7 अगस्त 2026
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राजस्थान में मानसूनी कहर: बरेठा बांध 26.60 फीट पर, 50 गांवों को अलर्ट; जयपुर-चूरू-सीकर में भारी जलभराव

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राजस्थान में मानसूनी कहर: बरेठा बांध 26.60 फीट पर, 50 गांवों को अलर्ट; जयपुर-चूरू-सीकर में भारी जलभराव

सारांश

राजस्थान में मानसून इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है — भरतपुर का बरेठा बांध 26.60 फीट पर पहुँच गया है और 50 गांवों पर बाढ़ की तलवार लटक रही है। जयपुर से चूरू तक सड़कें नदियाँ बन गई हैं, मकान ढह रहे हैं और IMD ने 10 अगस्त तक अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

भरतपुर के बरेठा बांध का जलस्तर 26.60 फीट पर पहुँचा; पूर्ण भराव क्षमता 29 फीट ; 27 फीट पर गेट खुल सकते हैं।
कुकुंद नदी के किनारे बसे 50 गांवों के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।
डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 158 मिमी बारिश दर्ज; सादुलपुर में 4 फीट , श्रीमाधोपुर में 3 फीट तक जलभराव।
भरतपुर के नदबई और डीग के घिलावटी में मकान ढहे; कोई हताहत नहीं।
पूर्वी राजस्थान में तापमान में 6°C तक की गिरावट; दौसा में 28.1°C , अलवर में 27.8°C ।
IMD ने 8 से 10 अगस्त तक भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर व उदयपुर संभाग में अति भारी बारिश की चेतावनी दी।

राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी जिलों में 7 अगस्त 2026 को लगातार मूसलाधार मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। भरतपुर जिले के सबसे बड़े बरेठा बांध का जलस्तर 26.60 फीट तक पहुँचने पर जिला प्रशासन ने कुकुंद नदी के किनारे बसे 50 गांवों के लिए तत्काल अलर्ट जारी किया है। बांध की पूर्ण भराव क्षमता 29 फीट है और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जलस्तर 27 फीट तक पहुँचते ही किसी भी समय बांध के गेट खोले जा सकते हैं।

बरेठा बांध और बाढ़ का खतरा

प्रशासन के अनुसार, बरेठा बांध का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है और कुकुंद नदी के किनारे बसे गांवों के निवासियों को निचले इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर राहत एवं बचाव दल सतर्क अवस्था में तैनात किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले 24 घंटों में डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 158 मिमी बारिश दर्ज की गई।

प्रमुख जिलों में स्थिति

सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में सुबह हुई तेज़ बारिश से मुख्य बाज़ारों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। नीम का थाना और आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।

चूरू जिले के सादुलपुर में कई इलाकों में चार फीट तक जलभराव हो गया। कई घरों में पानी घुस गया और वार्ड नंबर-1 में सीवरेज लाइन धंसने से नागरिक सुविधाएं बाधित हुईं।

धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में कई कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न हो गईं। पार्वती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और आशंका जताई गई है कि कुछ गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से कट सकता है।

राजधानी जयपुर में गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तक रुक-रुक कर जारी रही, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। हालाँकि, बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।

मकान ढहने की घटनाएं

भरतपुर के नदबई क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण दो मकानों का बड़ा हिस्सा ढह गया। अधिकारियों के अनुसार, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पहले डीग जिले के कामां क्षेत्र के घिलावटी गांव में भी भारी बारिश के चलते एक दो मंजिला मकान ढह गया था, लेकिन उसमें भी कोई घायल नहीं हुआ। करौली जिले के जागर बांध का जलस्तर भी पिछले दो दिनों में करीब 1.5 फीट बढ़ गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र के निदेशक आर.एस. शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास एक नया चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है, जो अगले 24 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। मानसून ट्रफ वर्तमान में श्रीगंगानगर और दिल्ली से होकर गुज़र रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, 8 से 10 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कई स्थानों पर मध्यम से भारी तथा कुछ इलाकों में अति भारी वर्षा होने की संभावना है। 15 अगस्त के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है।

तापमान पर असर

लगातार बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। दौसा में अधिकतम तापमान 28.1°C, अलवर में 27.8°C, सिरोही में 27.6°C, प्रतापगढ़ में 28.7°C, डूंगरपुर में 30.6°C और उदयपुर में 31°C दर्ज किया गया। जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गांव अलर्ट पर, और प्रशासन 'एहतियात' की अपील करता है। बरेठा बांध का 26.60 फीट पर पहुँचना और 50 गांवों को अलर्ट जारी करना इस बात का संकेत है कि बाढ़-पूर्व तैयारी अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, न कि पूर्वानुमान-आधारित। गौरतलब है कि पार्वती नदी और कुकुंद नदी के किनारे बसे गांव हर साल इसी चक्र से गुज़रते हैं, फिर भी स्थायी बाढ़ नियंत्रण ढाँचे की कमी बनी रहती है। जब तक बांध प्रबंधन और नदी किनारे की बस्तियों के लिए दीर्घकालिक पुनर्वास नीति नहीं बनती, 'अलर्ट' शब्द हर साल खोखला होता जाएगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरेठा बांध के गेट कब खोले जाएंगे?
प्रशासन के अनुसार, जैसे ही बरेठा बांध का जलस्तर 27 फीट तक पहुँचेगा, किसी भी समय गेट खोले जा सकते हैं। 7 अगस्त को जलस्तर 26.60 फीट था, जबकि बांध की पूर्ण भराव क्षमता 29 फीट है।
कुकुंद नदी के किनारे कौन-से 50 गांव खतरे में हैं?
भरतपुर जिले में कुकुंद नदी के किनारे बसे 50 गांवों के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इन गांवों के निवासियों को निचले इलाकों में जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार, 8 से 10 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय रहेगा और भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर व उदयपुर संभाग में अति भारी बारिश की संभावना है। 15 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है।
राजस्थान में किन जिलों में सबसे अधिक बारिश हुई?
पिछले 24 घंटों में डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 158 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अलवर, भरतपुर, जयपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और सीकर जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हुई।
क्या राजस्थान में बारिश से जानमाल का नुकसान हुआ है?
भरतपुर के नदबई क्षेत्र और डीग के घिलावटी गांव में मकान ढहने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। चूरू के सादुलपुर में सीवरेज लाइन धंसने से नागरिक सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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