16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रांची: एचईसी बाईपास पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन भी बवाल, सड़क जाम; पुलिस ने किया बल प्रयोग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रांची: एचईसी बाईपास पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन भी बवाल, सड़क जाम; पुलिस ने किया बल प्रयोग

सारांश

रांची में एचईसी और रेलवे की ज़मीन पर बने कथित अवैध निर्माण हटाने का अभियान लगातार दूसरे दिन विवादों में घिरा रहा। महिलाओं सहित स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर प्रशासन को चुनौती दी, और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। विकास बनाम विस्थापन की यह लड़ाई अब और तेज़ होती दिख रही है।

मुख्य बातें

16 सितंबर 2026 को रांची के एचईसी बाईपास रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान का दूसरा दिन भी विरोध प्रदर्शन में बीता।
डीपीएस चौक के पास सड़क जाम से बिरसा चौक-सैटेलाइट चौक के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
महिलाओं का आरोप — सामान निकालने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया; हरतालिका तीज के तुरंत बाद कार्रवाई की गई।
मंगलवार के जाम में दो से ढाई घंटे तक अवरोध रहा; कई लोगों की उड़ानें छूट गईं।
प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही; इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात।

रांची के एचईसी बाईपास रोड इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को लगातार दूसरा दिन भी विवादों में बीता, जब डीपीएस चौक के पास बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

रांची जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बुधवार को भारी पुलिस बल, जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ एचईसी बाईपास रोड पर पहुँची। प्रशासन के अनुसार, एचईसी और रेलवे की ज़मीन पर बने कथित अवैध मकानों एवं निर्माणों को हटाया जा रहा है। जैसे ही टीम ने कुछ मकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू की, स्थानीय निवासी — विशेषकर महिलाएँ — विरोध में सामने आ गईं।

प्रदर्शनकारियों ने बिरसा चौक से सैटेलाइट चौक के बीच मुख्य सड़क पर आवागमन रोक दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सुबह का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

प्रभावितों की आपबीती

विरोध कर रही महिलाओं का कहना था कि वे वर्षों से इस इलाके में रह रही हैं और इस कार्रवाई के कारण उनके परिवारों के सामने आवास का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। निवासियों का आरोप था कि मकान और दुकान हटाने से पहले सामान निकालने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि हरतालिका तीज व्रत के तुरंत बाद उनके घरों पर यह कार्रवाई की गई, जिसे उन्होंने संवेदनहीनता बताया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए समाधान निकालने की माँग की।

मंगलवार का पूर्व घटनाक्रम

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार, 15 सितंबर को भी इस कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने करीब दो से ढाई घंटे तक सड़क जाम रखी थी। उस अवरोध के कारण कई लोगों की उड़ानें तक छूट गई थीं, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा उठानी पड़ी।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के कई शहरों में सरकारी ज़मीन से अतिक्रमण हटाने के अभियान तेज़ हुए हैं, और अक्सर इस तरह की कार्रवाइयाँ विस्थापन बनाम कानूनी अधिकार की बहस को जन्म देती हैं।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि सरकारी और सार्वजनिक ज़मीन पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर निगरानी रख रही हैं ताकि पुनः सड़क अवरोध या तनाव की स्थिति न बने।

आगे क्या होगा

प्रभावित निवासियों की माँग है कि जब तक पुनर्वास का कोई ठोस विकल्प नहीं दिया जाता, कार्रवाई रोकी जाए। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के लिए कोई राहत योजना लेकर आएगा या अभियान उसी गति से जारी रहेगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो प्रशासनिक कुशलता पर भी सवाल उठते हैं। इस मामले में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का कोई ठोस खाका सामने न आना, असल कमज़ोरी है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में एचईसी बाईपास पर अतिक्रमण हटाओ अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
रांची जिला प्रशासन और नगर निगम का कहना है कि एचईसी और रेलवे की सरकारी ज़मीन पर कथित अवैध मकान और निर्माण किए गए हैं, जिन्हें हटाना कानूनी रूप से ज़रूरी है। यह अभियान 15 सितंबर 2026 से शुरू हुआ और सरकारी व सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से जारी है।
स्थानीय निवासियों की मुख्य आपत्तियाँ क्या हैं?
निवासियों का आरोप है कि मकान और दुकान हटाने से पहले सामान निकालने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। महिलाओं ने यह भी कहा कि हरतालिका तीज व्रत के तुरंत बाद कार्रवाई की गई और वर्षों से रह रहे परिवारों के सामने अचानक आवास का संकट खड़ा हो गया।
सड़क जाम से आम जनता पर क्या असर पड़ा?
बिरसा चौक से सैटेलाइट चौक के बीच मुख्य सड़क जाम होने से सुबह के समय यातायात बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मंगलवार को करीब दो से ढाई घंटे तक चले जाम में कई यात्रियों की उड़ानें तक छूट गईं।
पुलिस ने बल प्रयोग क्यों किया?
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा सड़क अवरोध की स्थिति न बने।
क्या प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए कोई पुनर्वास योजना घोषित की है?
अभी तक प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए किसी पुनर्वास योजना का कोई ठोस ऐलान नहीं किया गया है। प्रशासन ने केवल यह कहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 मिनट पहले
  2. कल
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले