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सेबी ने IRRA प्लेटफॉर्म बंद किया: अक्टूबर 2023 से ब्रोकर्स ने नहीं किया था उपयोग, तकनीकी मजबूती बनी वजह

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सेबी ने IRRA प्लेटफॉर्म बंद किया: अक्टूबर 2023 से ब्रोकर्स ने नहीं किया था उपयोग, तकनीकी मजबूती बनी वजह

सारांश

सेबी ने IRRA प्लेटफॉर्म बंद कर दिया — एक ऐसा बैकअप सिस्टम जिसे अक्टूबर 2023 में लॉन्च के बाद से किसी ब्रोकर ने कभी इस्तेमाल नहीं किया। M-SOC, कोल्ड साइट्स और बेहतर डिजास्टर रिकवरी मानकों के साथ, भारत का ट्रेडिंग इकोसिस्टम अब इस बैकअप के बिना भी मजबूत खड़ा है।

मुख्य बातें

सेबी ने 7 मई 2026 को IRRA (इन्वेस्टर रिस्क रिडक्शन एक्सेस) प्लेटफॉर्म तत्काल प्रभाव से बंद किया।
अक्टूबर 2023 में लाइव होने के बाद से किसी भी ब्रोकर ने IRRA का उपयोग नहीं किया था।
IRRA ढाँचा मूलतः दिसंबर 2022 में ब्रोकर तकनीकी विफलता के दौरान निवेशकों को वैकल्पिक ट्रेडिंग एक्सेस देने के लिए शुरू किया गया था।
ब्रोकर्स अब M-SOC , कोल्ड साइट्स और मजबूत बिज़नेस कंटिन्युटी मानकों से लैस हैं।
सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को कंटिजेंसी पूल ट्रेडिंग सुविधा को और मजबूत करने का निर्देश दिया।
सेबी ने इसी सप्ताह 'महत्वपूर्ण सूचकांकों' के इंडेक्स प्रदाताओं को 6 महीने के भीतर पंजीकरण का आदेश दिया।

बाज़ार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 7 मई 2026 को इन्वेस्टर रिस्क रिडक्शन एक्सेस (IRRA) प्लेटफॉर्म को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। सेबी ने एक आधिकारिक सर्कुलर में स्पष्ट किया कि ट्रेडिंग इकोसिस्टम में तकनीकी मजबूती उल्लेखनीय रूप से बढ़ने और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की उपलब्धता के कारण यह प्लेटफॉर्म अब अनावश्यक हो गया था। गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में शुरू होने के बाद से किसी भी ब्रोकर ने इस प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं किया था।

IRRA प्लेटफॉर्म क्या था और क्यों बनाया गया

IRRA ढाँचे की स्थापना दिसंबर 2022 में की गई थी। इसका उद्देश्य था कि यदि किसी ब्रोकर के सिस्टम में तकनीकी खराबी आए, तो निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए एक वैकल्पिक एक्सेस प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा सके। यह एक बैकअप व्यवस्था के रूप में डिज़ाइन किया गया था, ताकि तकनीकी व्यवधान के दौरान निवेशकों के हित सुरक्षित रहें।

बंद करने की वजह: ब्रोकर्स ने कभी नहीं किया इस्तेमाल

सेबी के अनुसार, स्टॉक एक्सचेंजों ने नियामक को सूचित किया कि अक्टूबर 2023 में लाइव होने के बाद से अब तक किसी भी ब्रोकर ने IRRA प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं किया। स्टॉक एक्सचेंजों ने प्लेटफॉर्म की उपयोगिता का आकलन करने के बाद सर्वसम्मति से इसे बंद करने की सिफारिश की। नियामक ने माना कि बाद में हुए तकनीकी और परिचालन सुधारों ने सिस्टम की निरंतरता को काफी मजबूत किया है, जिससे इस बैकअप प्लेटफॉर्म की आवश्यकता व्यावहारिक रूप से समाप्त हो गई।

ब्रोकर्स के पास अब क्या बेहतर विकल्प हैं

सेबी ने बताया कि ब्रोकर्स अब उन्नत और मजबूत सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं:

मजबूत बिज़नेस कंटिन्युटी और डिजास्टर रिकवरी मानक, बेहतर साइबर सुरक्षा और रेजिलिएंस फ्रेमवर्क, तथा मार्केट सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (M-SOC) का कार्यान्वयन। इसके अलावा, ब्रोकर्स के ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ है — अब प्राइमरी और वैकल्पिक साइट के बीच सहजता से स्विच किया जा सकता है। स्वतंत्र 'कोल्ड साइट्स' भी विकसित की गई हैं, जो तकनीकी गड़बड़ी के दौरान सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने में सहायक हैं।

