रांची में प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी का भंडाफोड़: 570 बोतलें बरामद, तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
रांची पुलिस ने 20 अगस्त 2026 को नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को दबोचा और उनके पास से प्रतिबंधित विंग्स ओनेरेक्स कोडीन कफ सिरप की 570 बोतलें बरामद कीं। रातू थाना क्षेत्र के फुटकल टोली, सिमलिया स्थित केयरिंग हैंड्स अस्पताल के निकट एक सुनसान जगह पर हुई इस छापेमारी में तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी रांची के विभिन्न इलाकों में यह प्रतिबंधित सिरप ऊँचे दामों पर अवैध रूप से बेच रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
20 अगस्त को वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि रातू थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित हाजी चौक के पास प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री हो रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल गठित किया गया।
दल ने मौके पर पहुँचकर तीन संदिग्धों को उस समय पकड़ा जब वे पाँच कार्टन में भरी कफ सिरप की डिलीवरी देने की तैयारी में थे। तलाशी में 100 मिलीलीटर की कुल 570 बोतल विंग्स ओनेरेक्स कोडीन कफ सिरप और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है — वहाजुल अंसारी, निवासी जिपुवा मुरपा, बालूमाथ थाना क्षेत्र, लातेहार जिला; शहनवाज अंसारी, निवासी हाजी चौक सिमलिया, रातू थाना क्षेत्र, रांची; और नईम अंसारी, निवासी फुटकल टोली, सिमलिया, रातू थाना क्षेत्र, जिनका स्थायी पता मेलाटांड़, खूंटी जिला बताया गया है।
पुलिस की जाँच और आगे की कार्रवाई
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रांची के विभिन्न इलाकों में यह प्रतिबंधित सिरप ऊँचे दामों पर बेच रहे थे। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और कफ सिरप की आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
छापामारी दल में पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन के अलावा दलादली टीओपी, ठाकुरगांव थाना, पुंदाग ओपी और रातू थाना के पुलिस पदाधिकारी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
आम जनता पर असर
कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा देती है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। गौरतलब है कि कोडीन-आधारित दवाएँ बिना डॉक्टरी पर्चे के बेचना केंद्र सरकार के दवा नियमों के तहत दंडनीय अपराध है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जाँच में आपूर्ति श्रृंखला की पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि इस नेटवर्क की जड़ तक पहुँचा जा सके।