5 नवंबर 2026
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बीजापुर के जंगल से 711 बीजीएल शेल बरामद, केजी हिल्स इलाके में तलाशी अभियान जारी

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बीजापुर के जंगल से 711 बीजीएल शेल बरामद, केजी हिल्स इलाके में तलाशी अभियान जारी

सारांश

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षा बलों ने केजी हिल्स के जंगल से 711 बीजीएल शेल बरामद किए — माओवादी हथियार तंत्र पर अब तक का बड़ा प्रहार। इलाके में अभी भी आईईडी का खतरा, तलाशी अभियान जारी।

मुख्य बातें

बीजापुर जिले के केजी हिल्स के जंगल से 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) शेल बरामद किए गए।
हथियार भंडार एफओबी तडापाला से 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में पाया गया, जो उसूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
बीजापुर जिला पुलिस , सीआरपीएफ और कोबरा यूनिट की संयुक्त टीम ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर ऑपरेशन चलाया।
अधिकारियों ने इसे माओवादियों की लॉजिस्टिक्स और हथियार आपूर्ति व्यवस्था के लिए बड़ा झटका बताया है।
प्रशासन ने कार्रेगुट्टा और आसपास के इलाकों में जाने पर रोक लगाई; आईईडी का खतरा अभी भी बना हुआ है।
इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने का अभियान जारी; जाँच पूरी होने पर और जानकारी साझा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 5 नवंबर 2026 को सुरक्षा बलों ने माओवाद-विरोधी एक बड़े ऑपरेशन के दौरान केजी हिल्स के समीप घने जंगल से 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) शेल बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार यह हथियार भंडार माओवादी कैडरों द्वारा छिपाया गया था और इसे फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) तडापाला से लगभग 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में पाया गया।

ऑपरेशन का विवरण

यह संयुक्त अभियान बीजापुर जिला पुलिस, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक बटालियन और कोबरा यूनिट की साझा टीम ने चलाया। ऑपरेशन विश्वसनीय और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। एफओबी तडापाला के इर्द-गिर्द फैले घने जंगलों में, जो उसूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, गहन तलाशी चलाई गई।

सुरक्षा और विस्फोटक हैंडलिंग के तय प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए सभी 711 शेल को सुरक्षित तरीके से जब्त किया गया, ताकि अनायास विस्फोट का कोई खतरा न रहे।

माओवादियों की रसद पर बड़ा झटका

अधिकारियों ने इस बरामदगी को बस्तर क्षेत्र में माओवादी समूहों की लॉजिस्टिक्स और हथियार आपूर्ति व्यवस्था के लिए एक गंभीर झटका करार दिया है। बीजीएल शेल का उपयोग ग्रेनेड दागने के लिए होता है और ये घात लगाकर किए गए हमलों अथवा सुरक्षा शिविरों पर हमले के दौरान भारी नुकसान पहुँचाने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र में ऐसे हथियार भंडार पहले भी मिलते रहे हैं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बीजीएल शेल की बरामदगी असाधारण मानी जा रही है।

यह सफल ऑपरेशन दर्शाता है कि राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच खुफिया-जानकारी-आधारित समन्वित अभियानों की प्रभावशीलता लगातार बढ़ रही है।

प्रशासन की एडवाइजरी

जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए एक कड़ी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्थानीय निवासियों और यात्रियों से फिलहाल कार्रेगुट्टा और उसके आसपास के पहाड़ी और जंगली इलाकों में न जाने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इलाके में अभी भी विद्रोहियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) या अन्य विस्फोटक सामग्री मौजूद हो सकती है।

जब तक पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक आवाजाही पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

आगे क्या होगा

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि एक पूर्व-नियोजित रणनीति के तहत इलाके में बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों को हटाने का व्यवस्थित अभियान आगे भी जारी रहेगा। संयुक्त सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी जवाबी माओवादी कार्रवाई को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं। हथियार भंडार के स्रोत और संभावित अन्य बरामदगियों के बारे में गहन जाँच के बाद और जानकारी साझा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बरामदगी की यह बड़ी खेप खुद यह भी बताती है कि ग्राउंड इंटेलिजेंस में अभी भी अंतराल हैं जिन्हें पाटना ज़रूरी है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजापुर जंगल में बरामद बीजीएल शेल क्या होते हैं?
बीजीएल यानी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शेल वे विस्फोटक गोले हैं जिन्हें राइफल के बैरल से दागा जाता है। ये घात लगाकर किए गए हमलों या सुरक्षा शिविरों पर हमलों में भारी नुकसान पहुँचाने में सक्षम होते हैं और माओवादी समूहों द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते रहे हैं।
यह ऑपरेशन किसने और कैसे चलाया?
बीजापुर जिला पुलिस, सीआरपीएफ की एक बटालियन और कोबरा यूनिट की संयुक्त टीम ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर एफओबी तडापाला के आसपास के घने जंगलों में यह विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन उसूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत किया गया।
इस बरामदगी का माओवादियों पर क्या असर पड़ेगा?
अधिकारियों के अनुसार 711 बीजीएल शेल की जब्ती माओवादियों की रसद और हथियार आपूर्ति व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। इतनी बड़ी मात्रा में हथियार सामग्री खोने से उनकी घात लगाकर हमला करने की क्षमता कमज़ोर पड़ सकती है।
क्या आम नागरिकों के लिए कोई खतरा है?
हाँ, प्रशासन ने कार्रेगुट्टा और आसपास के पहाड़ी और जंगली इलाकों में जाने पर सख्त पाबंदी लगाई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वहाँ अभी भी आईईडी या अन्य विस्फोटक सामग्री मौजूद हो सकती है।
आगे और क्या कार्रवाई होगी?
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि पूरे इलाके में बारूदी सुरंगें और विस्फोटक हटाने का व्यवस्थित अभियान जारी रहेगा। जाँच पूरी होने के बाद हथियार भंडार के स्रोत और अन्य बरामदगियों की जानकारी साझा की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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