31 अगस्त 2026
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अंकित बालियान हत्याकांड: ओपी राजभर का अखिलेश पर प्रहार — 'लाश पर जाट लिखना सौदागरी है'

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अंकित बालियान हत्याकांड: ओपी राजभर का अखिलेश पर प्रहार — 'लाश पर जाट लिखना सौदागरी है'

सारांश

अंकित बालियान हत्याकांड पर सियासत गर्म है — ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि किसी बेटे की लाश पर 'जाट' लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, सौदागरी है। हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद यह बयान यूपी की जातीय चुनावी राजनीति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर अखिलेश यादव पर एक्स के ज़रिये तीखा हमला बोला।
राजभर ने कहा — 'बेटे की लाश पर जाट लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, सौदागरी है।' 26 अगस्त को अखिलेश यादव ने शामली में 18 राउंड गोलियों से हुई अंकित बालियान की हत्या पर एक्स पर पोस्ट किया था और जाट समुदाय की भावनाओं का हवाला दिया था।
राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन में कथित दरार और AAP के साथ अखिलेश की नज़दीकी पर भी कटाक्ष किया।
यह विवाद यूपी में अगले विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को लेकर बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

लखनऊ, 31 अगस्त — सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश इस हत्याकांड का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे थे, जबकि हत्यारे गिरफ्तार हो चुके हैं।

राजभर का सीधा हमला

ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अखिलेश जी, खबर पता चल गई ना? जिस अंकित बालियान की हत्या पर आप राजनीति करना चाहते थे, उसके हत्यारे वहीं पहुंच गए, जहां उनकी जगह थी। यानी नर्क। वैसे किसी बेटे की लाश पर जाट लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, सौदागरी है। हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है, किसी गोत्र की जागीर नहीं।'

राजभर ने आगे जोड़ा, 'आपको जाट तब याद आया, जब चुनाव आने वाला है। खैर, जनता सब देख रही है — आपकी जाति की राजनीति भी और पुलिस के कानून व्यवस्था के राज को भी।'

अखिलेश यादव ने क्या कहा था

26 अगस्त को अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा था कि शामली में लोकप्रिय गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियां चलाकर बेरहमी से हत्या की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने मृतक की माँ का जिक्र करते हुए इसे 'हृदयविदारक' बताया और कहा कि जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मान रहा है। यादव ने हत्याकांड की जांच 'राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के दृष्टिकोण' से भी करने की मांग उठाई थी।

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी निशाना

राजभर ने इसी क्रम में सपा और कांग्रेस के बीच कथित तनाव पर भी तंज कसा। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आखिर ऐसा क्या हुआ कि आपकी आपके बॉस राहुल जी से खटपट शुरू हो गई है? पता चला है कि राहुल जी को लगने लगा है कि यूपी में सरकार तो आनी नहीं है, इसलिए आपके भरोसे घनघोर बेइज्जती कराने से बेहतर है कि अपनी ताकत दिखाएं।'

राजभर ने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ अखिलेश की कथित नज़दीकी पर भी कटाक्ष किया और पूछा, 'कांग्रेस को तो 200 सीट देने की बात पर ही आप लोगों की हंफरी छूट रही थी? झाड़ू छाप को कितनी सीटें देंगे — 150 की 200?'

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि अंकित बालियान हत्याकांड उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच तीखी बहस का केंद्र बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जातीय समीकरणों को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राजभर का यह बयान स्पष्ट रूप से सपा की जाट-केंद्रित रणनीति को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, खासतौर पर तब जब हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उत्तर प्रदेश में जाट वोट बैंक को लेकर जारी उस लड़ाई की अगली कड़ी है जिसमें सपा और NDA दोनों अपनी-अपनी पकड़ मज़बूत करना चाहते हैं। अंकित बालियान की हत्या एक मानवीय त्रासदी है, लेकिन दोनों पक्षों ने इसे चुनावी औज़ार बनाने में देर नहीं लगाई — यह तथ्य खुद राजभर के बयान से भी उतना ही स्पष्ट है जितना अखिलेश के पोस्ट से। असली सवाल यह है कि शामली जैसे संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था की जवाबदेही किसी भी दल की राजनीति से ऊपर क्यों नहीं रह पाती।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकित बालियान कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
अंकित बालियान उत्तर प्रदेश के एक लोकप्रिय गायक थे जिनकी शामली में 18 राउंड गोलियां चलाकर हत्या कर दी गई। अखिलेश यादव के अनुसार इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल फैल गया।
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अंकित बालियान की हत्या का इस्तेमाल जाट वोट बैंक साधने के लिए कर रहे थे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'बेटे की लाश पर जाट लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, सौदागरी है।'
अखिलेश यादव ने इस हत्याकांड पर क्या कहा था?
26 अगस्त को अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा था कि यह हत्या उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को शून्य करने वाली है और जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मान रहा है। उन्होंने जांच में राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के पहलू को भी शामिल करने की मांग की थी।
राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर क्या कहा?
राजभर ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यूपी में सपा के साथ गठबंधन से कोई फायदा नहीं दिखता, इसलिए दोनों दलों में खटपट बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया कि अखिलेश अब AAP के साथ नज़दीकी बढ़ा रहे हैं।
इस विवाद का यूपी की आगामी चुनावी राजनीति पर क्या असर होगा?
यह बयानबाजी यूपी में जाट वोट बैंक को लेकर NDA और सपा के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की जातीय राजनीति और तेज होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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