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समुद्र प्रदक्षिणा: 9 वीरांगनाओं ने 314 दिनों में 4 महासागर और 25,500 समुद्री मील जीते

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समुद्र प्रदक्षिणा: 9 वीरांगनाओं ने 314 दिनों में 4 महासागर और 25,500 समुद्री मील जीते

सारांश

314 दिन, चार महासागर, 25,500 समुद्री मील — और नौ महिला अधिकारियों का अटूट हौसला। 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान ने साबित किया कि भारतीय सशस्त्र बलों की महिलाएँ अब केवल परंपरागत भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। यह उपलब्धि नारी शक्ति और तीनों सेनाओं के समन्वय की जीती-जागती मिसाल है।

मुख्य बातें

भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की 9 महिला अधिकारियों ने 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।
अभियान में आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार होकर 314 दिनों में 4 महासागरों में 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की गई।
14 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में मुख्यालय एसडब्लूएसी में आयोजित समारोह में एयर मार्शल पी.वी.
शिवानंद ने सभी अधिकारियों को सम्मानित किया।
समारोह में सीआरपीएफ, बीएसएफ, तटरक्षक बल और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
अभियान को सशस्त्र बलों में महिला सशक्तीकरण और अंतर-सेवा समन्वय के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

भारतीय सशस्त्र बलों की नौ महिला अधिकारियों ने ऐतिहासिक 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण कर देश का मान बढ़ाया। इन अधिकारियों ने भारतीय सेना के सेलिंग पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार होकर 314 दिनों में चार महासागरों में 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की। 14 अगस्त 2026 को अहमदाबाद स्थित मुख्यालय दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (एसडब्लूएसी) में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में इन वीरांगनाओं को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।

अभियान का परिचय और महत्व

'समुद्र प्रदक्षिणा' भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना — तीनों सेनाओं का संयुक्त महिला नौकायन अभियान था। यह अभियान केवल एक लंबी समुद्री यात्रा नहीं था, बल्कि शारीरिक सहनशीलता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और अंतर-सेवा समन्वय की एक असाधारण परीक्षा था। यात्रा के दौरान टीम को बदलते मौसम, प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों और लगातार उभरती चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

सम्मान समारोह और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

मुख्यालय एसडब्लूएसी में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता एयर मार्शल पी.वी. शिवानंद (AVSM, VM), एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिण पश्चिमी वायु कमान ने की। उन्होंने तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित करते हुए उनसे उनके समुद्री अनुभवों के बारे में बातचीत की। समारोह में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी उपस्थित रहे।

एयर मार्शल की प्रतिक्रिया

एयर मार्शल शिवानंद ने अभियान की सफलता को नारी शक्ति और तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'जब किसी लक्ष्य को दृढ़ विश्वास और सामूहिक प्रयास के साथ हासिल करने का संकल्प हो, तो कोई भी काम असंभव नहीं होता।' उन्होंने टीम की इच्छाशक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक प्रयास की विशेष सराहना की तथा इस उपलब्धि को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए गौरव का विषय बताया।

महिला अधिकारियों के अनुभव

सम्मान समारोह में महिला अधिकारियों ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, परस्पर सहयोग करने और धैर्य बनाए रखने का बहुमूल्य अनुभव दिया। अधिकारियों के अनुसार, चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में टीमवर्क और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी साबित हुए। यह अनुभव भविष्य के कठिन अभियानों में भी उनके काम आएगा।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि 'समुद्र प्रदक्षिणा' को सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और भागीदारी के एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सेनाएँ महिला अधिकारियों को अधिक से अधिक चुनौतीपूर्ण और अग्रिम पंक्ति की भूमिकाओं में शामिल कर रही हैं। एयर मार्शल शिवानंद ने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि देश की युवा महिलाओं को पारंपरिक सीमाओं को तोड़ने और चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल प्रेरणादायक कहानी तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। असली सवाल यह है कि क्या ऐसे अभियानों की सफलता सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए संरचनात्मक बदलाव — स्थायी कमीशन, युद्धक भूमिकाओं में विस्तार और नेतृत्व के उच्च पदों पर प्रतिनिधित्व — में तब्दील होती है? 314 दिनों की यह यात्रा नीतिगत बाधाओं की तुलना में कहीं अधिक लंबी है, जो अभी भी महिला अधिकारियों के सामने खड़ी हैं। सम्मान समारोह की सुर्खियाँ जरूरी हैं, पर जवाबदेही की असली कसौटी नीतिगत अनुसरण में है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान क्या था?
'समुद्र प्रदक्षिणा' भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना का संयुक्त महिला नौकायन अभियान था, जिसमें नौ महिला अधिकारियों ने आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार होकर 314 दिनों में चार महासागरों में 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की। यह अभियान साहस, नेतृत्व और अंतर-सेवा समन्वय का प्रतीक बना।
इस अभियान में कितनी और किन सेनाओं की महिला अधिकारियाँ शामिल थीं?
अभियान में कुल नौ महिला अधिकारियाँ शामिल थीं, जो भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना — तीनों सेनाओं से थीं। यह तीनों सेनाओं का पहला संयुक्त महिला नौकायन अभियान था।
सम्मान समारोह कहाँ और कब आयोजित हुआ?
सम्मान समारोह 14 अगस्त 2026 को अहमदाबाद स्थित मुख्यालय दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (एसडब्लूएसी) में आयोजित किया गया। एयर मार्शल पी.वी. शिवानंद (AVSM, VM) ने सभी नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित किया।
अभियान के दौरान महिला अधिकारियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
314 दिनों की इस यात्रा में अधिकारियों को बदलते मौसम, प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों और लगातार उभरती चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि कठिन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना, परस्पर सहयोग और धैर्य बनाए रखना सफलता की कुंजी रही।
'समुद्र प्रदक्षिणा' का व्यापक महत्व क्या है?
इस अभियान को सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और सशक्तीकरण के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। यह अभियान न केवल नारी शक्ति का प्रतीक है, बल्कि तीनों सेनाओं के बीच अंतर-सेवा समन्वय को भी मजबूत करता है।
राष्ट्र प्रेस
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