चीनी संकट से लेकर अन्नपूर्णा देरी तक: सपा सांसद राजीव राय का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राजीव राय ने सोमवार, 24 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर हमला बोला। चीनी की बढ़ती कीमतें, अयोध्या में मछली भोज विवाद, झारखंड की भर्ती सुधार यात्रा और पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के भुगतान में देरी — इन सभी मुद्दों पर उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
चीनी संकट और एथेनॉल नीति पर निशाना
चीनी के दाम बढ़ने के मसले पर राजीव राय ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार 'आपदा में भी अवसर ढूंढती है।' उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के दाम कम नहीं हुए, उल्टे वाहनों का माइलेज घट गया, और अब चीनी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना था कि यह सरकार गरीबों की परवाह नहीं करती।
अयोध्या मछली भोज विवाद पर संयमित रुख
अयोध्या में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत के दौरान हुए मछली भोज को लेकर सपा सांसद ने कहा कि व्यक्तिगत संयम बरतना चाहिए था और इसे टाला जा सकता था। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब सत्तारूढ़ दल के मंत्री और उत्तर-पूर्व के सांसद सावन में मांस खा रहे थे, तब आलोचना करने वाले चुप थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से देश के लोकतंत्र की छवि दुनिया में कमज़ोर होती है।
झारखंड भर्ती सुधार यात्रा पर समर्थन
झारखंड में देवेंद्र महतो की 'भर्ती सुधार यात्रा' — जो जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर निकाली जा रही है — पर राय ने कहा कि वे सुधार के पक्ष में हैं और इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑन रिकॉर्ड सबसे अधिक 20 पेपर लीक का रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के नाम है, फिर भी वहाँ यही दल चुप रहता है।
पश्चिम बंगाल अन्नपूर्णा योजना में देरी
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के भुगतान में देरी और महिलाओं द्वारा ₹3,000 मासिक सहायता की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर राय ने कहा कि मौजूदा सरकार जनता को केवल धोखा देने का काम करती है। उन्होंने यह भी चेताया कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के मद्देनज़र वहाँ भी ऐसा ही रवैया अपनाया जा सकता है।
आगे क्या
राजीव राय के इन बयानों से स्पष्ट है कि विपक्ष आने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले जन-कल्याण योजनाओं की विफलता, महंगाई और भर्ती घोटालों को केंद्रीय मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।