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राजसमंद के मोही गांव में बाईपास सड़क पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने CM पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

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राजसमंद के मोही गांव में बाईपास सड़क पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने CM पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

सारांश

राजसमंद के मोही गांव में पंचमुखी चौराहे के पास सरकारी बाईपास सड़क पर कथित अतिक्रमण ने भारी वाहनों की आवाजाही ठप कर दी है। ग्रामीण बार-बार की समझाइश के बाद CM पोर्टल तक पहुंचे; तहसीलदार ने पटवारी जांच के आदेश दिए।

मुख्य बातें

राजसमंद जिले के मोही गांव में पंचमुखी चौराहे के पास सरकारी बाईपास सड़क पर कथित अतिक्रमण का आरोप।
लोहे की एंगल और निर्माण सामग्री डालकर मार्ग संकरा करने से भारी वाहनों की आवाजाही लगभग बंद।
ट्रकों को कस्बे के भीतर से गुज़रने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कार्यालय पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।
तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह ने पटवारी को मौके पर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

राजस्थान के राजसमंद जिले के मोही गांव में सरकारी बाईपास सड़क पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचमुखी चौराहे के निकट बाईपास रोड पर कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने लोहे की एंगल लगाकर और निर्माण सामग्री डालकर मार्ग को इस कदर संकरा कर दिया है कि बड़े वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इस स्थिति से आम नागरिकों और स्कूली बच्चों को रोज़ाना गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

ग्रामीणों के अनुसार, यह बाईपास सड़क सरकार ने विशेष रूप से इसलिए बनवाई थी ताकि भारी वाहन कस्बे के बाहर से निकल सकें और आंतरिक मार्गों पर यातायात का दबाव कम हो। किंतु अब कथित अतिक्रमण के चलते ट्रक और अन्य भारी वाहन इस मार्ग का उपयोग करने में असमर्थ हैं और उन्हें मजबूरन कस्बे के भीतर से गुज़रना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति इस भूमि को अपनी खातेदारी ज़मीन बताते हैं और विरोध करने पर विवाद पर उतर आते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अब तक कई बार समझाने के प्रयास किए गए, परंतु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों की आवाज़

स्थानीय ग्रामीण महिला सुशीला देवी ने बताया, 'रास्ता बाधित होने से गांव के लोगों को रोज़ाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है और ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।'

स्थानीय युवक हेमंत पहाड़िया ने आरोप लगाया कि जो भी व्यक्ति इस मार्ग से वाहन लेकर गुज़रने की कोशिश करता है, उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उनके अनुसार, सड़क को निजी रास्ता बताकर लोगों को रोका जाता है, जिससे आम नागरिकों और स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

स्थिति से तंग आकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के ऑनलाइन पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। यह कदम तब उठाया गया जब स्थानीय स्तर पर बातचीत और समझाइश के सभी प्रयास विफल रहे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

राजसमंद तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि प्रशासन को अतिक्रमण संबंधी शिकायत प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पटवारी को मौके पर जाकर जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आगे क्या होगा

पटवारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर राजस्व विभाग यह तय करेगा कि विवादित भूमि सरकारी बाईपास सड़क के अंतर्गत आती है या नहीं। यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमों के तहत हटाने की कार्रवाई अपेक्षित है। ग्रामीणों की नज़र अब प्रशासन की इस जांच पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही तब तक अधूरी है जब तक ज़मीन पर अतिक्रमण न हटे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजसमंद के मोही गांव में बाईपास सड़क पर क्या विवाद है?
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचमुखी चौराहे के पास कुछ प्रभावशाली लोगों ने सरकारी बाईपास सड़क पर लोहे की एंगल और निर्माण सामग्री डालकर मार्ग संकरा कर दिया है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। अतिक्रमण करने वाले इस भूमि को अपनी खातेदारी ज़मीन बताते हैं।
इस अतिक्रमण से आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?
बाईपास बंद होने से ट्रक और भारी वाहन कस्बे के भीतर से गुज़रने पर मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है। स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को लंबे रास्ते से जाना पड़ रहा है और कथित तौर पर मार्ग से गुज़रने की कोशिश पर अभद्र व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय स्तर पर समझाइश के प्रयास विफल रहने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के ऑनलाइन पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
राजसमंद प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
राजसमंद तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और पटवारी को मौके पर जाकर जांच करने व रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
इस विवाद का निपटारा कैसे होगा?
पटवारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर राजस्व विभाग तय करेगा कि विवादित भूमि सरकारी बाईपास सड़क के अंतर्गत आती है या नहीं। अतिक्रमण सिद्ध होने पर नियमों के तहत हटाने की कार्रवाई अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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