राजनाथ सिंह का ADMM Plus में बयान: ऑपरेशन सिंदूर ने तोड़ा आतंकी ढाँचा, भारत की रणनीति युद्ध-परीक्षित
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में आयोजित आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM Plus) को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने बड़े पैमाने पर आतंकी बुनियादी ढाँचे को नष्ट किया था, और यह राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध भारत के स्पष्ट दृष्टिकोण की घोषणा भी थी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद-निरोध के क्षेत्र में भारत का अनुभव केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि दशकों की ज़मीनी लड़ाई से अर्जित है।
ऑपरेशन सिंदूर और आतंक के खिलाफ भारत का संदेश
राजनाथ सिंह ने बैठक में कहा, 'आतंकवादियों के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण हमने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया था, जब हमने बड़ी संख्या में आतंकवादी बुनियादी ढाँचे को नष्ट कर दिया था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की हर आतंकवाद-विरोधी रणनीति वास्तविक अभियानों में परखी हुई है और अपनी सफलता साबित कर चुकी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग की ज़रूरत पर वैश्विक स्तर पर ज़ोर दिया जा रहा है।
हिंद-प्रशांत और आसियान साझेदारी पर भारत का रुख
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने एक खुले, समावेशी और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की परिकल्पना की है। उन्होंने आसियान के साथ भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक जुड़ाव को साझा हितों, आपसी सम्मान और व्यावहारिक सहयोग की नींव पर खड़ा बताया। राजनाथ ने कहा कि ADMM-Plus साझेदारों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षमता-निर्माण कार्यक्रम और खुफिया जानकारी साझा करने के ज़रिये सामूहिक क्षमताओं को और मजबूत किया जा सकता है।
समुद्री सुरक्षा में भारत की भूमिका
राजनाथ सिंह ने बताया कि वर्ष 2008 से ही भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी जैसे अत्यधिक संवेदनशील समुद्री गलियारे में निरंतर सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी है। इस दौरान हजारों व्यापारी जहाजों को सुरक्षा प्रदान की गई और जहाज-अपहरण की अनेक कोशिशें विफल की गईं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने कभी भी ऐसे बल-प्रयोग का सहारा नहीं लिया जो किसी अन्य देश के हितों को नुकसान पहुँचाता हो।
गौरतलब है कि वैश्विक व्यापार मार्गों पर बढ़ते दबाव के बीच रक्षा मंत्री ने कहा कि महज बयानबाजी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दोहराया कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक इंडो-पैसिफिक में एक विश्वसनीय 'नेट सुरक्षा प्रदाता' की भूमिका निभाता रहेगा।
युवाओं के लिए 'डिफेंस यूथ ब्रिज' का प्रस्ताव
राजनाथ सिंह ने इस बैठक में एक 'डिफेंस यूथ ब्रिज' स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका उद्देश्य ADMM-Plus देशों के युवाओं के बीच लोगों-से-लोगों की कनेक्टिविटी, डिजिटल नवाचार और क्षमता-निर्माण को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि भारत और आसियान देशों की जनसंख्या तुलनात्मक रूप से युवा है, और यह साझा विशेषता दोनों पक्षों को एक विशेष रणनीतिक बढ़त देती है। यह पहल बैठक के संयुक्त वक्तव्य 'युवा, शांति और सुरक्षा' की थीम के अनुरूप है।
आगे की राह
रक्षा मंत्री के इस संबोधन को भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति को बहुपक्षीय मंच पर स्थापित करने की व्यापक कूटनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। ADMM-Plus में भारत-आसियान रक्षा सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-निरोध के क्षेत्रों में।