13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयपुर-जोधपुर में बम डिस्पोजल दस्ते तैनात

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयपुर-जोधपुर में बम डिस्पोजल दस्ते तैनात

सारांश

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बेंचों को 13 जुलाई को एक अज्ञात ईमेल से बम की धमकी मिली। यह पहली बार नहीं है — पहले भी ऐसी धमकियाँ आ चुकी हैं। बम डिस्पोजल दस्ता तैनात, साइबर जाँच जारी, कोई गिरफ्तारी नहीं।

मुख्य बातें

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बेंचों को 13 जुलाई 2026 को अज्ञात ईमेल से बम की धमकी मिली।
बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड दोनों परिसरों में तैनात; सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी जाँच।
अधिकारियों ने धमकी की प्रामाणिकता की अभी तक पुष्टि नहीं की; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं।
यह धमकी जोधपुर आरटीओ को मिली समान धमकी के कुछ समय बाद आई — राज्य में गुमनाम साइबर धमकियों का बढ़ता चलन।
पुलिस ने जनता से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बेंचों को 13 जुलाई 2026 को एक अज्ञात ईमेल पते से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद न्यायिक और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल दोनों परिसरों में सुरक्षा कड़ी कर दी और साइबर विशेषज्ञों सहित जाँच एजेंसियाँ ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

धमकी भरा ईमेल एक अज्ञात पते से भेजा गया था। अलर्ट मिलते ही दोनों हाईकोर्ट परिसरों के सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई। प्रत्येक आगंतुक और वाहन की गहन जाँच की गई। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को परिसरों की व्यापक तलाशी के लिए तैनात किया गया। अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि धमकी वास्तविक है या नहीं।

जाँच की स्थिति

पुलिस, साइबर विशेषज्ञ और अन्य जाँच एजेंसियाँ ईमेल की प्रामाणिकता और उसके उद्गम स्थान का पता लगाने में लगी हैं। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और किसी संदिग्ध की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की गई है। सुरक्षाकर्मी हाई अलर्ट पर हैं।

पूर्व की घटनाओं से संबंध

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट को इससे पहले भी कई बार ईमेल के माध्यम से ऐसी ही धमकियाँ मिल चुकी हैं। पिछली तलाशियों में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन हर घटना में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाने पड़े, अदालती कार्यवाही बाधित हुई और वकीलों व वादियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। यह ताज़ा धमकी जोधपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को मिली एक समान धमकी के कुछ समय बाद ही आई है।

व्यापक साइबर खतरे की चिंता

हाल के महीनों में राजस्थान के कई सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक कार्यालयों को गुमनाम धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। इस बढ़ते चलन ने साइबर-आधारित फर्जी धमकियों और सुरक्षा जोखिमों को लेकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

अधिकारियों का आश्वासन

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जाँच के दौरान न्यायाधीशों, न्यायालय कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सावधानियाँ बरती जा रही हैं। साइबर जाँच जारी है और दोनों बेंचों पर स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें अब तक कोई विस्फोटक नहीं मिला, एक खतरनाक 'वुल्फ क्राइ' पैटर्न बना रही हैं जो सुरक्षा संसाधनों को बाँटता है और वास्तविक खतरों की पहचान कठिन बनाता है। जोधपुर आरटीओ सहित कई सरकारी दफ्तरों को एक के बाद एक मिल रही धमकियाँ संकेत देती हैं कि या तो एक संगठित नेटवर्क इसके पीछे है या साइबर अपराधियों को पता है कि ऐसी धमकियाँ बिना परिणाम के बड़ा व्यवधान पैदा कर सकती हैं। जब तक साइबर जाँच में कोई ठोस गिरफ्तारी नहीं होती और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, यह चलन थमने की बजाय बढ़ने का जोखिम रखता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान हाईकोर्ट को बम धमकी कब और कैसे मिली?
13 जुलाई 2026 को एक अज्ञात ईमेल पते से जयपुर और जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट की बेंचों को बम से उड़ाने की धमकी भेजी गई। अलर्ट मिलते ही तुरंत सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए।
धमकी मिलने के बाद क्या सुरक्षा कदम उठाए गए?
बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड दोनों परिसरों में तैनात किए गए। सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी लगाई गई और प्रत्येक आगंतुक व वाहन की गहन जाँच की गई। सुरक्षाकर्मी हाई अलर्ट पर हैं।
क्या धमकी असली है और किसी को गिरफ्तार किया गया?
अधिकारियों ने अभी तक धमकी की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही किसी संदिग्ध की पहचान सार्वजनिक की गई है। साइबर जाँच जारी है।
क्या राजस्थान हाईकोर्ट को पहले भी ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
हाँ, राजस्थान हाईकोर्ट को पहले भी कई बार ईमेल के ज़रिए बम की धमकियाँ मिल चुकी हैं। पिछली तलाशियों में कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन हर बार अदालती कार्यवाही बाधित हुई और बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाने पड़े।
यह धमकी राजस्थान में साइबर खतरों के व्यापक चलन से कैसे जुड़ी है?
हाल के महीनों में जोधपुर आरटीओ सहित राजस्थान के कई सरकारी संस्थानों को गुमनाम धमकी भरे ईमेल मिले हैं। यह बढ़ता चलन साइबर-आधारित फर्जी धमकियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले