राजस्थान में सरकारी विद्यालयों का नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा
सारांश
Key Takeaways
- प्रवेशोत्सव 2026 का आयोजन
- 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र
- बच्चों का पहचान और नामांकन
- पुस्तकों का समय पर वितरण
- डिजिटल स्वास्थ्य जांच अभियान
जयपुर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में 2026-27 का नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से नई उमंग और व्यापक जनसहयोग के साथ आरंभ होने जा रहा है।
अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि इस अवसर पर, राज्य भर में 'प्रवेशोत्सव 2026' का आयोजन एक विशाल अभियान के रूप में किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नामांकन को बढ़ाना, मध्य में पढ़ाई छोड़ने की दर को घटाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा शिक्षा से जुड़ सके।
शिक्षा विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और प्रभावी कार्यान्वयन हेतु राज्य स्तर से विद्यालय स्तर तक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इस वर्ष, प्रवेशोत्सव को केवल एक औपचारिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा की धारा में लाने के एक केंद्रित मिशन के रूप में चलाया जा रहा है। इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता घर-घर जाकर संपर्क करने का गहन अभियान है।
अधिकारियों ने बताया कि 27 मार्च, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल और 15 अप्रैल को निर्धारित चरणों के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और स्थानीय प्रतिनिधियों की टीमें घर-घर जाकर 3 से 18 वर्ष के बच्चों की पहचान कर रही हैं और उनका नामांकन सुनिश्चित कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा, "इस व्यापक प्रयास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा प्रणाली से वंचित न रह जाए और हर परिवार तक स्कूली शिक्षा के बारे में जागरूकता पहुँच सके।"
हाल ही में आयोजित 'मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक' (पीटीएम) ने इस अभियान के लिए एक मजबूत आधार स्थापित किया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, एसीएस (शिक्षा) राजेश यादव और निदेशक सीताराम जाट ने तैयारियों की समीक्षा करने और अभिभावकों व शिक्षकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत रूप से विद्यालयों का दौरा किया।
इस पहल ने पारदर्शिता को बढ़ाया है और सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावकों का भरोसा मजबूत किया है।
एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से पढ़ाई की गतिविधियाँ जोर-शोर से आरंभ होंगी। विभाग ने पाठ्यपुस्तकों का समय पर वितरण सुनिश्चित किया है। अधिकांश पुस्तकें 25 मार्च तक जिलों में पहुँच चुकी हैं और शेष पुस्तकें 1 अप्रैल तक पहुँचाई जाएँगी।
इससे यह सुनिश्चित होता है कि 'पहले दिन से ही सीखना' का लक्ष्य सभी सरकारी विद्यालयों में हकीकत बने।
बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए, 16 अप्रैल से एक डिजिटल स्वास्थ्य जांच अभियान प्रारंभ किया जाएगा। छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता भी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करने और शिक्षा के समग्र परिणामों को बेहतर बनाने के लिए मई में विशेष शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।