कंटिजेंसी पूल ट्रेडिंग सुविधा को मिलेगी और मजबूती

IRRA प्लेटफॉर्म बंद होने के बावजूद, सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को कंटिजेंसी पूल ट्रेडिंग सुविधा की समीक्षा करने और उसे और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया है। यह सुविधा तकनीकी व्यवधान के समय वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करती रहेगी, जिससे निवेशकों के हित सुरक्षित रहेंगे।

इंडेक्स प्रदाताओं के लिए नया पंजीकरण निर्देश

इसी सप्ताह सेबी ने 'महत्वपूर्ण सूचकांकों' के इंडेक्स प्रदाताओं को छह महीने के भीतर उसके साथ पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। यह कदम इंडेक्स के संचालन और प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है। हालाँकि, जिन इंडेक्स प्रदाताओं के सूचकांकों को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 'महत्वपूर्ण बेंचमार्क' या 'अधिकृत बेंचमार्क' घोषित किया है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि सेबी बाज़ार के बुनियादी ढाँचे को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नियामकीय योजना की एक परीक्षा है। दिसंबर 2022 में बड़े उत्साह के साथ शुरू किया गया यह ढाँचा लगभग दो वर्षों तक पूरी तरह अप्रयुक्त रहा — यह सवाल उठाता है कि क्या शुरुआत में ही ब्रोकर्स की तैयारी और बाज़ार की ज़रूरत का सही आकलन किया गया था। सेबी का यह कदम बाज़ार के बुनियादी ढाँचे को सुव्यवस्थित करने की दिशा में सकारात्मक है, लेकिन नियामकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कंटिजेंसी पूल ट्रेडिंग सुविधा केवल कागज़ पर मजबूत न हो — बल्कि वास्तविक संकट में भी उतनी ही कारगर साबित हो।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IRRA प्लेटफॉर्म क्या था और इसे क्यों बंद किया गया?
IRRA यानी इन्वेस्टर रिस्क रिडक्शन एक्सेस एक बैकअप ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म था, जिसे दिसंबर 2022 में ब्रोकर तकनीकी विफलता के दौरान निवेशकों को वैकल्पिक एक्सेस देने के लिए शुरू किया गया था। सेबी ने 7 मई 2026 को इसे बंद कर दिया क्योंकि अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक किसी भी ब्रोकर ने इसका उपयोग नहीं किया और ट्रेडिंग इकोसिस्टम पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुका है।
IRRA बंद होने के बाद निवेशकों की सुरक्षा कैसे होगी?
सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को कंटिजेंसी पूल ट्रेडिंग सुविधा को और मजबूत करने का निर्देश दिया है, जो तकनीकी व्यवधान के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करेगी। इसके अलावा ब्रोकर्स के पास M-SOC, कोल्ड साइट्स और बेहतर डिजास्टर रिकवरी मानक उपलब्ध हैं।
IRRA प्लेटफॉर्म का उपयोग क्यों नहीं किया गया?
स्टॉक एक्सचेंजों ने सेबी को सूचित किया कि अक्टूबर 2023 में लाइव होने के बाद से किसी भी ब्रोकर ने IRRA का उपयोग नहीं किया। इसकी मुख्य वजह यह रही कि ट्रेडिंग इकोसिस्टम में तकनीकी सुधारों ने सिस्टम की निरंतरता को इतना मजबूत बना दिया कि बैकअप प्लेटफॉर्म की ज़रूरत ही नहीं पड़ी।
सेबी का इंडेक्स प्रदाताओं को पंजीकरण का निर्देश क्या है?
सेबी ने इसी सप्ताह 'महत्वपूर्ण सूचकांकों' के इंडेक्स प्रदाताओं को 6 महीने के भीतर उसके साथ पंजीकरण कराने का आदेश दिया है। यह कदम इंडेक्स संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए है, हालाँकि RBI द्वारा 'महत्वपूर्ण बेंचमार्क' घोषित सूचकांक प्रदाताओं को इससे छूट दी गई है।
M-SOC और कोल्ड साइट्स क्या हैं?
मार्केट सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (M-SOC) एक साइबर सुरक्षा और निगरानी तंत्र है जो ब्रोकर्स के ट्रेडिंग सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। कोल्ड साइट्स स्वतंत्र बैकअप केंद्र हैं जो तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने में सहायक होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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