राम मंदिर चंदा चोरी: SIT रिपोर्ट सौंपी, मंत्री संजय निषाद बोले — 'शरिया पर चलने वाले 1947 में ही गए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 24 जून 2026 को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी — राम मंदिर चंदा चोरी मामले की SIT जाँच, मौलाना अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान, और लखनऊ हादसे पर विपक्ष की राजनीति। उनका यह बयान उस वक्त आया जब SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।
SIT रिपोर्ट और राम मंदिर चंदा चोरी मामला
राम मंदिर में चंदा चोरी की जाँच कर रही विशेष जाँच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। मंत्री निषाद ने कहा कि जब तक यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।' जाँच में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
निषाद ने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर चढ़ाया गया दान जनता का पैसा होता है और उसकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने जोड़ा कि किसी भी व्यवस्था में सभी लोग गलत नहीं होते — इसलिए सभी की ईमानदारी पर सामूहिक सवाल उठाना गलत है।
मौलाना मदनी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
मौलाना अरशद मदनी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि जिहाद करना हर मुसलमान का अधिकार है, मंत्री निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'भारत संविधान से चलता है। जिसे शरिया के हिसाब से चलना था, वो तो 1947 में पाकिस्तान चले गए।'
निषाद ने सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय की स्थिति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से भी खराब है। उन्होंने सवाल उठाया कि 70 वर्षों तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) का समर्थन करके मुस्लिम समुदाय को क्या हासिल हुआ। उनका कहना था कि समुदाय के युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ धार्मिक नेता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते हैं, जबकि स्थानीय मुस्लिमों को केवल धर्म का पाठ पढ़ाते हैं।
सीएम मोहन यादव पर आरोपों का बचाव
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन घोटाले को लेकर लगे आरोपों पर निषाद ने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उसे साबित करना कठिन है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दिग्विजय सिंह ('दिग्गी राजा') कांग्रेस में थे, तब इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ी जाति में जन्म लेना ही अभिशाप बन जाता है। साथ ही स्पष्ट किया कि सरकारी फंड से निजी संपत्ति खरीदना गलत है और ऐसे मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए।
लखनऊ हादसे पर विपक्ष की राजनीति को नकारा
अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार लखनऊ हादसे पर 'झूठे आँसू' बहा रही है और कोई काम नहीं किया, मंत्री निषाद ने इसे दुखद घटना बताते हुए कहा कि मृतकों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिस ढाँचे की बात हो रही है, उसे ध्वस्त करने का आदेश पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दिया गया था — और बाद में उसी सरकार ने वह आदेश वापस लेकर क्लीन चिट दे दी थी।
आगे क्या होगा
SIT की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी। मंत्री निषाद के बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और विपक्ष की प्रतिक्रिया अपेक्षित है।