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सहयोग शिविर पर JDU अध्यक्ष संजय झा की सराहना, पटना कोचिंग विवाद पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान

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सहयोग शिविर पर JDU अध्यक्ष संजय झा की सराहना, पटना कोचिंग विवाद पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान

सारांश

JDU अध्यक्ष संजय झा ने एक ही प्रेस वार्ता में कई बड़े मुद्दों पर बात की — सहयोग शिविर की तारीफ, पटना कोचिंग विवाद पर कार्रवाई का वादा, नीट लीक पर राहुल गांधी को जवाब, और 21 जून को नीतीश कुमार की JDU अध्यक्ष पद पर वापसी का संकेत।

मुख्य बातें

JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने 16 जून 2026 को पटना में सहयोग शिविर को जनोपयोगी पहल बताया।
पटना कोचिंग विवाद में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत पर संवेदना जताई; दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का वादा।
नीट पेपर लीक पर सरकार की त्वरित कार्रवाई का बचाव; राहुल गांधी पर 'आपदा में अवसर' तलाशने का आरोप।
21 जून 2026 को JDU राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में नीतीश कुमार को फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने का स्वागत; 85% वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति इसी मार्ग से।
PM मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को सराहा।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने 16 जून 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में सहयोग शिविर को एक सराहनीय और जनोपयोगी पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि इस शिविर के ज़रिए आम लोगों की समस्याओं का निदान मौके पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सहयोग शिविर की पृष्ठभूमि और जनसमर्थन

झा ने बताया कि इससे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इसी तर्ज पर 'जनता के दरबार में सीएम' अभियान चलाया था, जिसमें आम नागरिकों की समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर सुनी जाती थीं। उन्होंने उदाहरण दिया कि उस दौर में दशरथ माझी जैसे सामान्य व्यक्ति को भी कुर्सी पर बैठाकर उनकी बात सुनी गई थी। गौरतलब है कि यह नई पहल उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

पटना कोचिंग विवाद पर कड़ा रुख

संजय झा ने पटना में जारी कोचिंग विवाद को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि इस विवाद को जन्म देने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'सबकुछ दूध का दूध और पानी का पानी होगा — जिन लोगों ने भी गलत किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर भी शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। झा ने यह भी कहा कि एक समय था जब शिक्षकों को माता-पिता से भी अधिक सम्मान दिया जाता था, लेकिन आज कोचिंग संस्थानों में हिंसा तक की बात होना शिक्षा जगत के लिए चिंताजनक संकेत है।

नीट पेपर लीक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

नीट पेपर लीक मामले पर झा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण तो माना, लेकिन साथ ही कहा कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित की है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 'आपदा में अवसर' तलाशने की आदत से बाज़ नहीं आते। झा ने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुए थे, लेकिन उन्हें कभी स्वीकार नहीं किया गया।

अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया

झा ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत किया और कहा कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल एवं ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आई थी, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा था। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पुनः खुलने का भी स्वागत करते हुए कहा कि विश्व की लगभग 85 फीसद ऊर्जा एवं गैस आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, और इसके खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। उन्होंने इस संघर्ष में जान गँवाने वालों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की।

JDU राष्ट्रीय कार्यकारिणी और नीतीश कुमार की वापसी

झा ने बताया कि 21 जून 2026 को जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित होगी, जिसमें नीतीश कुमार को एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो जनादेश मिला है, वह पार्टी के लिए उत्साहजनक है। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर कहा कि इस कार्यकाल में विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार कब होंगे। 21 जून की कार्यकारिणी बैठक में नीतीश कुमार की अध्यक्ष पद पर वापसी तय मानी जा रही है — यह JDU के भीतर केंद्रीकृत नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है, जो गठबंधन राजनीति में पार्टी की सौदेबाजी शक्ति बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहयोग शिविर क्या है और संजय झा ने इसे क्यों सराहा?
सहयोग शिविर एक सरकारी पहल है जिसमें आम लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाता है। JDU अध्यक्ष संजय झा ने इसे जनोपयोगी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी शिकायत के निपटारे में ढिलाई नहीं चलेगी।
पटना कोचिंग विवाद में प्रिंस यादव की मौत का मामला क्या है?
संजय झा के अनुसार, पटना में जारी कोचिंग विवाद के बीच प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। झा ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और कहा कि विवाद को जन्म देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
JDU की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक कब होगी और उसमें क्या होगा?
JDU की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 21 जून 2026 को होने वाली है। इस बैठक में नीतीश कुमार को एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है।
नीट पेपर लीक पर JDU का क्या रुख है?
JDU अध्यक्ष संजय झा ने नीट पेपर लीक को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन कहा कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित की है। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर राजनीतिक अवसर तलाश रहे हैं।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संजय झा की क्या प्रतिक्रिया रही?
संजय झा ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पुनः खुलने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से विश्व की लगभग 85 फीसद ऊर्जा एवं गैस आपूर्ति होती है, और इसके खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
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