ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह: 'पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और उनके सरपरस्तों को नेस्तनाबूद किया'
सारांश
मुख्य बातें
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 10 अगस्त 2025 को दिल्ली कैंट स्थित सेना के बेस अस्पताल में आयोजित 'सिंदूर महारक्तदान यात्रा' के दौरान कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिये भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और उनके सरपरस्तों को नेस्तनाबूद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहलगाम में धर्म के आधार पर निर्दोष नागरिकों पर हुए कायराना हमले के बाद भारत ने यह कार्रवाई की, और दुनिया को संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने में सक्षम है।
ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले का संदर्भ
रक्षामंत्री ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हमलावरों ने धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया था। इस कायराना हमले के जवाब में भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमारी नारी शक्ति के सिंदूर की रक्षा करने के लिए हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।' यह बयान ऑपरेशन के प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित करता है।
सिंदूर महारक्तदान यात्रा का आयोजन
दिल्ली कैंट के सेना बेस अस्पताल में आयोजित इस विशेष रक्तदान शिविर में सांगली से आए सैकड़ों खिलाड़ियों सहित एथलीट और अन्य नागरिकों ने भाग लिया। इस आयोजन में कुल एक हजार यूनिट रक्त का विशाल भंडार समर्पित किया गया। रक्षामंत्री ने कहा कि यह रक्त भंडार भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक विश्वसनीय आपातकालीन संसाधन बनेगा।
रक्तदान को संस्कृति बनाने का आह्वान
राजनाथ सिंह ने रक्तदान के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, 'रक्त का निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं हो सकता, किसी प्रयोगशाला में नहीं गढ़ा जा सकता। यह केवल एक स्वस्थ मानव शरीर के भीतर ही बनता है।' उन्होंने सभी नागरिकों — विशेषकर युवाओं — से आग्रह किया कि रक्तदान को एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संस्कृति बनाया जाए।
विकसित भारत और 2047 का विज़न
रक्षामंत्री ने 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के संदर्भ में कहा कि देश का सपना केवल एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक ऐसा संवेदनशील समाज बनाना भी लक्ष्य होना चाहिए जहाँ हर व्यक्ति स्वस्थ और सुरक्षित हो। उन्होंने प्रधानमंत्री की 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' पहलों का उल्लेख करते हुए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
खिलाड़ियों की सराहना
सांगली से आए एथलीटों की प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने आज अपनी शारीरिक क्षमता से भी बड़ी शक्ति — करुणा की शक्ति — का परिचय दिया है। उनके अनुसार, यह रक्तदान राष्ट्र-सेवा के सर्वोच्च रूपों में से एक है और भविष्य में जरूरतमंद जवानों व उनके परिजनों के काम आएगा।