकियों और सुरक्षा जोखिमों को लेकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
अधिकारियों का आश्वासन
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जाँच के दौरान न्यायाधीशों, न्यायालय कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सावधानियाँ बरती जा रही हैं। साइबर जाँच जारी है और दोनों बेंचों पर स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।