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अग्निवीर रोलबैक पर सचिन पायलट का हमला: 'राहुल गांधी सही साबित, सरकार ने गलती मानी'

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अग्निवीर रोलबैक पर सचिन पायलट का हमला: 'राहुल गांधी सही साबित, सरकार ने गलती मानी'

सारांश

अग्निवीर में 25 से 75 प्रतिशत स्थायी भर्ती का बदलाव हो या फॉर्म-6 में सुधार — कांग्रेस नेता सचिन पायलट इसे सरकार की गलती की स्वीकृति बता रहे हैं। उनका दावा है कि राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए, सरकार उन्हीं पर बैकफुट पर है।

मुख्य बातें

सचिन पायलट ने 5 नवंबर 2026 को जयपुर में कहा कि अग्निवीर योजना में रोलबैक सरकार की गलती की स्वीकृति है।
सरकार ने अग्निवीर के तहत स्थायी भर्ती का अनुपात 25% से बढ़ाकर करीब 75% करने का बदलाव किया है।
पायलट ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने की जिम्मेदारी तय करने की माँग की।
पंजाब में 12 साल की केंद्र सरकार के बावजूद नशा संकट और बेरोजगारी पर BJP से जवाब माँगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के राहुल गांधी पर दिए बयान को पायलट ने अनुचित बताया और पलटवार किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को जयपुर में मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर अग्निवीर योजना में बदलाव को लेकर तीखा हमला बोला और दावा किया कि यह रोलबैक साबित करता है कि राहुल गांधी की आपत्तियाँ शुरू से सही थीं। पायलट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप भी लगाया।

अग्निवीर रोलबैक पर पायलट का आरोप

पायलट ने कहा, 'सरकार ने अग्निवीर योजना को लेकर जो रोलबैक किया है, ऐसा हम पहले भी देख चुके हैं। राहुल गांधी ने जो बातें कही थीं, वे धीरे-धीरे सही साबित होती जा रही हैं।' उन्होंने तीन कृषि कानूनों की वापसी और जनगणना के मुद्दे पर सरकार के पुराने रुख-परिवर्तन का हवाला देते हुए इसे एक पैटर्न करार दिया।

पायलट ने सवाल उठाया कि जब पहले स्थायी भर्ती की व्यवस्था थी, तो अग्निवीर योजना लाने की ज़रूरत क्यों पड़ी और अब 25 प्रतिशत से बढ़ाकर करीब 75 प्रतिशत तक भर्ती में बदलाव का क्या औचित्य है। उनके अनुसार चार साल बाद सेना से बाहर होने वाले युवा खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं और सरकार की इस नीति ने उन्हें निराश किया।

चुनाव आयोग और फॉर्म-6 पर निशाना

पायलट ने चुनाव आयोग के फॉर्म-6 में बदलाव को भी सरकार की 'कोर्स करेक्शन' का हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए, जो संविधान प्रदत्त मताधिकार के साथ खिलवाड़ था। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग को एक निजी संस्थान की तरह संचालित किया।

पायलट ने कहा कि अब जो सुधार किए जा रहे हैं, वे बहुत देर से आए हैं। उनके अनुसार जहाँ वोटों से खिलवाड़ हो चुका है, वहाँ बाद में सुधार का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

पंजाब, नशा संकट और BJP पर हमला

पंजाब में नशे की समस्या पर पायलट ने BJP से पूछा कि पाकिस्तान सीमा से आने वाले नशीले पदार्थों को रोकने के लिए पिछले 12 वर्षों की केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव नज़दीक आते ही BJP 'नशामुक्त पंजाब' का वादा कर रही है, लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए उसने राज्य को कोई विशेष पैकेज या ठोस नीति नहीं दी।

आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी पायलट ने निशाना साधते हुए कहा कि उसके सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो गए हैं और पंजाब की जनता का उस पर से विश्वास उठ चुका है।

BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर तंज

BJP की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली को पायलट ने विरोधाभासी बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के ज़िम्मेदार हैं और जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनका लोकतंत्र बचाने का दावा आश्चर्यजनक है।

रिजिजू के बयान पर पलटवार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की राहुल गांधी को दी गई सलाह पर पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि रिजिजू को दूसरों को सलाह देने से पहले अपनी सरकार और नेतृत्व को आत्मचिंतन करने की सलाह देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और किसानों की पीड़ा समझने का समय है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में आगामी चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हैं और कांग्रेस BJP तथा AAP दोनों को एक साथ घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। पायलट के अनुसार राहुल गांधी की रैलियों में बड़ी भीड़ जुट रही है, जो जनता के बदलाव की माँग का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या उसे महज़ राजनीतिक दबाव में 'रोलबैक' कहना उचित है? चुनाव आयोग पर आरोप गंभीर हैं और मतदाता सूची से साढ़े 13 करोड़ नाम काटे जाने का दावा सत्यापन माँगता है। विपक्ष के ये आरोप तब और वज़नदार होते, जब वे आँकड़ों और दस्तावेज़ों से समर्थित होते — केवल बयानबाज़ी से संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन पायलट ने अग्निवीर योजना पर क्या कहा?
सचिन पायलट ने कहा कि सरकार का अग्निवीर योजना में रोलबैक — जिसमें स्थायी भर्ती 25% से बढ़ाकर करीब 75% करने का बदलाव शामिल है — साबित करता है कि राहुल गांधी की चिंताएँ शुरू से सही थीं। उन्होंने इसे तीन कृषि कानूनों की वापसी जैसे पुराने रोलबैक से जोड़ा।
अग्निवीर योजना में क्या बदलाव किया गया है?
पायलट के बयान के अनुसार सरकार ने अग्निवीर योजना के तहत स्थायी भर्ती का अनुपात 25% से बढ़ाकर करीब 75% करने का फैसला लिया है। पहले इस योजना में चार साल की सेवा के बाद केवल 25% अग्निवीरों को स्थायी किया जाता था।
पायलट ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
पायलट ने आरोप लगाया कि साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए और फॉर्म-6 में बदलाव इस बात का संकेत है कि पहले के फैसले गलत थे। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग को निजी संस्थान की तरह चलाने का आरोप लगाया।
पायलट ने पंजाब के नशा संकट पर BJP से क्या पूछा?
पायलट ने कहा कि पाकिस्तान सीमा से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 12 साल की केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। चुनाव से पहले BJP का 'नशामुक्त पंजाब' का वादा महज़ राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश बताया।
किरेन रिजिजू के बयान पर पायलट ने क्या जवाब दिया?
पायलट ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को राहुल गांधी को सलाह देने की बजाय अपनी सरकार का आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की बेरोजगारी और पीड़ा को समझना इस वक्त की प्राथमिकता होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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