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राम कृपाल यादव का तंज: 'कॉकरोच जनता पार्टी' की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बेनकाब

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राम कृपाल यादव का तंज: 'कॉकरोच जनता पार्टी' की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बेनकाब

सारांश

बिहार मंत्री राम कृपाल यादव ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में अलग राजनीतिक दुकान खोलने की कोशिश हो रही है। सीजेपी 5 सितंबर को दिल्ली में फिर सड़क पर उतरने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

सीजेपी ने 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है, यह कहते हुए कि जुलाई आंदोलन के वादे पूरे नहीं हुए।
बिहार मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि सीजेपी की राजनीतिक भूख बढ़ गई है और वह अलग राजनीतिक दल बनाने की कोशिश में है।
एनडीए सरकार ने बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक को विवादित बयान के बाद तत्काल निलंबित किया।
राम कृपाल यादव ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह छात्र मुद्दे पर राजनीतिक लाभ उठाने में लगा है।
सरकार का दावा है कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से कदम उठाए गए हैं।

बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने 25 अगस्त को पटना में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) की राजनीतिक भूख बढ़ गई है। उनका यह बयान उस घोषणा के बाद आया जिसमें सीजेपी ने 5 सितंबर को दिल्ली में एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

सीजेपी का दावा और नई रैली की तैयारी

सीजेपी का आरोप है कि जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान सरकार ने जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसी को आधार बनाकर संगठन ने राजधानी दिल्ली में एक नए विरोध-प्रदर्शन की तैयारी की है। हालाँकि, सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि छात्रों के मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया गया है।

मंत्री यादव का सीधा हमला

राम कृपाल यादव ने कहा कि सीजेपी को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। उनके शब्दों में, इस संगठन से जुड़े लोग 'राजनीति और पद हासिल करने की अपनी महत्वाकांक्षाओं के चलते अलग राजनीतिक दुकान खोलना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है, लेकिन शायद संगठन की महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई हैं।

बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक पर कार्रवाई का बचाव

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के परीक्षा नियंत्रक द्वारा छात्रों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर की गई सरकारी कार्रवाई को राम कृपाल यादव ने उचित ठहराया। उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बयान था। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा छात्रों के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।' उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार ने परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।

विपक्ष पर कटाक्ष

छात्र मुद्दों पर विपक्षी दलों की भूमिका पर भी राम कृपाल यादव ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वह खुद ही मुद्दे खड़े करता रहता है। उनके अनुसार, 'विपक्ष खुद ही एक मुद्दा बन गया है' और वह छात्रों के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ उठाने में लगा है।

आगे क्या

सीजेपी के 5 सितंबर के प्रदर्शन से पहले बिहार की राजनीति में यह बयानबाज़ी तेज़ होने के संकेत हैं। यह देखना होगा कि दिल्ली में होने वाला यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने में कितना कारगर साबित होता है और क्या सरकार जुलाई के वादों को लेकर कोई ठोस जवाब देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति है — छात्र आंदोलन को वैधता देने से पहले ही उसे 'राजनीतिक महत्वाकांक्षा' का लेबल चिपका दो। यह रणनीति नई नहीं है; सत्ता पक्ष अक्सर जन-आंदोलनों को विपक्ष-प्रायोजित बताकर उनकी धार कुंद करने की कोशिश करता है। असली सवाल यह है कि जुलाई में सरकार ने जो वादे किए थे, वे पूरे क्यों नहीं हुए — और बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक के निलंबन जैसे कदम पर्याप्त हैं या सिर्फ दबाव-प्रबंधन।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) क्या है?
सीजेपी एक छात्र-आधारित संगठन है जो बिहार में सरकारी परीक्षाओं और छात्र मुद्दों को लेकर आंदोलन करता रहा है। इसने जुलाई में बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया था और अब 5 सितंबर को दिल्ली में फिर रैली करने की घोषणा की है।
सीजेपी 5 सितंबर को दिल्ली में प्रदर्शन क्यों कर रही है?
सीजेपी का दावा है कि जुलाई के आंदोलन के दौरान सरकार ने जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसी को आधार बनाकर संगठन ने दिल्ली में नई रैली की घोषणा की है।
बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक को क्यों निलंबित किया गया?
बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसे सरकार ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बिहार मंत्री राम कृपाल यादव के अनुसार एनडीए सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
राम कृपाल यादव ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और वह छात्रों के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ के लिए हस्तक्षेप कर रहा है। उनके अनुसार विपक्ष खुद ही एक मुद्दा बन गया है।
क्या सरकार ने छात्रों की माँगें पूरी की हैं?
सरकार का दावा है कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया गया है और समाधान के लिए कदम उठाए गए हैं। हालाँकि सीजेपी इससे असहमत है और कहती है कि जुलाई के वादे अभी अधूरे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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