SBI ने BSBD खातों पर नकद निकासी शुल्क बदला: 4 बार से अधिक निकासी पर ₹15 प्रति लेनदेन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों से नकद निकासी के शुल्क ढाँचे में संशोधन किया है — अब प्रति माह चार मुफ्त नकद लेनदेन की सीमा पार करने पर खाताधारकों को ₹15 प्रति लेनदेन (जीएसटी अतिरिक्त) का शुल्क देना होगा। बैंक ने यह जानकारी 20 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
नए शुल्क नियम क्या हैं
संशोधित नियमों के अनुसार, BSBD खाताधारकों को हर कैलेंडर माह में चार बार बिना किसी शुल्क के नकद निकासी की सुविधा मिलती रहेगी। इस सीमा से अधिक प्रत्येक नकद लेनदेन पर ₹15 प्रति लेनदेन (जीएसटी को छोड़कर) का शुल्क लागू होगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि सभी डिजिटल लेनदेन — जैसे UPI, नेट बैंकिंग, और डेबिट कार्ड से ऑनलाइन भुगतान — पूर्ववत निःशुल्क रहेंगे।
AEPS नियमों में अहम बदलाव
इससे पहले, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के ज़रिये किए गए लेनदेन को मासिक चार मुफ्त लेनदेन की गिनती में नहीं जोड़ा जाता था। नए नियमों के तहत यह छूट समाप्त कर दी गई है — अब AePS लेनदेन भी मासिक चार मुफ्त नकद निकासी की सीमा में गिने जाएँगे। यह बदलाव विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के उन ग्राहकों को प्रभावित कर सकता है जो AePS के ज़रिये नकद निकालते हैं।
तिमाही वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में SBI का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23% बढ़कर ₹21,121.22 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹19,160.44 करोड़ था। बैंक की ब्याज आय भी 8.5% की वृद्धि के साथ ₹1,27,896.46 करोड़ पर पहुँची, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹1,17,830.28 करोड़ थी।
अन्य आय सहित SBI की कुल आय इस अवधि में 6.2% बढ़कर ₹1,43,819.15 करोड़ रही, जबकि पिछले वर्ष यह ₹1,35,341.56 करोड़ थी। इसी दौरान बैंक का कुल खर्च भी 5.2% बढ़कर ₹1,10,289.97 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹1,04,797.09 करोड़ था।
आम खाताधारकों पर असर
गौरतलब है कि BSBD खाते मुख्यतः वित्तीय समावेशन के तहत खोले जाते हैं और इनमें बड़ी संख्या में कम आय वर्ग के ग्राहक शामिल हैं। ऐसे में AePS छूट हटाए जाने से उन ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है जो डिजिटल बैंकिंग की बजाय नकद लेनदेन पर निर्भर हैं। बैंक ने ग्राहकों को डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता देने की सलाह दी है, क्योंकि वे शुल्क-मुक्त रहेंगे।
आगे क्या
बैंक ने नए शुल्क लागू होने की प्रभावी तिथि की घोषणा की है। खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मासिक नकद लेनदेन की संख्या पर ध्यान दें और जहाँ संभव हो, डिजिटल भुगतान विकल्पों का उपयोग करें। SBI का यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की व्यापक प्रवृत्ति के अनुरूप है।