21 जुलाई 2026
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संजय राउत का केंद्र पर हमला: 'यह सरकार किसान व युवा विरोधी, केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रही'

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संजय राउत का केंद्र पर हमला: 'यह सरकार किसान व युवा विरोधी, केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रही'

सारांश

संजय राउत ने एक ही दिन में तीन मोर्चे खोले — किसान मार्च, छह 'गद्दार' सांसदों का विलय और नीट पेपर लीक। उनका निशाना साफ था: एक ऐसी सरकार जो उनके अनुसार किसानों, युवाओं और शिक्षा की कीमत पर राजनीतिक स्वार्थ साध रही है।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 21 जुलाई को केंद्र सरकार को 'किसान विरोधी और मजदूर विरोधी' करार दिया।
शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिवसेना में विलय पर राउत ने उन्हें 'गद्दार' कहा, 'बागी' नहीं।
नीट पेपर लीक पर सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया; राउत ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग का समर्थन किया।
राउत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।
राउत के अनुसार, पंजाब के किसानों के दिल्ली पहुँचने पर सरकार 'संसद से भागने पर मजबूर' होगी।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 21 जुलाई को केंद्र सरकार पर तीन मोर्चों पर एक साथ हमला बोला — किसानों का दिल्ली मार्च, शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों का शिवसेना में विलय, और नीट पेपर लीक विवाद। राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार न किसानों की परवाह करती है, न युवाओं की — वह केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रही है।

किसान मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया

किसानों के दिल्ली मार्च को लेकर राउत ने कहा कि यह सरकार 'किसान विरोधी और मजदूर विरोधी' है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब पंजाब के किसान दिल्ली पहुँचेंगे, तब यह सरकार संसद से भागने पर मजबूर हो जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब किसान संगठन एक बार फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित अपनी पुरानी माँगों को लेकर राजधानी की ओर कूच की तैयारी में हैं।

विलय पर 'गद्दार' का आरोप

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के आधिकारिक तौर पर शिवसेना में विलय को मंजूरी मिलने पर राउत ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'भगत सिंह और सुखदेव जैसे क्रांतिकारी बागी थे। सोमवार को सड़कों पर उतरे छात्र भी बागी थे — लेकिन जो पैसे लेकर बिक गए, वे गद्दार हैं, बागी नहीं। अगर हमारे छह सांसद उनके साथ चले गए हैं, तो वे गद्दार हैं। वे 'मंगल मिलन' में शामिल हो रहे हैं। अगर वे किसी असली संघर्ष में शामिल होते, तो मैं उन्हें स्वीकार करता।' गौरतलब है कि यह विलय शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच चल रहे कानूनी और राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ है।

नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

नीट पेपर लीक मामले पर राउत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सोमवार को इस मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन हुआ। उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है। राउत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया।

धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना

राउत ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा, 'असल सवाल यह है कि आप धर्मेंद्र प्रधान को बचाना चाहते हैं या देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का भविष्य — यही सबसे बड़ा अंतर है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर विपक्ष लगातार संसद में हंगामा कर रहा है और मंत्री के इस्तीफे की माँग तेज हो रही है।

आगे क्या

किसान मार्च, नीट विवाद और शिवसेना के आंतरिक टकराव — तीनों मुद्दे आने वाले संसद सत्र में विपक्ष की रणनीति का केंद्र बन सकते हैं। राउत के बयानों से स्पष्ट है कि शिवसेना (यूबीटी) इन मुद्दों को सड़क और संसद दोनों जगह आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विपक्ष इसे संसद में ठोस जवाबदेही में बदल पाएगा या यह भी बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राउत ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी और मजदूर विरोधी बताया और कहा कि यह सरकार केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रही है। उन्होंने नीट पेपर लीक, किसान मार्च और सांसदों के विलय — तीनों मुद्दों पर सरकार की आलोचना की।
शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के विलय पर राउत ने क्या कहा?
राउत ने इन सांसदों को 'गद्दार' कहा और स्पष्ट किया कि वे 'बागी' नहीं हैं। उन्होंने भगत सिंह और सुखदेव का उदाहरण देते हुए कहा कि असली बागी वे होते हैं जो संघर्ष करते हैं, न कि वे जो 'पैसे लेकर बिक जाते हैं।'
नीट पेपर लीक मामले में सोनम वांगचुक ने क्या किया?
राउत के अनुसार, सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है। राउत ने इस अनशन का समर्थन करते हुए सरकार से जवाब माँगा।
किसानों के दिल्ली मार्च पर राउत का क्या कहना है?
राउत ने कहा कि जब पंजाब के किसान दिल्ली पहुँचेंगे, तब यह सरकार संसद से भागने पर मजबूर हो जाएगी। उनके अनुसार सरकार को न किसानों की चिंता है और न ही युवाओं की।
धर्मेंद्र प्रधान के बारे में राउत ने क्या सवाल उठाया?
राउत ने पूछा कि सरकार को तय करना होगा कि वह धर्मेंद्र प्रधान को बचाना चाहती है या देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का भविष्य। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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