22 सितंबर 2026
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छत्तीसगढ़: बीजापुर के जंगलों से नक्सली हथियारों का जखीरा बरामद, LMG-AK47 समेत भारी शस्त्र मिले

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छत्तीसगढ़: बीजापुर के जंगलों से नक्सली हथियारों का जखीरा बरामद, LMG-AK47 समेत भारी शस्त्र मिले

सारांश

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जंगलों में सुरक्षा बलों ने सितंबर 2026 में कई ऑपरेशनों में LMG, AK-47, INSAS, BGL लॉन्चर और चीनी हैंड ग्रेनेड सहित नक्सलियों का भारी हथियार जखीरा बरामद किया — माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका।

मुख्य बातें

22 सितंबर 2026 को बीजापुर जिले के लंका पहाड़ी गाँव के जंगलों से नक्सलियों द्वारा दबाया गया हथियारों का जखीरा बरामद हुआ।
बरामदगी में एक LMG/SLR राइफल , एक INSAS राइफल , दो BGL लॉन्चर , 17 BGL शेल , एक चीनी हैंड ग्रेनेड और सैकड़ों राउंड कारतूस शामिल।
सितंबर 2026 में बीजापुर में अलग-अलग ऑपरेशनों में एक LMG, एक AK-47, एक INSAS, तीन BGL लॉन्चर और दो पिस्तौल सहित भारी शस्त्र-सामग्री ज़ब्त।
20 सितंबर को आड़वारा, 16 सितंबर को बड़े-आलवारा और 10 सितंबर को इंद्रीपाल के जंगलों में भी बड़ी बरामदगी हुई।
अधिकारियों ने जिले के संवेदनशील जंगली इलाकों में तलाशी और डी-माइनिंग अभियान जारी रखने की बात कही।

सुरक्षा बलों ने 22 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ (बेड़रे) थाना क्षेत्र अंतर्गत लंका पहाड़ी गाँव के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा ज़मीन के अंदर दबाकर छुपाए गए हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। सघन तलाशी और बारूदी सुरंग हटाने (डी-माइनिंग) के विशेष अभियान के दौरान यह सफलता मिली, जो सितंबर माह में जिले में चलाए जा रहे व्यापक माओवाद-रोधी ऑपरेशन की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

बरामद हथियारों का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में बरामद सामग्री में एक एसएलआर/एलएमजी राइफल, एक आईएनएसएएस राइफल, एक .315 बोर की बंदूक, दो बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), 17 बीजीएल शेल, एक चीनी हैंड ग्रेनेड, 49 एसएलआर राउंड, .315 बोर के 15 राउंड, 15 बीजीएल कारतूस, चार एसएलआर मैगज़ीन, एक .315 बोर की मैगज़ीन और अन्य संबंधित सामग्री व उपकरण शामिल हैं। चीनी निर्मित हैंड ग्रेनेड की बरामदगी इस दृष्टि से उल्लेखनीय है कि यह माओवादी नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला के बारे में सुरक्षा एजेंसियों की पुरानी आशंकाओं को पुष्ट करती है।

सितंबर में अभियानों की श्रृंखला

गौरतलब है कि यह इकलौती घटना नहीं है — सितंबर 2026 में बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने कई बड़े माओवादी हथियार-डंप ध्वस्त किए हैं।

20 सितंबर को भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के आड़वारा जंगलों से एक एके-47, एक .315 बोर की राइफल, एक सिंगल-शॉट हथियार और एक पिस्तौल के साथ कारतूस बरामद किए गए। इससे पहले 16 सितंबर को फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के बड़े-आलवारा जंगलों से एक .315 बोर की राइफल, 49 राउंड, .303 बोर के 25 राउंड, 12-बोर के 49 राउंड, आठ किलोग्राम जिलेटिन, एक वॉकी-टॉकी और अन्य उपकरण जब्त किए गए थे।

