10 अक्टूबर 2026
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संजय राउत का बड़ा दावा: मार्च अप्रैल 2027 तक गिर जाएगी मोदी सरकार, दिल्ली नाकाबंदी पर हमला

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संजय राउत का बड़ा दावा: मार्च अप्रैल 2027 तक गिर जाएगी मोदी सरकार, दिल्ली नाकाबंदी पर हमला

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने पुणे में दावा किया कि मोदी सरकार मार्च अप्रैल 2027 तक गिर जाएगी — ठीक उस वक्त जब दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 15,000 से अधिक वाहन फँसाए गए और सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके को हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 10 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि मोदी सरकार अगले साल मार्च अप्रैल तक गिर जाएगी।
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली हवाई अड्डे पर पुलिस ने हिरासत में लिया।
राउत के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगभग 15,000 वाहन दिल्ली के बाहर फँसाए गए और ट्रेनें रोकी गईं।
प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित था।
राउत ने दिल्ली पुलिस से केंद्र के 'अवैध आदेशों' का पालन न करने का आग्रह किया।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने 10 अक्टूबर 2026 को पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार अगले साल मार्च अप्रैल तक गिर जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुँचने से रोके जाने को लेकर देशभर में राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।

राउत का केंद्र पर सीधा हमला

राउत ने चल रहे प्रदर्शनों को 'जन विद्रोह' करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवा नागरिकों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से भयभीत है। उन्होंने कहा, "यह सरकार टिक नहीं पाएगी। मार्च और अप्रैल के बीच मोदी सरकार का अंत हो जाएगा और एक नई सरकार बनेगी।"

उन्होंने दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के एक मशहूर कथन का हवाला देते हुए व्यंग्यात्मक शब्दों में कहा कि एक 'तिलचट्टा' भी सरकार को शक्तिहीन बना सकता है। राउत ने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ता में बैठे लोग मजबूत राजनेता नहीं, बल्कि केवल व्यापारी हैं — और व्यापारी जल्दी घबरा जाते हैं।

दिल्ली नाकाबंदी पर गंभीर आरोप

राउत ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली को प्रभावी रूप से 'जम्मू कश्मीर' जैसी स्थिति में बदल दिया है, जहाँ लगभग 15,000 वाहन शहर के बाहर फँसे हुए हैं और प्रदर्शनकारियों को राजधानी पहुँचने से रोकने के लिए ट्रेनें भी रोकी गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ब्रिटिशकालीन दमनकारी रणनीतियों की याद दिलाता है।

उन्होंने सवाल किया, "ब्रिटिश शासनकाल में भी इतने बड़े पैमाने पर नाकाबंदी नहीं देखी गई थी। हज़ारों वाहन चारों ओर फँसे हुए हैं। आप किस कानून के तहत प्रदर्शनकारी युवाओं को देशद्रोही और राष्ट्रविरोधी करार दे रहे हैं?"

सीजेपी प्रमुख की हिरासत

सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पहुँचे, जहाँ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह घटना प्रदर्शन से जुड़े व्यापक राजनीतिक तनाव को और गहरा करती है। राउत ने इस हिरासत को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया।

दिल्ली पुलिस से अपील

राउत ने दिल्ली पुलिस से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार द्वारा जारी 'अवैध आदेशों' का पालन न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मतदाता हेरफेर और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग पर निर्भर है। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाए हों।

राजनीतिक संदर्भ

राउत के इस बयान को व्यापक विपक्षी रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जो मोदी सरकार को चुनाव आयोग विवाद के बहाने घेरने की कोशिश कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब शिवसेना (यूबीटी) और अन्य विपक्षी दल संयुक्त रूप से केंद्र पर संस्थागत दुरुपयोग के आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त जैसी संवैधानिक संस्था पर सीधा निशाना साधा जा रहा है। दिल्ली की कथित नाकाबंदी और 15,000 वाहनों के फँसे होने के दावे अगर सत्यापित हों, तो यह प्रशासनिक ज़्यादती का गंभीर सवाल खड़ा करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि सीजेपी जैसी अपेक्षाकृत कम चर्चित पार्टी का यह प्रदर्शन विपक्षी गठबंधन के लिए एक परीक्षण भी है — कि क्या वह संस्थागत विमर्श को जनआंदोलन में बदल सकता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने मोदी सरकार के बारे में क्या दावा किया?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 10 अक्टूबर 2026 को पुणे में कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अगले साल मार्च अप्रैल तक गिर जाएगी और उसकी जगह नई सरकार बनेगी। उन्होंने इसे 'जन विद्रोह' का परिणाम बताया।
सीजेपी का दिल्ली में प्रदर्शन किस बात को लेकर था?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुँचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन राउत के अनुसार भारी पुलिस बल और नाकाबंदी से उन्हें रोका गया।
अभिजीत दिपके कौन हैं और उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया?
अभिजीत दिपके सीजेपी के प्रमुख हैं। 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह हिरासत दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के संदर्भ में हुई।
राउत ने दिल्ली नाकाबंदी को लेकर क्या कहा?
राउत ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली को 'जम्मू कश्मीर जैसी स्थिति' में बदल दिया है, जहाँ लगभग 15,000 वाहन शहर के बाहर फँसे हुए हैं और ट्रेनें भी रोकी गई हैं। उन्होंने इसे ब्रिटिशकालीन दमन से भी बड़ा बताया।
क्या राउत के बयान का कोई राजनीतिक आधार है?
राउत का यह बयान व्यापक विपक्षी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद के बहाने केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि, गठबंधन की राजनीतिक स्थिति और संसदीय बहुमत के आँकड़ों को देखते हुए विश्लेषक ऐसी किसी सरकारी अस्थिरता की संभावना पर अलग अलग राय रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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