सैयद पाशा: युद्ध के अंत के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- सर्वदलीय बैठक का आयोजन पश्चिम एशिया के तनाव को समाप्त करने के लिए किया गया है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
- भारत में एलपीजी और पेट्रोलियम की कमी हो रही है।
- सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
- पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
विजयवाड़ा, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख सैयद पाशा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों को शामिल किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से भाजपा, कांग्रेस, और आम आदमी पार्टी (आप) जैसे दलों को आमंत्रित किया गया।
उन्होंने बुधवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कई देशों में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। भारत भी इससे प्रभावित हुआ है, जिसके चलते देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी हो रही है। इससे आम नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सैयद पाशा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ संवाद स्थापित कर रहे हैं, ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके और स्थिति को सामान्य बनाया जा सके। सभी देशों के नेता इस बात के लिए प्रयासरत हैं कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को समाप्त किया जाए, ताकि एक शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध से किसी को भी लाभ नहीं होता, बल्कि यह नुकसानदायक होता है। इसलिए हमें युद्ध को आगे बढ़ाने की बजाय इसे शीघ्र समाप्त करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
सैयद पाशा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि किसी भी देश के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण रहें। सभी देशों के साथ मधुर संबंध बनाए रखना चाहते हैं। इसी कारण से सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के विचार आमंत्रित किए जा रहे हैं, ताकि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर विराम लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह उचित होगा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का स्वागत करें, जो पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त कर शांति स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे हैं।