राजनाथ सिंह: गन्ने से बनेगा आत्मनिर्भर भारत, बायोफ्यूल राष्ट्रीय सुरक्षा का नया हथियार
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 5 जून 2025 को लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित 'बायोयुग' कार्यक्रम में कहा कि गन्ने और कृषि आधारित संसाधनों से तैयार बायोफ्यूल, बायोमैटेरियल और बायो-इकोनॉमी भारत को ऊर्जा एवं आर्थिक क्षेत्र में उसी तरह आत्मनिर्भर बनाएंगे, जैसे स्वदेशी हथियारों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को सफल बनाया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को परस्पर पूरक बताते हुए कहा कि ऊर्जा स्वावलंबन अब केवल नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता है।
ऑपरेशन सिंदूर से बायोयुग तक का संदेश
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारतीय सेनाओं ने संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान स्थित आतंकी ढाँचों को सटीक निशाना बनाकर नष्ट किया। उन्होंने कहा, 'हम यह इसलिए कर पाए क्योंकि हमारे पास स्वदेशी हथियार थे और हम किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं थे। यही सामर्थ्य हमें ऊर्जा, ईंधन और तकनीक के क्षेत्र में भी अर्जित करनी होगी।' उनका यह बयान रक्षा आत्मनिर्भरता को ऊर्जा नीति से जोड़ने की स्पष्ट कोशिश थी।
एथेनॉल मिश्रण: आर्थिक सुरक्षा का कवच
रक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण कर रहा है, जो मुख्यतः गन्ने और कृषि उत्पादों से तैयार होता है। उन्होंने कहा, 'यह 20 प्रतिशत एथेनॉल हमारे लिए एक बफर की तरह था, जिसने अर्थव्यवस्था को बड़े झटके से बचाया। बायोफ्यूल केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता का भी एक महत्वपूर्ण हथियार है।' पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के दौरान इस मिश्रण ने भारत को बाहरी दबावों से बचाने में अहम भूमिका निभाई।
गन्ने से बायोप्लास्टिक: उत्तर प्रदेश की नई पहचान
राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में बायोप्लास्टिक उद्योग की संभावनाओं की चर्चा करते हुए बलरामपुर चीनी मिल्स द्वारा गन्ने से पीएलए (पॉली-लैक्टिक एसिड) आधारित बायोप्लास्टिक उत्पादन की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद पूरी तरह जैव-अवक्रमणीय (बायोडिग्रेडेबल) है और पारंपरिक प्लास्टिक की 'आवश्यक बुराई' का प्रकृति-अनुकूल विकल्प बन सकता है। राज्य सरकार की बायोप्लास्टिक इंडस्ट्री नीति इस क्षेत्र को नई गति दे रही है।
पर्यावरण और राष्ट्रीय शक्ति का अटूट रिश्ता
रक्षा मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल स्वच्छता का विषय नहीं, बल्कि इसका सीधा संबंध राष्ट्रीय शक्ति और सुरक्षा से है। स्वच्छ वातावरण सैनिकों के मनोबल को भी बढ़ाता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जब देश अपने खेतों और जैविक संसाधनों से ऊर्जा पैदा करता है, तो वह बाहरी दबावों के प्रति अधिक प्रतिरोधी बनता है। मध्य-पूर्व संकट के दौरान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से कई प्लास्टिक उद्योगों को कच्चे माल की कमी झेलनी पड़ी — यह उदाहरण उन्होंने घरेलू उत्पादन की ज़रूरत को रेखांकित करने के लिए दिया।
बायोयुग की ओर उत्तर प्रदेश
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बायो-इकोनॉमी को व्यापक बढ़ावा मिला है। गन्ना किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब 'बाहुबली युग' से आगे बढ़कर 'बायोयुग' की ओर अग्रसर है, जहाँ विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले वर्षों में बायो-इकोनॉमी के विस्तार से उत्तर प्रदेश के किसानों और उद्योगों दोनों को नई संभावनाएँ मिलने की उम्मीद है।