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आरएसएस शताब्दी वर्ष: धनबाद युवा संगोष्ठी में 'पंच परिवर्तन' पर जोर, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर मंथन

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आरएसएस शताब्दी वर्ष: धनबाद युवा संगोष्ठी में 'पंच परिवर्तन' पर जोर, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर मंथन

सारांश

आरएसएस के शताब्दी वर्ष में धनबाद की युवा संगोष्ठी महज एक औपचारिक आयोजन नहीं थी — यह संघ के 'पंच परिवर्तन' के पाँच सूत्रों को जमीनी स्तर पर युवाओं तक पहुँचाने की कोशिश थी। पर्यावरण से लेकर कुटुंब प्रबोधन तक, संदेश स्पष्ट था: राष्ट्र निर्माण सरकार का नहीं, समाज का काम है।

मुख्य बातें

आरएसएस ने शताब्दी वर्ष के तहत धनबाद के आईआईटी (आईएसएम) जीजेएलटी सभागार में युवा संगोष्ठी आयोजित की।
मुख्य वक्ता राकेश लाल (बिहार-झारखंड क्षेत्र, सामाजिक सद्भाव संयोजक) ने 'पंच परिवर्तन' के पाँच सूत्र — पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य — को सामाजिक बदलाव का आधार बताया।
संघ ने रेखांकित किया कि 100 वर्षों में करोड़ों लोगों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा गया है।
महानगर संघचालक नित्यानंद पांडेय ने युवाओं के चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व को 'समय की आवश्यकता' बताया।
कार्यक्रम में सरकारी, गैर-सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों के युवा प्रतिभागी शामिल हुए; जातिगत भेदभाव समाप्त करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 20 जुलाई 2025 को धनबाद के आईआईटी (आईएसएम) धनबाद स्थित जीजेएलटी सभागार में एक युवा संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और नागरिक दायित्वों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। यह आयोजन संघ के देशव्यापी जनसंपर्क एवं संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के बिहार-झारखंड क्षेत्र के सामाजिक सद्भाव संयोजक राकेश लाल ने कहा कि संगठन 100 वर्ष पूरे कर रहा है और इस अवधि में उसने राष्ट्र निर्माण के अभियान में भारतवर्ष के करोड़ों लोगों को एक सूत्र में जोड़ा है। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।

'पंच परिवर्तन' — बदलाव के पाँच आधार

राकेश लाल ने संघ के 'पंच परिवर्तन' अभियान का विस्तार से उल्लेख किया और पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन तथा नागरिक कर्तव्यों को सामाजिक बदलाव का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी उतनी ही आवश्यक है।

युवाओं से संवाद और प्रमुख आह्वान

संगोष्ठी में युवाओं के साथ एक विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चुनौतियों और युवाओं की भूमिका से जुड़े प्रश्नों पर खुलकर चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त करने, परिवार संस्था को सुदृढ़ बनाने, जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

महानगर संघचालक का संदेश

महानगर संघचालक नित्यानंद पांडेय ने कहा कि युवा समाज और देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं, और उनके चरित्र निर्माण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में सरकारी, गैर-सरकारी, अर्धसरकारी संस्थानों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवा प्रतिभागी शामिल हुए।

आगे क्या

आरएसएस के शताब्दी वर्ष के तहत इस प्रकार के जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला देशभर में जारी रहने की संभावना है, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय मूल्यों और सामाजिक दायित्वों से जोड़ना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर्यावरण, जल संरक्षण और जातिगत भेदभाव जैसे मुद्दों पर संघ की जमीनी कार्यवाही कितनी प्रभावी रही है, यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर केवल संगोष्ठियों से नहीं, बल्कि मापनीय सामाजिक परिवर्तन से मिलेगा। युवाओं को जोड़ने की यह कोशिश तब और सार्थक होगी जब 'संवाद सत्र' ठोस सामुदायिक कार्यक्रमों में बदलें।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस का 'पंच परिवर्तन' अभियान क्या है?
'पंच परिवर्तन' आरएसएस का एक सामाजिक बदलाव अभियान है जिसके पाँच स्तंभ हैं — पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य। धनबाद संगोष्ठी में इन्हीं पाँच सूत्रों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया गया।
धनबाद युवा संगोष्ठी कहाँ और कब आयोजित हुई?
यह संगोष्ठी 19 जुलाई 2025 को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के जीजेएलटी सभागार में आयोजित हुई। यह आरएसएस के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था।
आरएसएस शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम क्यों आयोजित किए जा रहे हैं?
आरएसएस 2025 में अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संगठन देशभर में जनसंपर्क, संवाद और युवा-केंद्रित कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिनका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को व्यापक समाज तक पहुँचाना है।
संगोष्ठी में किन सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई?
कार्यक्रम में जातिगत भेदभाव समाप्त करने, परिवार संस्था को मजबूत बनाने, जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। युवाओं के साथ एक विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
संगोष्ठी में सरकारी, गैर-सरकारी, अर्धसरकारी संस्थानों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवा प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य वक्ता राकेश लाल (बिहार-झारखंड क्षेत्र, सामाजिक सद्भाव संयोजक) और महानगर संघचालक नित्यानंद पांडेय ने संबोधित किया।
राष्ट्र प्रेस
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