23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सौरभ भारद्वाज का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: छात्र आंदोलन पर 'बार-बार रुख बदलने' का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सौरभ भारद्वाज का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: छात्र आंदोलन पर 'बार-बार रुख बदलने' का आरोप

सारांश

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलन को पहले नकारने, फिर उसका श्रेय लेने और विफल होने पर दोबारा आलोचना करने का आरोप लगाया — इसे उन्होंने कांग्रेस की 'चक्रीय राजनीतिक रणनीति' बताया।

मुख्य बातें

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 23 जुलाई 2026 को कांग्रेस और राहुल गांधी पर विस्तृत आरोप लगाए।
भारद्वाज का दावा — कांग्रेस समर्थकों ने 6 जून को जंतर-मंतर प्रदर्शन का मज़ाक उड़ाया, उसे 200 लोगों की भीड़ बताया।
आरोप: 20 जुलाई के सफल प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने आंदोलन का श्रेय लेने और राहुल गांधी को नेतृत्वकर्ता बताने की कोशिश की।
भारद्वाज ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के पास बैठकर युवाओं को वहाँ बुलाया, जिससे जंतर-मंतर आंदोलन कमज़ोर करने की कोशिश हुई।
कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 23 जुलाई 2026 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और उसके नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक विस्तृत बयान जारी किया। भारद्वाज ने दावा किया कि कांग्रेस से जुड़े सोशल मीडिया समूहों ने चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर अपना रुख बार-बार बदला और हर बार एक नई राजनीतिक रणनीति अपनाई।

मुख्य आरोप: शुरुआत में आंदोलन का मज़ाक

भारद्वाज के अनुसार, प्रारंभ में कांग्रेस समर्थक सोशल मीडिया समूहों ने सीजेपी और अभिजीत दिपके की आलोचना की तथा पूरे अभियान को 'सोशल मीडिया का बुलबुला' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जब अभिजीत दिपके 6 जून को भारत पहुँचे, तो जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उपहास उड़ाया गया और उसे महज 200 लोगों की भीड़ वाला आयोजन बताया गया — यहाँ तक कहा गया कि वहाँ प्रदर्शनकारियों से अधिक यूट्यूबर्स मौजूद थे।

राहुल गांधी को 'आंदोलन का चेहरा' बनाने की कोशिश का आरोप

भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि इस चरण के बाद राहुल गांधी के कार्यक्रमों और सभाओं को बड़े पैमाने पर प्रचारित किया गया और उन्हें आंदोलन के नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया गया। हालाँकि उनका दावा है कि इन कार्यक्रमों में उपस्थित अधिकांश लोग आम युवा नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता थे। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी इस पूरे दौर में लगभग एक महीने तक विदेश में रहे और उस अवधि में कांग्रेस समर्थकों ने इस विषय पर कोई सक्रिय प्रतिक्रिया नहीं दी।

20 जुलाई के प्रदर्शन और श्रेय की राजनीति

भारद्वाज के अनुसार, 20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और जेन-ज़ी वर्ग के लोग शामिल हुए। उनका आरोप है कि इसके बाद कांग्रेस ने उसी आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के निकट बैठे और मीडिया के ज़रिये युवाओं से वहाँ आने की अपील की, जिससे जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का प्रभाव कम करने की कोशिश की गई। भारद्वाज का दावा है कि यह प्रयास जनता और आंदोलनकारियों ने स्वीकार नहीं किया, और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने भी इस रणनीति का खुलकर विरोध किया।

कांग्रेस की 'चक्रीय रणनीति' पर निशाना

अपने बयान के अंत में भारद्वाज ने कहा कि जब कांग्रेस की यह रणनीति सफल नहीं हुई, तो उसके समर्थक एक बार फिर शुरुआती रुख पर लौट आए और सीजेपी तथा आंदोलन से जुड़े लोगों पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'बार-बार दोहराई जाने वाली राजनीतिक रणनीति' बताया। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब छात्र आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच श्रेय की राजनीति चरम पर है।

कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक वाकयुद्ध के और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि श्रेय की राजनीति पर हैं। यह बताता है कि असली लड़ाई युवा मतदाताओं की सहानुभूति जीतने की है, न कि आंदोलन के लक्ष्यों को समर्थन देने की। कांग्रेस की चुप्पी इस प्रकरण में उतनी ही महत्त्वपूर्ण है जितनी भारद्वाज के आरोप।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस से जुड़े सोशल मीडिया समूहों ने छात्र आंदोलन को पहले नकारा, फिर उसका श्रेय लेने की कोशिश की और विफल होने पर दोबारा आलोचना शुरू कर दी। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'बार-बार दोहराई जाने वाली राजनीतिक रणनीति' बताया।
6 जून के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर क्या दावा किया गया?
भारद्वाज के अनुसार, 6 जून को अभिजीत दिपके के भारत पहुँचने पर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का कांग्रेस समर्थकों ने मज़ाक उड़ाया और उसे महज 200 लोगों की भीड़ वाला आयोजन बताया। यह भी दावा किया गया कि वहाँ प्रदर्शनकारियों से अधिक यूट्यूबर्स मौजूद थे।
20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने क्या किया, भारद्वाज के अनुसार?
भारद्वाज का दावा है कि 20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए तो कांग्रेस ने उसका श्रेय लेने की कोशिश शुरू कर दी और राहुल गांधी को आंदोलन का नेतृत्वकर्ता बताने का प्रयास किया। आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने भी इस रणनीति का विरोध किया।
राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के पास बैठने से क्या विवाद हुआ?
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के पास बैठे और मीडिया के ज़रिये युवाओं को वहाँ आने की अपील की, जिससे जंतर-मंतर पर चल रहे मुख्य छात्र आंदोलन का प्रभाव कम करने की कोशिश की गई। भारद्वाज के अनुसार यह प्रयास जनता ने स्वीकार नहीं किया।
कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
भारद्वाज के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयानबाज़ी दिल्ली के युवा मतदाताओं को लेकर AAP और कांग्रेस के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 21 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले