30 जुलाई 2026
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समुद्र प्रदक्षिणा: राजनाथ सिंह ने आईएएसवी त्रिवेणी की महिला क्रू को किया सम्मानित, 314 दिनों में 25,500 समुद्री मील की ऐतिहासिक यात्रा

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समुद्र प्रदक्षिणा: राजनाथ सिंह ने आईएएसवी त्रिवेणी की महिला क्रू को किया सम्मानित, 314 दिनों में 25,500 समुद्री मील की ऐतिहासिक यात्रा

सारांश

314 दिन, चार महासागर, 25,500 समुद्री मील — आईएएसवी त्रिवेणी की त्रि-सेवा महिला क्रू ने 'समुद्र प्रदक्षिणा' पूरी कर इतिहास रचा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में इन्हें सम्मानित करते हुए कहा कि यह अभियान नारी शक्ति और स्वदेशी तकनीक दोनों का प्रमाण है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आईएएसवी त्रिवेणी की महिला क्रू को सम्मानित किया।
टीम ने चार महासागरों में 25,500 समुद्री मील की दूरी 314 दिनों में तय की।
अभियान 11 सितंबर 2025 को शुरू हुआ और 22 जुलाई 2026 को मुंबई में संपन्न हुआ।
इसमें भारतीय थल सेना , भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की महिला अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
राजनाथ सिंह ने इसे 'नारी शक्ति' और त्रि-सेवाओं के संयुक्त सहयोग का प्रतीक बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारतीय ऑटोनॉमस सरफेस वेसल आईएएसवी त्रिवेणी की त्रि-सेवा महिला क्रू टीम को 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान सफलतापूर्वक पूरा करने पर सम्मानित किया। इस टीम ने चार महासागरों में 25,500 समुद्री मील की दूरी 314 दिनों में तय की — जो भारतीय सशस्त्र बलों की महिला अधिकारियों की अब तक की सबसे लंबी संयुक्त समुद्री यात्रा मानी जा रही है।

अभियान का विवरण

यह यात्रा 11 सितंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फ्लैग-ऑफ की गई थी, जिसमें रक्षा मंत्री ने स्वयं हिस्सा लिया था। 22 जुलाई 2026 को मुंबई में टीम की वापसी पर राजनाथ सिंह ने वर्चुअली स्वागत किया। इस अभियान में भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की महिला अधिकारियों ने एक ही पोत पर एक साझा मिशन के तहत यात्रा की।

रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

महिला अधिकारियों से मुलाकात के दौरान राजनाथ सिंह ने टीम के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने इस उपलब्धि को 'नारी शक्ति' का प्रमाण और त्रि-सेवाओं के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण बताया। रक्षा मंत्री ने कहा, 'आपने साबित कर दिया है कि शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और नेतृत्व के गुण जेंडर तक सीमित नहीं हैं। भारत की हर बेटी आपको देखकर यह विश्वास कर सकती है कि वह भी समुद्र पार कर सकती है और दुनिया जीत सकती है।'

उन्होंने महिला अधिकारियों की काबिलियत और आत्मविश्वास को 'अविश्वसनीय' बताते हुए कहा कि इस अभियान ने उन रूढ़िवादी धारणाओं को तोड़ा है जिनके अनुसार महिलाएं कठिन सैन्य मिशन नहीं कर सकतीं।

स्वदेशी तकनीक और वैश्विक संदेश

राजनाथ सिंह ने आईएएसवी त्रिवेणी को भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और स्वदेशी क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'जब आप दूसरे देशों में गए होंगे, तो आपने बिना कुछ कहे सिर्फ अपनी उपस्थिति से पूरी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि भारत अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत समुद्री क्षेत्र में अपनी स्वदेशी क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने पर ज़ोर दे रहा है।

महिला अधिकारियों के अनुभव

महिला अधिकारियों ने रक्षा मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारी शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के बावजूद देश को गौरवान्वित करने के इरादे ने उन्हें प्रेरित रखा। गौरतलब है कि यह अभियान तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों का पहला संयुक्त दीर्घकालिक समुद्री मिशन है, जो भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

आगे की दिशा

इस अभियान की सफलता के बाद रक्षा मंत्रालय से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस तरह के और संयुक्त त्रि-सेवा अभियानों को प्रोत्साहन मिलेगा। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि 'अगर हम मिलकर आगे बढ़ें, तो कोई भी मंजिल इतनी बड़ी नहीं है जिसे हासिल न किया जा सके।'

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि प्रतीकात्मक उपलब्धियों के साथ-साथ वरिष्ठ कमांड पदों पर महिलाओं की वास्तविक संख्या कितनी बढ़ी है। असली कसौटी यह होगी कि क्या ऐसे अभियान नीतिगत बदलाव में तब्दील होते हैं या सिर्फ सुर्खियों तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान क्या है?
'समुद्र प्रदक्षिणा' भारतीय सशस्त्र बलों की त्रि-सेवा महिला क्रू द्वारा आईएएसवी त्रिवेणी पर किया गया समुद्री परिक्रमा अभियान है, जिसमें 314 दिनों में चार महासागरों में 25,500 समुद्री मील की यात्रा पूरी की गई। यह भारतीय सेना की महिला अधिकारियों का पहला संयुक्त दीर्घकालिक समुद्री मिशन है।
आईएएसवी त्रिवेणी की यात्रा कब शुरू हुई और कब समाप्त हुई?
यह यात्रा 11 सितंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फ्लैग-ऑफ की गई थी और 22 जुलाई 2026 को मुंबई में संपन्न हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों अवसरों पर वर्चुअली हिस्सा लिया।
इस अभियान में किन सेनाओं की महिला अधिकारियों ने भाग लिया?
इस अभियान में भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना — तीनों की महिला अधिकारियों ने एक साथ आईएएसवी त्रिवेणी पर यात्रा की। यह त्रि-सेवाओं के संयुक्त सहयोग का एक दुर्लभ उदाहरण है।
राजनाथ सिंह ने इस अभियान को क्यों महत्वपूर्ण बताया?
रक्षा मंत्री ने इसे 'नारी शक्ति' का प्रमाण और उन रूढ़िवादी धारणाओं को तोड़ने वाला बताया जो महिलाओं की कठिन सैन्य मिशनों में भागीदारी पर सवाल उठाती थीं। उन्होंने इसे भारत की स्वदेशी इंजीनियरिंग क्षमता और त्रि-सेवाओं के तालमेल का भी प्रतीक बताया।
आईएएसवी त्रिवेणी क्या है?
आईएएसवी त्रिवेणी (Indian Autonomous Surface Vessel Triveni) एक स्वदेशी रूप से विकसित स्वायत्त सतही पोत है जो भारत की समुद्री तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। इसी पोत पर तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों ने 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान पूरा किया।
राष्ट्र प्रेस
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