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संगरूर BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: अनिल सरीन बोले — पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, कोई सुरक्षित नहीं

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संगरूर BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: अनिल सरीन बोले — पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, कोई सुरक्षित नहीं

सारांश

संगरूर के BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला — यह अकेली घटना नहीं, बल्कि पंजाब में बढ़ते हमलों की एक कड़ी है। BJP महासचिव अनिल सरीन ने पेपर लीक और 8 माह के बकाया वेतन के संकट को जोड़ते हुए पंजाब सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया।

मुख्य बातें

27 जुलाई को दोपहर 2:47 बजे संगरूर स्थित BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया; बम किचन के बाहर गिरा, बड़ा हादसा टला।
सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध दिखे; कथित तौर पर एक कार का इस्तेमाल हुआ — पुलिस जाँच जारी।
पंजाब भाजपा महासचिव अनिल सरीन ने पुलिस थानों, चंडीगढ़ BJP कार्यालय और नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए पिछले ग्रेनेड हमलों का भी हवाला दिया।
पेपर लीक मामले में सरीन का आरोप — प्रश्नपत्र ब्लूटूथ के ज़रिये अभ्यर्थियों तक पहुँचाया गया; परीक्षा परिसर में मास्टरमाइंड मौजूद रहा होगा।
कई विभागों के कर्मचारियों को 8 महीने से वेतन नहीं; प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आरोप।

पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन ने 27 जुलाई 2026 को संगरूर स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक कांड और कर्मचारियों की हड़ताल मिलकर यह साबित करती हैं कि पंजाब की जनता न तो सुरक्षित है और न ही उसकी आवाज़ सुनी जा रही है।

पेट्रोल बम हमले का घटनाक्रम

सरीन के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2:47 बजे संगरूर स्थित BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने पहले से कार्यालय की रेकी की थी और बम को कार्यालय के किचन में फेंकने का प्रयास किया गया। सौभाग्य से बम किचन के भीतर न जाकर बाहर गिरा, अन्यथा वहाँ रखे गैस सिलेंडरों के कारण बड़ा हादसा हो सकता था।

सरीन ने बताया कि कथित तौर पर घटना में एक कार का इस्तेमाल किया गया और सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। पुलिस जाँच कर रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

हमलों की बढ़ती शृंखला पर चिंता

सरीन ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, राज्य में पुलिस थानों पर कई ग्रेनेड हमले हो चुके हैं, BJP के चंडीगढ़ कार्यालय को भी पहले निशाना बनाया जा चुका है और वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया के आवास पर भी ग्रेनेड हमला हो चुका है। उन्होंने कहा, 'ऐसे हमलों से BJP कार्यकर्ता डरने, झुकने या रुकने वाले नहीं हैं — ये घटनाएँ उलटे कार्यकर्ताओं का मनोबल और मज़बूत करती हैं।'

पेपर लीक विवाद: चीटिंग और लीक का फ़र्क

पंजाब के कथित पेपर लीक मामले पर सरीन ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के भीतर हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहुँचना अपने आप में गंभीर प्रशासनिक विफलता है। उनके दावे के अनुसार, परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को केंद्र से स्कैन कर बाहर भेजा गया, जहाँ कथित मास्टरमाइंड ने उत्तर तैयार कर ब्लूटूथ के ज़रिये अभ्यर्थियों तक पहुँचाए। उन्होंने तर्क दिया कि ब्लूटूथ की सीमित रेंज को देखते हुए एक दूसरा मास्टरमाइंड परीक्षा परिसर के भीतर ही मौजूद रहा होगा।

सरीन ने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो इस घटना को महज़ 'चीटिंग' बता रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जिन्हें चीटिंग और पेपर लीक का अंतर नहीं पता, उन्हें पहले पढ़ाई करने की ज़रूरत है।'

कर्मचारियों की हड़ताल और वेतन संकट

सरीन ने बताया कि सफाई कर्मचारी, शिक्षक, संविदा कर्मचारी, मनरेगा कर्मी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता — सभी वेतन भुगतान की माँग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, कई विभागों के कर्मचारियों को पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार गहरे आर्थिक संकट में हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया और कई को गंभीर चोटें आई हैं। सरीन ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों का वेतन देने के लिए धन नहीं है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों पर खर्च के लिए संसाधन उपलब्ध हैं — यह सरकार की 'जनविरोधी नीति' का प्रमाण है।

आगे की राह

सरीन ने स्पष्ट किया कि BJP इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करती है और पार्टी पहले से अधिक मज़बूती के साथ जनता के बीच काम करती रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पहले से ही राज्य सरकार को घेरे हुए है। पुलिस जाँच के नतीजे और आरोपियों की गिरफ्तारी आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस थाने और अब एक वरिष्ठ नेता का आवास, हमलों की यह शृंखला पंजाब में सुरक्षा तंत्र की गहरी खामियों की ओर इशारा करती है। गौरतलब है कि ये आरोप विपक्ष की ओर से आ रहे हैं, इसलिए इन्हें राजनीतिक संदर्भ में परखना ज़रूरी है — लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जाँच के तथ्य सार्वजनिक हैं। पेपर लीक और वेतन संकट को एक साथ जोड़कर BJP ने जो राजनीतिक आख्यान बनाया है, वह AAP सरकार के 'बदलाव' के वादे पर सीधा प्रहार है। असली परीक्षा यह होगी कि पुलिस आरोपियों को कितनी जल्दी गिरफ्तार करती है और पेपर लीक जाँच में कितनी पारदर्शिता आती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगरूर BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला कब और कैसे हुआ?
रविवार, 27 जुलाई को दोपहर करीब 2:47 बजे संगरूर स्थित BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया। हमलावरों ने कथित तौर पर पहले से कार्यालय की रेकी की थी और बम को किचन में फेंकने का प्रयास किया, लेकिन वह बाहर गिरा और बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस जाँच में अब तक क्या सामने आया है?
BJP महासचिव अनिल सरीन के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं और कथित तौर पर एक कार का इस्तेमाल हुआ। पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है, हालाँकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
पंजाब पेपर लीक मामले में BJP का क्या आरोप है?
अनिल सरीन का आरोप है कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को केंद्र से स्कैन कर बाहर भेजा गया और ब्लूटूथ के ज़रिये उत्तर वापस अभ्यर्थियों तक पहुँचाए गए। उनके अनुसार यह महज़ नकल नहीं, बल्कि पेपर लीक है और परीक्षा परिसर के भीतर एक मास्टरमाइंड की मौजूदगी इसे और गंभीर बनाती है।
पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल की वजह क्या है?
सरीन के अनुसार, सफाई कर्मचारी, शिक्षक, संविदा कर्मचारी, मनरेगा कर्मी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पिछले आठ महीने से बकाया वेतन न मिलने के कारण हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और कई को चोटें आई हैं।
BJP ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया है?
BJP ने हमले की कड़ी निंदा की है। अनिल सरीन ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएँ पार्टी कार्यकर्ताओं को डरा नहीं सकतीं, बल्कि उनका मनोबल और मज़बूत होता है। पार्टी ने कहा कि वह पहले से अधिक मज़बूती के साथ जनता के बीच काम करती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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