मीर आलम टैंक को वर्ल्ड-क्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की राह पर हैदराबाद, CM रेवंत रेड्डी ने किया औचक निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 27 अगस्त 2026 को हैदराबाद के ऐतिहासिक मीर आलम टैंक में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत इस जलाशय को हैदराबाद का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने क्या देखा और क्या निर्देश दिए
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने निरीक्षण के दौरान फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत की गई विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टैंक क्षेत्र को वर्ल्ड-क्लास डिज़ाइन और पर्यटकों के अनुकूल सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सीवेज का पानी टैंक में न जाए और नहर को चौड़ा किया जाए ताकि बाढ़ का पानी आसानी से मूसी नदी में प्रवाहित हो सके।
पर्यटन और वॉटर स्पोर्ट्स की संभावनाएँ
अधिकारियों को वॉटर स्पोर्ट्स और अन्य पर्यटन गतिविधियों की संभावनाएँ तलाशने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने टैंक के भीतर मौजूद तीन द्वीपनुमा क्षेत्रों को आकर्षक ढंग से विकसित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इन्हें सिंगापुर के प्रसिद्ध 'गार्डन्स बाय द बे' की तर्ज पर विकसित किया जाए, जहाँ पक्षी-अभयारण्य और झरने भी हों।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि मीर आलम टैंक, हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित होने के कारण, एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की असाधारण क्षमता रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार मूसी रिवरफ्रंट समेत कई जलाशयों के पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आइकॉनिक सस्पेंशन ब्रिज परियोजना
मीर आलम टैंक पर निर्माणाधीन केबल-स्टे ब्रिज इस परियोजना का केंद्रबिंदु है। ₹430 करोड़ की लागत वाला यह ब्रिज 2.65 किलोमीटर लंबा और 22.2 मीटर चौड़ा होगा, जो शास्त्रीपुरम को चिंतलमेट रोड से जोड़ेगा। इसे 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
गौरतलब है कि यह ब्रिज माधापुर के आईटी हब में स्थित दुर्गम चेरुवु ब्रिज के बाद हैदराबाद का दूसरा आइकॉनिक ब्रिज बनने की उम्मीद है, जो शहर के स्काईलाइन को एक नई पहचान देगा।
निरीक्षण में शामिल एजेंसियाँ
इस औचक निरीक्षण में मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड और नगरपालिका अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि विकास कार्य इस प्रकार हो जिससे टैंक के आसपास का पर्यावरण और बुनियादी ढाँचा दोनों सुधरें और पर्यटकों को एक अविस्मरणीय अनुभव मिले।
आगे की राह
मीर आलम टैंक परियोजना तेलंगाना सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत हैदराबाद को एक वैश्विक पर्यटन और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जाना है। यदि परियोजना समय पर पूरी होती है, तो यह शहर के पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय जोड़ेगी।