क्या पद्मश्री सम्मान मिलने पर आरवीएस मणि ने सुरक्षा की नींव खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को बताया?

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क्या पद्मश्री सम्मान मिलने पर आरवीएस मणि ने सुरक्षा की नींव खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को बताया?

सारांश

आरवीएस मणि ने पद्मश्री सम्मान मिलने पर इसे गर्व और खुशी का पल बताया। उन्होंने सुरक्षा के लिए खुफिया एजेंसियों के महत्व को समझाया और इसे देश की सेवा में सभी कर्मियों को समर्पित किया। उनकी बातों में सुरक्षा व्यवस्था की नींव और सच की जीत पर जोर दिया गया।

मुख्य बातें

आरवीएस मणि को पद्मश्री सम्मान मिला है।
खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा व्यवस्था की नींव इन एजेंसियों के काम पर टिकी है।
सच्चाई की हमेशा जीत होती है।
यह सम्मान सभी सुरक्षा कर्मियों को समर्पित है।

चंडीगढ़, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि को पद्मश्री सम्मान मिलने पर उन्होंने इसे अपने जीवन का एक बहुत ही खुशहाल और गर्व का पल बताया। उनका कहना है कि यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए खुशी का अवसर है।

आरवीएस मणि ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है। हम सभी बेहद खुश हैं। हम एक बड़े अभियान में एक अहम पड़ाव तक पहुंचे हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दिल से आभार व्यक्त करता हूं।"

उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आई चुनौतियों का भी जिक्र किया। मणि ने कहा कि हर पेशे में चुनौतियां होती हैं और उनके जीवन में भी ऐसा ही रहा। उन्होंने बताया कि सबसे अहम बात यह थी कि उन्होंने हमेशा खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों से मिलने वाली जानकारियों पर पूरा भरोसा किया। उन्होंने कहा, "हमारी सुरक्षा व्यवस्था की नींव इन्हीं एजेंसियों के काम पर टिकी होती है। इनकी भूमिका अमूल्य है।"

मणि ने एजेंसियों की तुलना खनन करने वालों से करते हुए कहा कि वे देश के खिलाफ रची जा रही साजिशों और खतरों की गहराई से पड़ताल करके उनका पता लगाते हैं, ताकि समय रहते उन्हें रोका जा सके। उनके अनुसार, यह काम बेहद कठिन और जोखिम भरा होता है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जरूरी भी।

उन्होंने अपने एक अहम फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि तमाम दबावों के बावजूद उन्होंने जो रुख अपनाया, उसे न्यायपालिका ने सही और वैध माना। मणि ने कहा, "समय-समय पर सच सामने आता रहा है और यह साबित हुआ है कि सच की हमेशा जीत होती है, जैसा कि हमारे राष्ट्रीय प्रतीक ‘सत्यमेव जयते’ में कहा गया है।"

उन्होंने कहा कि आज यह सिद्धांत एक बार फिर पूरी तरह से और साफ तौर पर साबित हुआ है। उनके मुताबिक, यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा का परिणाम है, बल्कि उन सभी लोगों के योगदान का सम्मान भी है जिन्होंने देश की सुरक्षा और प्रशासन में निष्ठा से काम किया।

आरवीएस मणि ने अंत में कहा कि वे इस सम्मान को देश की सेवा में लगे सभी कर्मियों और एजेंसियों को समर्पित करते हैं, जिनकी मेहनत और समर्पण से भारत सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आरवीएस मणि का सम्मान एक ऐसा क्षण है जो न केवल उनकी मेहनत को दर्शाता है, बल्कि यह देश की सुरक्षा में काम कर रहे सभी कर्मियों की मेहनत का भी सम्मान है। यह महत्वपूर्ण है कि हम खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को समझें और उन्हें सही मान्यता दें।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरवीएस मणि को पद्मश्री सम्मान कब मिला?
आरवीएस मणि को पद्मश्री सम्मान 26 जनवरी को मिला।
आरवीएस मणि ने खुफिया एजेंसियों के बारे में क्या कहा?
आरवीएस मणि ने खुफिया एजेंसियों को सुरक्षा व्यवस्था की नींव बताया और उनकी भूमिका को अमूल्य बताया।
राष्ट्र प्रेस
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