अंकित बालियान हत्याकांड: ओपी राजभर का अखिलेश पर प्रहार — 'लाश पर जाट लिखना सौदागरी है'
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 31 अगस्त — सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश इस हत्याकांड का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे थे, जबकि हत्यारे गिरफ्तार हो चुके हैं।
राजभर का सीधा हमला
ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अखिलेश जी, खबर पता चल गई ना? जिस अंकित बालियान की हत्या पर आप राजनीति करना चाहते थे, उसके हत्यारे वहीं पहुंच गए, जहां उनकी जगह थी। यानी नर्क। वैसे किसी बेटे की लाश पर जाट लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, सौदागरी है। हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है, किसी गोत्र की जागीर नहीं।'
राजभर ने आगे जोड़ा, 'आपको जाट तब याद आया, जब चुनाव आने वाला है। खैर, जनता सब देख रही है — आपकी जाति की राजनीति भी और पुलिस के कानून व्यवस्था के राज को भी।'
अखिलेश यादव ने क्या कहा था
26 अगस्त को अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा था कि शामली में लोकप्रिय गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियां चलाकर बेरहमी से हत्या की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने मृतक की माँ का जिक्र करते हुए इसे 'हृदयविदारक' बताया और कहा कि जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मान रहा है। यादव ने हत्याकांड की जांच 'राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के दृष्टिकोण' से भी करने की मांग उठाई थी।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी निशाना
राजभर ने इसी क्रम में सपा और कांग्रेस के बीच कथित तनाव पर भी तंज कसा। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आखिर ऐसा क्या हुआ कि आपकी आपके बॉस राहुल जी से खटपट शुरू हो गई है? पता चला है कि राहुल जी को लगने लगा है कि यूपी में सरकार तो आनी नहीं है, इसलिए आपके भरोसे घनघोर बेइज्जती कराने से बेहतर है कि अपनी ताकत दिखाएं।'
राजभर ने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ अखिलेश की कथित नज़दीकी पर भी कटाक्ष किया और पूछा, 'कांग्रेस को तो 200 सीट देने की बात पर ही आप लोगों की हंफरी छूट रही थी? झाड़ू छाप को कितनी सीटें देंगे — 150 की 200?'
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि अंकित बालियान हत्याकांड उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच तीखी बहस का केंद्र बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जातीय समीकरणों को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राजभर का यह बयान स्पष्ट रूप से सपा की जाट-केंद्रित रणनीति को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, खासतौर पर तब जब हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।