10 सितंबर को मिरतुर थाना क्षेत्र के इंद्रीपाल जंगलों में अलग-अलग स्थानों से नॉन-इलेक्ट्रिक तार के सात बंडल, डेटोनेटर और ग्रेनेड बरामद हुए। 1 सितंबर को भोपालपटनम थाना क्षेत्र के नीलमाडगु जंगलों में एक माओवादी डंप से 12-बोर की पिस्तौल, एक बीजीएल लॉन्चर, आठ बीजीएल शेल, 12-बोर के 10 राउंड और अन्य सामग्री मिली थी।

माह भर की कुल बरामदगी

सितंबर में जिले में चलाए गए विभिन्न ऑपरेशनों में सुरक्षा बलों ने कुल मिलाकर एक एलएमजी, एक एके-47, एक आईएनएसएएस, दो .315 बोर के हथियार, एक 12-बोर का हथियार, तीन बीजीएल लॉन्चर और दो पिस्तौल बरामद की हैं। इसके साथ ही भारी मात्रा में विस्फोटक, गोला-बारूद और माओवादी गतिविधियों से जुड़ी अन्य सामग्री भी ज़ब्त की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी उपस्थिति को कमज़ोर करने के लिए समन्वित दबाव बनाए रखा है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले के संवेदनशील जंगली इलाकों में तलाशी और डी-माइनिंग अभियान आगे भी जारी रहेंगे। माओवादी हथियार-डंपों की लगातार खोज सुरक्षा एजेंसियों की खुफिया जानकारी और ज़मीनी पकड़ दोनों में सुधार का संकेत देती है, हालाँकि जंगली भूभाग में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह माओवादी नेटवर्क की संरचनात्मक कमज़ोरी है या महज़ लॉजिस्टिक पुनर्गठन का संकेत। चीनी हैंड ग्रेनेड की बरामदगी आपूर्ति श्रृंखला की जटिलता उजागर करती है, जिस पर गहरी जाँच ज़रूरी है। इसके साथ ही, जंगली इलाकों में डी-माइनिंग और तलाशी अभियान की सफलता तब और ठोस मानी जाएगी जब इसे ज़मीनी स्तर पर ग्रामीणों की सुरक्षा और विकास परियोजनाओं की बहाली से जोड़ा जाए।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जंगलों से क्या बरामद हुआ?
22 सितंबर 2026 को भैरमगढ़ (बेड़रे) थाना क्षेत्र के लंका पहाड़ी गाँव के जंगलों से सुरक्षा बलों ने एक LMG/SLR राइफल, एक INSAS राइफल, दो BGL लॉन्चर, 17 BGL शेल, एक चीनी हैंड ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। ये सभी हथियार नक्सलियों द्वारा ज़मीन के नीचे दबाकर छुपाए गए थे।
सितंबर 2026 में बीजापुर में कितने नक्सली हथियार-डंप ध्वस्त हुए?
सितंबर 2026 में बीजापुर जिले में कम से कम पाँच अलग-अलग ऑपरेशनों में माओवादी हथियार-डंप ध्वस्त किए गए — 1, 10, 16, 20 और 22 सितंबर को। इन सभी में मिलाकर एक LMG, एक AK-47, एक INSAS, तीन BGL लॉन्चर, दो पिस्तौल और भारी मात्रा में विस्फोटक ज़ब्त हुए।
यह अभियान कैसे चलाया गया?
सुरक्षा बलों ने जंगली इलाकों में सघन तलाशी अभियान और बारूदी सुरंग हटाने (डी-माइनिंग) के विशेष ऑपरेशन चलाए। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील वनक्षेत्रों में ये अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
बीजापुर जिले में माओवादी गतिविधि क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
बीजापुर छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र का हिस्सा है, जो पारंपरिक रूप से माओवादी प्रभाव वाला संवेदनशील क्षेत्र रहा है। यहाँ के घने जंगल नक्सलियों के लिए हथियार-भंडारण और आवाजाही का काम करते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए निरंतर अभियान अनिवार्य हो जाते हैं।
चीनी हैंड ग्रेनेड की बरामदगी क्यों महत्वपूर्ण है?
लंका पहाड़ी गाँव के जंगलों से एक चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ, जो माओवादी नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला के बारे में सुरक्षा एजेंसियों की आशंकाओं को उजागर करता है। यह बरामदगी नक्सलियों के हथियारों के स्रोतों की गहन जाँच की ज़रूरत को रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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