रविकांत ने PM मोदी से की मुलाकात, भेंट की किताब 'लीडिंग फ्रॉम द बैक'
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित उद्योग नेता डॉ. रविकांत ने शनिवार, 18 जुलाई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें अपनी नवीनतम पुस्तक 'लीडिंग फ्रॉम द बैक – टू अचीव द इम्पॉसिबल' की एक प्रति भेंट की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की।
कौन हैं डॉ. रविकांत
डॉ. रविकांत 50 वर्षों के कॉर्पोरेट अनुभव के साथ एक्सट्रैक्टिव, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटोमोबाइल उद्योग में वैश्विक समूहों का नेतृत्व कर चुके हैं। उनकी सबसे हालिया भूमिका टाटा समूह में वाइस चेयरमैन की रही। वे यूके की वारविक यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्रियल प्रोफेसर और आईआईटी खड़गपुर में विशिष्ट प्रोफेसर के रूप में भी कार्यरत हैं।
टाटा समूह में उनकी भूमिका
डॉ. रविकांत ने टाटा मोटर्स में सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया और बाद में बोर्ड के वाइस चेयरमैन बने। उनके नेतृत्व में कंपनी का राजस्व $1.5 बिलियन से बढ़कर $39 बिलियन तक पहुँचा। उन्होंने यूके में जगुआर लैंड रोवर और दक्षिण कोरिया में टाटा देवू के अधिग्रहण का नेतृत्व किया, इसके अलावा टाटा मोटर्स थाईलैंड सहित कई अंतरराष्ट्रीय उद्यम स्थापित किए।
विस्तृत कॉर्पोरेट अनुभव
डॉ. रविकांत टाटा एडवांस्ड मैटेरियल्स, हिस्पानो कैरोसेरा (स्पेन), टाटा मोटर्स यूरोपियन टेक्निकल सेंटर (यूके), टाटा मार्को पोलो और टाटा देवू के चेयरमैन रहे हैं। साथ ही वे टाटा इंडस्ट्रीज, वोल्टास, वेदांता लिमिटेड और जगुआर लैंड रोवर के निदेशक मंडल में भी रहे। वे फिलिप्स इंडिया, कोन लिमिटेड (हेलसिंकी), हॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड और एक्सेंचर इंडिया के बोर्ड में भी सेवाएँ दे चुके हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
डॉ. रविकांत ने मेयो कॉलेज से स्नातक की शिक्षा ली; आईआईटी खड़गपुर से बीटेक (ऑनर्स); एस्टन यूनिवर्सिटी, बर्मिंघम से इंडस्ट्री मैनेजमेंट टेक्नीक में एमएससी; और उसी विश्वविद्यालय से डीएससी (ऑनर्स) की उपाधि प्राप्त की। उनकी यह पुस्तक दशकों के वैश्विक नेतृत्व अनुभव का निचोड़ मानी जा रही है।