10 अक्टूबर 2026
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राजोडी बीच पर मेगा सफाई अभियान: 2,000 स्वयंसेवकों ने 2 किमी क्षेत्र से हटाया 15 टन कचरा

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राजोडी बीच पर मेगा सफाई अभियान: 2,000 स्वयंसेवकों ने 2 किमी क्षेत्र से हटाया 15 टन कचरा

सारांश

वसई-विरार में 2,000 से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने राजोडी बीच पर एकजुट होकर 15 टन कचरा हटाया — 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के तहत सामुदायिक सहभागिता का यह उदाहरण बताता है कि तटीय स्वच्छता केवल सरकारी ज़िम्मेदारी नहीं, जन-आंदोलन बन सकती है।

मुख्य बातें

वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने 10 अक्टूबर 2026 को राजोडी समुद्र तट पर मेगा स्वच्छता अभियान चलाया।
2,000 से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया।
2 किलोमीटर तटीय क्षेत्र से 15 टन कचरा एकत्रित कर डंपिंग ग्राउंड भेजा गया।
अभियान 'स्वच्छता ही सेवा 2026' और 'सेवा संकल्प अभियान' ( 17 सितंबर–17 अक्टूबर 2026 ) का हिस्सा था।
महापौर अजीव पाटील और आयुक्त पृथ्वीराज बीपी के नेतृत्व में 10 ज़ोन बनाकर सफाई की गई।
अभियान के बाद परिसर में 'सुरुचि' प्रजाति के पौधों का वृक्षारोपण भी किया गया।

वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को विरार पश्चिम स्थित राजोडी समुद्र तट पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया, जिसमें 2,000 से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर 15 टन कचरा एकत्रित किया। यह अभियान 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'स्वच्छता ही सेवा 2026' कार्यक्रम का हिस्सा था, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।

अभियान का नेतृत्व और आयोजन

महापौर अजीव पाटील और महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बीपी के नेतृत्व में सुबह 7:30 बजे अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई। अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे और उपायुक्त अर्चना दिवेके के मार्गदर्शन में पूरे कार्यक्रम को सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया।

तट पर सफाई कार्य को प्रभावी बनाने के लिए 10 ज़ोन निर्धारित किए गए थे। प्रत्येक ज़ोन में महानगरपालिका के प्रभागवार कर्मचारी, सफाईकर्मी और सफाई निरीक्षक तैनात किए गए थे।

मुख्य घटनाक्रम और भागीदारी

अभियान में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों ने स्वेच्छा से श्रमदान किया। राजोडी बीच पर उस दिन पहुँचे पर्यटकों ने भी उत्साहपूर्वक अभियान में हिस्सा लिया।

2 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र की सफाई के लिए जेसीबी मशीन और विशेष बीच क्लीनिंग मशीन का उपयोग किया गया, जिससे रेत में गहरे धँसे कचरे को भी निकाला जा सका। एकत्रित 15 टन कचरे का पृथक्करण कर उसे महानगरपालिका के डंपिंग ग्राउंड भेजा गया।

स्वच्छता संदेश और जागरूकता

अभियान के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, प्लास्टिक के उपयोग से बचने और अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।

गौरतलब है कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा — इसके साथ-साथ तट परिसर में 'सुरुचि' प्रजाति के पौधों का वृक्षारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने का संदेश दिया गया।

आम जनता पर असर और सुविधाएँ

महानगरपालिका ने प्रतिभागियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ कीं। विद्यार्थियों के आवागमन के लिए निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई गई। सफाई कार्य के लिए दस्ताने, मास्क और सफाई सामग्री दी गई। पीने का पानी, नाश्ता और मोबाइल शौचालय की भी व्यवस्था रही।

किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर, एंबुलेंस, अग्निशमन कर्मचारी और अग्निशमन वाहन भी तैनात रखे गए। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए, जिन्होंने प्रतिभागियों में उत्साह बनाए रखा।

क्या होगा आगे

अधिकारियों ने विद्यार्थियों और नागरिकों को भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। 'सेवा संकल्प अभियान' 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, और महानगरपालिका के अनुसार आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एकमुश्त आयोजन टिकाऊ व्यवहार में बदलेगा। महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या वार्षिक सफाई अभियानों से कहीं गहरी है — इसके लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के दीर्घकालिक ढाँचे, डंपिंग की रोकथाम और स्थानीय उद्योगों की जवाबदेही ज़रूरी है। 'स्वच्छता ही सेवा' जैसे अभियान जन-जागरूकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, पर इनकी सफलता तभी मापी जाएगी जब अगले मॉनसून के बाद राजोडी बीच की स्थिति पहले जितनी साफ़ हो।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजोडी बीच पर स्वच्छता अभियान कब और किसने आयोजित किया?
यह अभियान 10 अक्टूबर 2026 को वसई-विरार शहर महानगरपालिका द्वारा विरार पश्चिम स्थित राजोडी समुद्र तट पर आयोजित किया गया। महापौर अजीव पाटील और महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बीपी ने इसका नेतृत्व किया।
इस अभियान में कितने लोगों ने भाग लिया और कितना कचरा हटाया गया?
अभियान में 2,000 से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। 2 किलोमीटर तटीय क्षेत्र की सफाई में कुल 15 टन कचरा एकत्रित किया गया।
'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार के 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत चलाया जा रहा राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम है। वसई-विरार में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है।
सफाई के दौरान किन मशीनों और संसाधनों का उपयोग किया गया?
तट पर जेसीबी मशीन से कचरा एकत्रित किया गया, जबकि रेत में धँसे कचरे को हटाने के लिए विशेष बीच क्लीनिंग मशीन का उपयोग हुआ। एकत्रित कचरे को पृथक्करण के बाद महानगरपालिका के डंपिंग ग्राउंड भेजा गया।
अभियान के बाद राजोडी बीच पर और क्या किया गया?
सफाई अभियान के पश्चात राजोडी बीच परिसर में 'सुरुचि' प्रजाति के पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इससे तटीय स्वच्छता के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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