राजसमंद पुलिस की 'शिकंजा': नशे के खिलाफ 35 मिनट की शॉर्ट फिल्म से युवाओं को जागरूक करने की पहल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के राजसमंद जिले में पुलिस ने युवाओं को नशे की लत के गंभीर दुष्प्रभावों से सचेत करने के लिए 10 जुलाई 2026 को एक अनूठी पहल की शुरुआत की। पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में तैयार 35 मिनट की शॉर्ट फिल्म 'शिकंजा' का पहला प्रदर्शन कांकरोली स्थित सीने स्क्वेयर में किया गया। फिल्म का केंद्रीय संदेश यह है कि नशा महज एक बुरी आदत नहीं, बल्कि एक ऐसा जाल है जो व्यक्ति, उसके परिवार और उसके समूचे भविष्य को तबाह कर देता है।
मुख्य घटनाक्रम
कांकरोली के सीने स्क्वेयर में आयोजित स्क्रीनिंग कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, कांकरोली थानाधिकारी सरोज बैरवा, जाह्नवी कला परिषद के पदाधिकारी, स्थानीय युवा कलाकार और बड़ी संख्या में युवा दर्शक उपस्थित रहे। फिल्म में स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है, जिन्होंने नशे की लत के बढ़ते दुष्प्रभावों को बेहद प्रभावशाली और यथार्थवादी ढंग से पर्दे पर उतारा है।
पुलिस की मंशा और आगे की योजना
मीडिया से बातचीत में एसपी हेमंत कलाल ने कहा कि 'शिकंजा' युवाओं को नशे के खतरों से अवगत कराने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी कॉलेजों और उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यह फिल्म दिखाई जाएगी, ताकि वे समय रहते नशे के जाल से बच सकें। कलाल ने कहा, "युवाओं को लगता है कि वे केवल नशे का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि धीरे-धीरे नशा ही उनका इस्तेमाल करने लगता है।"
दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म देखने आए एक युवा दर्शक ने बताया कि 'शिकंजा' में बेहद वास्तविक तरीके से दिखाया गया है कि किस प्रकार युवा धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं और फिर उससे बाहर निकलना कितना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से परिवार टूट जाते हैं, लोग चोरी जैसे अपराध करने लगते हैं और पूरा भविष्य अंधकार में चला जाता है। उनके अनुसार, इस फिल्म के ज़रिए समाज को एक सकारात्मक और ज़रूरी संदेश देने का प्रयास किया गया है।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह पहल ऐसे समय में आई है जब राजस्थान सहित पूरे देश में युवाओं में नशे की लत एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। गौरतलब है कि पुलिस का यह प्रयास पारंपरिक कानून-प्रवर्तन से आगे जाकर रचनात्मक माध्यमों से समाज में बदलाव लाने की कोशिश है। जाह्नवी कला परिषद के सहयोग से बनी यह फिल्म स्थानीय कलाकारों को भी एक सार्थक मंच प्रदान करती है।
क्या होगा आगे
राजसमंद पुलिस की योजना है कि 'शिकंजा' को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में दिखाया जाए। उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म न केवल युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से आगाह करेगी, बल्कि उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।