अन्नाद्रमुक से और नेता छोड़ेंगे पार्टी — पूर्व मंत्री सेम्मलाई का बड़ा दावा, टीवीके में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एम. सेम्मलाई ने 1 अक्टूबर 2026 को सेलम में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अन्नाद्रमुक (AIADMK) से आने वाले दिनों में और नेता बाहर निकलेंगे, क्योंकि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। सेम्मलाई एक दिन पहले तिरुप्पुर जिले के धारापुरम में आयोजित चुनावी रैली के दौरान तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) में शामिल हो गए थे, जहाँ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें पार्टी का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।
अन्नाद्रमुक पर लगाए गंभीर आरोप
सेम्मलाई ने आरोप लगाया कि 2017 के बाद से अन्नाद्रमुक में उचित नेतृत्व का अभाव रहा है और पार्टी अब एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नियंत्रण वाली 'लिमिटेड कंपनी' बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को वह सम्मान नहीं मिल रहा जिसके वे हकदार हैं — यही कारण है कि कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्नाद्रमुक में अभी जो नेता बचे हैं, उनमें से कई को भी यह महसूस होने लगा है कि उनकी मेहनत और समर्पण बेकार जा रहा है। सेम्मलाई ने दावा किया कि अंततः पार्टी में लोगों की संख्या घटती जाएगी।
विजय की भरपूर तारीफ
सेम्मलाई ने सी. जोसेफ विजय को 'अच्छा व्यक्ति, निस्वार्थ नेता और सक्षम प्रशासक' बताया। उन्होंने कहा कि विजय ने खुद को हर परिवार का सदस्य बताकर आम लोगों के दिलों में जगह बनाई है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह विजय के उस राजनीतिक दृष्टिकोण से विशेष रूप से प्रभावित हुए, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों सी.एन. अन्नादुरई और एम.जी. रामचंद्रन (MGR) को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताया है।
सेम्मलाई ने यह भी कहा कि विजय ने राजनीति में पैसे, जाति और धर्म के प्रभाव को चुनौती दी है। भ्रष्टाचार समाप्त करने और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के विजय के वादों को उन्होंने TVK में शामिल होने के प्रमुख कारणों में गिनाया।
सेम्मलाई का राजनीतिक सफर
सेम्मलाई ने 1980 और 1984 के विधानसभा चुनावों में सेलम जिले की थारामंगलम सीट से जीत दर्ज की थी। 2001 में उन्होंने ओमलूर से चुनाव जीतकर स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री का पद संभाला। 2009 में अन्नाद्रमुक के टिकट पर सेलम लोकसभा सीट भी उनके नाम रही। 2016 में वह तमिलनाडु विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रहे और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता की भूमिका भी निभाई। मई 2026 में विधानसभा चुनाव के बाद वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच उन्होंने अन्नाद्रमुक से इस्तीफा दे दिया था।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि में बड़ा कदम
सेम्मलाई का TVK में शामिल होना ऐसे समय में हुआ है जब 6 अक्टूबर 2026 को धारापुरम और मदुरांतकम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं और प्रचार अभियान अपने चरम पर है। यह ऐसे समय में आया है जब TVK अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश में है और अन्नाद्रमुक को अपने भीतर से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि MGR की विरासत से जुड़े समर्थकों का रुख और उनका TVK की ओर खिंचाव तमिलनाडु की राजनीति में एक नई प्रवृत्ति का संकेत है। आने वाले महीनों में अन्नाद्रमुक के संगठनात्मक ढाँचे पर इसके दीर्घकालिक असर का परीक्षण होगा।