10 अगस्त 2026
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राम मंदिर चंदा चोरी: SIT रिपोर्ट सौंपी, मंत्री संजय निषाद बोले — 'शरिया पर चलने वाले 1947 में ही गए'

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राम मंदिर चंदा चोरी: SIT रिपोर्ट सौंपी, मंत्री संजय निषाद बोले — 'शरिया पर चलने वाले 1947 में ही गए'

सारांश

राम मंदिर चंदा चोरी की SIT रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मंत्री संजय निषाद ने एक साथ कई मोर्चों पर बोला — जाँच में पारदर्शिता का भरोसा दिलाया, मौलाना मदनी के जिहाद बयान पर पलटवार किया, और कांग्रेस-सपा पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT ने 24 जून 2026 को प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी।
मंत्री संजय निषाद ने कहा — जाँच में कोताही नहीं, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
मौलाना अरशद मदनी के जिहाद बयान पर निषाद ने कहा — 'भारत संविधान से चलता है, शरिया से नहीं।' सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय को 70 वर्षों में कांग्रेस-सपा से कुछ हासिल नहीं हुआ।
सीएम मोहन यादव पर जमीन घोटाले के आरोपों को निषाद ने खारिज किया; कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया।
लखनऊ हादसे पर अखिलेश यादव के बयान को निषाद ने 'मृतकों पर राजनीति' करार दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 24 जून 2026 को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी — राम मंदिर चंदा चोरी मामले की SIT जाँच, मौलाना अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान, और लखनऊ हादसे पर विपक्ष की राजनीति। उनका यह बयान उस वक्त आया जब SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

SIT रिपोर्ट और राम मंदिर चंदा चोरी मामला

राम मंदिर में चंदा चोरी की जाँच कर रही विशेष जाँच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। मंत्री निषाद ने कहा कि जब तक यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।' जाँच में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

निषाद ने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर चढ़ाया गया दान जनता का पैसा होता है और उसकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने जोड़ा कि किसी भी व्यवस्था में सभी लोग गलत नहीं होते — इसलिए सभी की ईमानदारी पर सामूहिक सवाल उठाना गलत है।

मौलाना मदनी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

मौलाना अरशद मदनी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि जिहाद करना हर मुसलमान का अधिकार है, मंत्री निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'भारत संविधान से चलता है। जिसे शरिया के हिसाब से चलना था, वो तो 1947 में पाकिस्तान चले गए।'

निषाद ने सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय की स्थिति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से भी खराब है। उन्होंने सवाल उठाया कि 70 वर्षों तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) का समर्थन करके मुस्लिम समुदाय को क्या हासिल हुआ। उनका कहना था कि समुदाय के युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ धार्मिक नेता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते हैं, जबकि स्थानीय मुस्लिमों को केवल धर्म का पाठ पढ़ाते हैं।

सीएम मोहन यादव पर आरोपों का बचाव

मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन घोटाले को लेकर लगे आरोपों पर निषाद ने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उसे साबित करना कठिन है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दिग्विजय सिंह ('दिग्गी राजा') कांग्रेस में थे, तब इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ी जाति में जन्म लेना ही अभिशाप बन जाता है। साथ ही स्पष्ट किया कि सरकारी फंड से निजी संपत्ति खरीदना गलत है और ऐसे मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए।

लखनऊ हादसे पर विपक्ष की राजनीति को नकारा

अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार लखनऊ हादसे पर 'झूठे आँसू' बहा रही है और कोई काम नहीं किया, मंत्री निषाद ने इसे दुखद घटना बताते हुए कहा कि मृतकों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिस ढाँचे की बात हो रही है, उसे ध्वस्त करने का आदेश पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दिया गया था — और बाद में उसी सरकार ने वह आदेश वापस लेकर क्लीन चिट दे दी थी।

आगे क्या होगा

SIT की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी। मंत्री निषाद के बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और विपक्ष की प्रतिक्रिया अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह नया नहीं — उत्तर प्रदेश में चुनावी ध्रुवीकरण के संदर्भ में ऐसे बयान एक परिचित पैटर्न का हिस्सा हैं। असली सवाल यह है कि SIT रिपोर्ट में क्या है और क्या राम मंदिर ट्रस्ट की जवाबदेही तय होगी — जो एक संस्था के रूप में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देकर मुस्लिम समुदाय की बदहाली की बात करना और साथ में 'पाकिस्तान' का संदर्भ देना — यह अंतर्विरोध ही बताता है कि यह बयान समावेश की राजनीति नहीं, बल्कि ध्रुवीकरण की रणनीति है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट क्या है?
राम मंदिर में चंदा चोरी की जाँच कर रही SIT ने 24 जून 2026 को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट के विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं; मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही कोई टिप्पणी उचित होगी।
संजय निषाद ने 'शरिया और पाकिस्तान' पर क्या कहा?
मंत्री संजय निषाद ने मौलाना अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत संविधान से चलता है और जिसे शरिया के अनुसार जीना था, वो 1947 में पाकिस्तान चले गए। यह बयान राजनीतिक रूप से विवादास्पद माना जा रहा है।
मौलाना अरशद मदनी के जिहाद बयान पर विवाद क्यों है?
मौलाना अरशद मदनी ने कथित तौर पर कहा था कि जिहाद करना हर मुसलमान का अधिकार है। इस बयान पर मंत्री निषाद सहित कई नेताओं ने आपत्ति जताई और इसे संविधान की भावना के विरुद्ध बताया।
सीएम मोहन यादव पर लगे जमीन घोटाले के आरोपों पर संजय निषाद का क्या रुख है?
संजय निषाद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरोप लगाना आसान है, साबित करना कठिन। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया और कहा कि सरकारी फंड से निजी संपत्ति खरीदी गई हो तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निजी धन से खरीदी पर सवाल गलत है।
लखनऊ हादसे पर अखिलेश यादव और सरकार के बीच विवाद क्या है?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सरकार लखनऊ हादसे पर झूठे आँसू बहा रही है और कोई ठोस काम नहीं किया। मंत्री निषाद ने इसे मृतकों पर राजनीति करार देते हुए याद दिलाया कि संबंधित ढाँचे को ध्वस्त करने का आदेश पूर्ववर्ती सरकार ने दिया था, जिसे बाद में उसी सरकार ने वापस लेकर क्लीन चिट दी थी।
राष्ट्र प्रेस
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