2036 ओलंपिक की कामना लेकर हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पर निकलीं उत्तराखंड खेल मंत्री रेखा आर्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने 10 अगस्त 2026 को सोमवार की सुबह हरिद्वार की पवित्र हर की पौड़ी से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने गंगाजल लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2036 ओलंपिक को भारत में आयोजित कराने के संकल्प की सिद्धि के लिए मां गंगा से आशीर्वाद माँगा। यह यात्रा ऋषिकेश स्थित वीरभद्र महादेव मंदिर पर संपन्न होगी।
यात्रा का उद्देश्य और मार्ग
रेखा आर्य की यह कांवड़ यात्रा लगभग 22 किलोमीटर लंबी है, जो हर की पौड़ी से प्रारंभ होकर ऋषिकेश के प्रसिद्ध वीरभद्र महादेव मंदिर पर समाप्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा संतों के आशीर्वाद से शुरू हुई है और संतों के आशीर्वाद से ही पूर्ण होगी।
मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री का राष्ट्रीय संकल्प है कि 2036 का ओलंपिक भारत की मेजबानी में हो। भारत खेल के क्षेत्र में महाशक्ति बने। इस संकल्प को ऊर्जा देने के लिए उत्तराखंड की देवभूमि से बेहतर स्थान नहीं हो सकता।'
खेल और भक्ति का संगम
रेखा आर्य ने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं माना। उनके अनुसार यह यात्रा देश के खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और संकल्प भरने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह कांवड़िए रेस वॉक करते हुए भक्ति भाव से आगे बढ़ते हैं, उसी तरह हमारे खिलाड़ी भी मेहनत और समर्पण से देश के लिए मेडल लाएं।'
उन्होंने भगवान भोलेनाथ से यही आशीर्वाद माँगा कि 2036 में भारत ओलंपिक की मेजबानी करे और भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाएं। खेल मंत्री के रूप में उन्होंने इस राष्ट्रीय संकल्प को बल देना अपना दायित्व बताया।
संत समाज की प्रतिक्रिया
रेखा आर्य की इस पहल को संत समाज ने भी सराहा। अखाड़ा परिषद निरंजनी गुट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा, 'अगर पूरे भारत में ऐसे कैबिनेट मंत्री हों, तो सनातन धर्म का परचम हमेशा ऊँचा लहराता रहेगा। मैं कैबिनेट मंत्री को उनके प्रयासों के लिए दिल से आशीर्वाद और सराहना देता हूँ।'
2036 ओलंपिक की भारत में दावेदारी
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है। उत्तराखंड जैसे राज्यों में मंत्रिस्तरीय पहल इस राष्ट्रीय अभियान को ज़मीनी समर्थन देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
आने वाले समय में भारत की ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की समीक्षा प्रक्रिया से गुज़रेगी, जिसमें देश की खेल अवसंरचना और प्रशासनिक तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।