क्या पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने रानी मुखर्जी को 'वंदे मातरम पुरस्कार' से नवाजा? एक्ट्रेस ने जताया आभार

Click to start listening
क्या पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने रानी मुखर्जी को 'वंदे मातरम पुरस्कार' से नवाजा? एक्ट्रेस ने जताया आभार

सारांश

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने रानी मुखर्जी को 'वंदे मातरम पुरस्कार' से नवाजा। इस पुरस्कार के माध्यम से रानी ने अपने माता-पिता, संस्कृति और जड़ों की बात की। जानिए इस भावुक सम्मान के बारे में और रानी के शब्दों में उनके भावनाओं का क्या महत्व है।

Key Takeaways

  • रानी मुखर्जी को 'वंदे मातरम पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
  • उन्होंने अपने परिवार और संस्कृति का जिक्र किया।
  • यह पुरस्कार उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
  • रानी ने पुरस्कार को विनम्रता और गर्व के साथ स्वीकार किया।
  • बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर का महत्व बताया।

मुंबई, २६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी ३' जल्द ही सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है। इससे पहले, भारतीय सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने उन्हें 'अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस-वंदे मातरम पुरस्कार' से सम्मानित किया है।

इस विशेष अवसर पर रानी मुखर्जी ने भावुक होकर अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "आज मेरा दिल उन भावनाओं से भरा हुआ है, जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। सिनेमा में अपने तीसरे दशक में यह पुरस्कार मिलना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह केवल मेरे काम की सराहना नहीं है, बल्कि मेरे जड़ों से जुड़ा एक गर्मजोशी भरा स्वागत है। मुझे उम्मीद है कि मैंने पश्चिम बंगाल को गर्व महसूस कराया होगा और आगे भी ऐसा करती रहूंगी।"

रानी ने बताया कि उनका पूरा करियर अधिकांशतः हिंदी फिल्मों में बीता है, लेकिन उनकी जड़ें हमेशा बंगाली रही हैं। उन्होंने कहा, "मेरी जड़ें मेरे मूल्यों, अनुशासन, कला और साहित्य के प्रति प्रेम में स्पष्ट दिखती हैं। मैं जीवन को लचीलेपन, गर्मजोशी और शांत ताकत के साथ देखती हूं, जो बंगाली संस्कृति का हिस्सा है।"

अभिनेत्री ने अपने परिवार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मैं एक ऐसे घर में बड़ी हुई, जहां संस्कृति को जीने का हिस्सा माना जाता था। संगीत, सिनेमा, कहानियां और बौद्धिक बातचीत हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थीं। इस सबके केंद्र में मेरी मां थीं। मेरे माता-पिता, जो गर्व से बंगाली थे, ने मुझे सिखाया कि असली ताकत जोर-जबरदस्ती में नहीं होती। उन्होंने शालीनता, आत्म-सम्मान और गरिमा के साथ अपनी बात पर अडिग रहना सिखाया।"

रानी ने अपने करियर की हिम्मत का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा, "जो भी साहस मैंने फिल्मों में दिखाया या फैसले लिए, वह मेरे माता-पिता को ईमानदारी से जीवन जीते देखकर आया। यह सम्मान उतना मेरा है, जितना उनका। काश मेरी मां आज यहां होती। मुझे दुख है कि मैं समारोह में नहीं जा पाई, लेकिन इस बड़े सम्मान के लिए मैं दिल से धन्यवाद देती हूं।"

अभिनेत्री ने अंत में बंगाल की महान परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "बंगाल हमेशा विचारकों, कवियों, विद्रोहियों और कलाकारों की भूमि रहा है। रविंद्रनाथ टैगोर से लेकर सत्यजीत रे तक, इस मिट्टी ने भारत को ऐसे लोग दिए जिन्होंने सोचने और महसूस करने का तरीका बदल दिया। इस भूमि से पहचान पाना मेरे लिए एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं इस पुरस्कार को विनम्रता, गर्व और नई जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करती हूं। मैं भारतीय सिनेमा में ईमानदारी से काम करते रहूंगी और बंगाल के उन मूल्यों के लायक बनी रहूंगी जो मुझे मिले हैं।"

रानी ने अंत में कहा, "पश्चिम बंगाल, मुझे अपना मानने और इतना प्यार देने के लिए धन्यवाद। यह मेरे लिए अनमोल है। वंदे मातरम।"

Point of View

बल्कि यह भारतीय सिनेमा में उनकी भूमिका को भी उजागर करता है। यह पुरस्कार उनके कार्यों और बंगाली संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे सम्मान युवा अभिनेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

रानी मुखर्जी ने किस पुरस्कार से सम्मानित किया?
रानी मुखर्जी को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल द्वारा 'वंदे मातरम पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
रानी मुखर्जी ने पुरस्कार प्राप्त करने पर क्या कहा?
रानी मुखर्जी ने पुरस्कार प्राप्त करने पर कहा कि यह उनके लिए एक बहुत बड़ी बात है और यह उनके जड़ों से जुड़ा हुआ है।
Nation Press