रूपा गांगुली ने बंगाल में डबल इंजन सरकार के विकास की उम्मीद जताई
सारांश
Key Takeaways
- रूपा गांगुली ने भाजपा के समर्थन में आभार व्यक्त किया है।
- बंगाल में डबल इंजन सरकार के विकास की संभावनाएं।
- सरकारी पदों की भर्ती में पारदर्शिता का वादा।
- टीएमसी की सरकार पर सवाल उठाए गए हैं।
- जनता को परिवर्तन के लिए वोट देने का संदेश।
कोलकाता, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने गुरुवार को 111 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। भाजपा ने सोनारपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से रूपा गांगुली को अपना प्रत्याशी बनाया है।
कोलकाता में भाजपा प्रत्याशी रूपा गांगुली ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में टिकट मिलने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि जहां मुझे प्रत्याशी बनाया गया है, वहां टीएमसी की एक महिला विधायक हैं। इसके अलावा, वामपंथी दल से भी एक महिला उम्मीदवार हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम तीनों महिलाएं हैं। मैं उनका सम्मान करती हूं और अपनी बात जनता के सामने रखूंगी। जनता ने टीएमसी को वर्षों तक मौका दिया है, लेकिन उन्हें न्याय और शांति नहीं मिली। अब जनता को यह सोचना होगा कि उन्हें न्याय और शांति चाहिए तो उन्हें परिवर्तन के लिए वोट देना होगा।
भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि बंगाल की स्थिति यह है कि अधिकांश स्थानों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं हैं। कुछ जगहों पर अगर स्वास्थ्य केंद्र हैं, तो वहां सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यदि बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनती है, तो विकास होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद 26 दिसंबर 2026 तक सभी खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी पद बिना किसी रिश्वत के भरे जाएंगे। यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। सब कुछ पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल की जनता से कहना चाहूंगी कि राज्य में राजनीति का तरीका ऐसा है कि जो लोग वर्तमान में सत्ता में हैं, वे केवल अपनी पसंद के लोगों को ही काम देंगे। पीएम आवास योजना भी वे केवल अपने लोगों को देंगे, जिससे आम जनता को सुविधाएं नहीं मिलती हैं। टीएमसी की सरकार और उनके नेता सिर्फ अपनी जेब भरना चाहते हैं। कानून व्यवस्था इतनी खराब है कि 6 हजार से अधिक फैक्ट्रियों और कंपनियों ने यहाँ से अलविदा ले लिया है।
उन्होंने बंगाल में अधिकारियों के तबादले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को नियुक्त किया जा रहा है, वे अनपढ़ नहीं हैं। वे आईएएस अधिकारी और अन्य जगहों के डीएम भी हैं। समस्या यह है कि ये अधिकारी उनकी जान-पहचान के नहीं हैं, जो उनके इशारे पर काम कर सकें।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है। मुझे बोलने का अधिकार नहीं है, लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि जो अधिकारी आ रहे हैं वे भी योग्य हैं।