रांची में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस ने 4 आरोपी USA-निर्मित पिस्टल सहित दबोचे

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रांची में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस ने 4 आरोपी USA-निर्मित पिस्टल सहित दबोचे

सारांश

रांची पुलिस ने एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश समय रहते नाकाम कर दी। गंगननगर करम चौक पर घेराबंदी कर चार संदिग्धों को USA-निर्मित 9 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल और जिंदा गोलियों सहित दबोचा गया। हथियार के स्रोत और आपराधिक नेटवर्क की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

रांची के सुखदेवनगर थाना पुलिस ने 19 मई 2026 को एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश विफल की।
चार आरोपी — सहदेव तिग्गा, अंकित खलखो, रवि लकड़ा और संदीप कुमार उर्फ बबलू — गंगननगर करम चौक से गिरफ्तार।
बरामदगी में यूएसए-निर्मित अवैध 9 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल , दो जिंदा गोलियाँ और दो महंगे स्मार्टफोन शामिल।
कांड संख्या 179/26 दर्ज; आरोपियों पर आर्म्स एक्ट की धाराएँ लागू, न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू।
पुलिस हथियार के स्रोत और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जाँच कर रही है।

रांची के सुखदेवनगर थाना पुलिस ने 19 मई 2026 को एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते विफल कर दिया। पुलिस के अनुसार, चार संदिग्ध अपराधी एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की योजना बना रहे थे और इसी इरादे से गंगननगर करम चौक के पास एकत्रित हुए थे। इनके पास से यूएसए-निर्मित अवैध 9 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल, दो जिंदा गोलियाँ और दो महंगे स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं।

कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को गुप्त सूचना मिली कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के गंगननगर करम चौक के निकट कुछ अपराधी अत्याधुनिक हथियारों के साथ जमा हुए हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सिटी एसपी की निगरानी में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। इस दल में हटिया और कोतवाली के सहायक पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ सुखदेवनगर थाना पुलिस को भी शामिल किया गया।

घेराबंदी और गिरफ्तारी

पुलिस दल ने गंगननगर करम चौक इलाके को चारों ओर से घेर कर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही चारों युवक फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन जवानों ने तत्परता से पीछा कर सभी को मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से यूएसए-निर्मित ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद हुई, जिसकी मैगजीन में 9 एमएम की दो जिंदा गोलियाँ लोड थीं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है — सहदेव तिग्गा (35 वर्ष), अंकित खलखो (22 वर्ष), रवि लकड़ा (26 वर्ष) और संदीप कुमार उर्फ बबलू (40 वर्ष)। सहदेव, अंकित और रवि अरगोड़ा थाना क्षेत्र के डुंगरी टोली, हरमू के निवासी हैं, जबकि संदीप सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के गंगननगर रोड नंबर-06 का रहने वाला है।

मामला दर्ज, जाँच जारी

पुलिस ने इस मामले में सुखदेवनगर थाना में कांड संख्या 179/26 दर्ज किया है। आरोपियों पर आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा कायम कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास क्या है और बरामद हथियार की आपूर्ति किस स्रोत से हुई। यह मामला रांची में राजनीतिक हिंसा की बढ़ती आशंकाओं के बीच कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि हथियार के स्रोत और इस साजिश के पीछे के सरगना तक जाँच पहुँच पाती है या नहीं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश क्या थी?
पुलिस के अनुसार, चार संदिग्ध अपराधी एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की योजना बनाकर रांची के गंगननगर करम चौक पर एकत्रित हुए थे। इनके पास यूएसए-निर्मित अवैध 9 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल और जिंदा गोलियाँ बरामद हुईं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान सहदेव तिग्गा (35), अंकित खलखो (22), रवि लकड़ा (26) और संदीप कुमार उर्फ बबलू (40) के रूप में हुई है। सहदेव, अंकित और रवि हरमू के डुंगरी टोली के निवासी हैं, जबकि संदीप गंगननगर रोड नंबर-06 का रहने वाला है।
आरोपियों के खिलाफ कौन-सा मामला दर्ज हुआ है?
सुखदेवनगर थाना में कांड संख्या 179/26 दर्ज की गई है। आरोपियों पर आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस को साजिश की जानकारी कैसे मिली?
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि गंगननगर करम चौक के पास अपराधी अत्याधुनिक हथियारों के साथ जमा हैं। इस पर सिटी एसपी की निगरानी में हटिया, कोतवाली और सुखदेवनगर थाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी टीम बनाई गई।
बरामद हथियार के स्रोत की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
अभी तक पुलिस हथियार के स्रोत और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जाँच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि यूएसए-निर्मित पिस्टल किस नेटवर्क के ज़रिये आरोपियों तक पहुँची।
राष्ट्र प्रेस
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