14 अगस्त 2026
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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में सेना के 20 खिलाड़ियों ने जीते 8 गोल्ड, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की मुलाकात

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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में सेना के 20 खिलाड़ियों ने जीते 8 गोल्ड, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की मुलाकात

सारांश

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना के 20 खिलाड़ियों ने 8 गोल्ड समेत 16 पदक जीते — भारत के कुल स्वर्णों का 62%। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों से मिलकर बेटियों की बॉक्सिंग में धमाकेदार उपस्थिति को सराहा और एशियन गेम्स व ओलंपिक के लिए और बड़ी चुनौतियों का आह्वान किया।

मुख्य बातें

भारतीय सेना के 20 खिलाड़ियों ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पाँच खेलों में भाग लिया।
सेना ने 8 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य पदक जीते — भारत के कुल पदकों का 41% और स्वर्ण पदकों का 62% ।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अगस्त को खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके प्रदर्शन और समर्पण की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना की अधिकांश महिला खिलाड़ी बॉक्सिंग में पदक ला रही हैं — इसे उन्होंने नारी शक्ति का सुखद संकेत बताया।
रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों को आगामी एशियन गेम्स और ओलंपिक के लिए और बड़ी चुनौतियों हेतु तैयार रहने का आह्वान किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 14 अगस्त को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के 20 खिलाड़ियों से मुलाकात की। इन खिलाड़ियों ने पाँच खेलों में 8 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर भारत के कुल पदकों में 41 प्रतिशत और स्वर्ण पदकों में 62 प्रतिशत का योगदान दिया।

मुलाकात का विवरण

रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और उनके प्रदर्शन, अनुभवों तथा खेलों के प्रति उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने सेना के जवानों की अनुशासन-निष्ठा, कठोर परिश्रम और देश के लिए गौरव अर्जित करने की ललक को सराहा। राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना के जवान युद्ध के मैदान के साथ-साथ खेल के मैदान में भी अपनी प्रतिभा से देश का नाम ऊँचा कर रहे हैं।

बेटियों की बॉक्सिंग में धमाकेदार उपस्थिति

रक्षा मंत्री ने महिला खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, 'मुझे यह देखकर भी बड़ी खुशी हुई, कि हमारे जो चैंपियन हैं, उनमें ठीक-ठाक संख्या बेटियों की भी है। एक दिलचस्प चीज मुझे यह भी दिखी, कि हमारी ज़्यादातर बच्चियाँ बॉक्सिंग में पदक ला रही हैं।' उन्होंने इसे एक सुखद संकेत बताया और कहा कि भारत की नारी शक्ति किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं है।

आगे की चुनौतियाँ — एशियन गेम्स और ओलंपिक

राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों को भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'ग्लासगो की यह ऐतिहासिक सफलता आपके लिए गौरव का विषय है, और यह होना भी चाहिए लेकिन इससे भी बड़ी चुनौतियाँ हमारी प्रतीक्षा कर रही हैं। आगे एशियन गेम्स और ओलंपिक हैं। वहाँ अपेक्षाएँ और अधिक होंगी।' उन्होंने विश्वास जताया कि जिस अनुशासन और अथक लगन ने इन खिलाड़ियों को ग्लासगो की ऊँचाइयों तक पहुँचाया है, वही गुण उन्हें आने वाली हर ऊँचाई तक ले जाएंगे।

खेलों का जनतंत्रीकरण

रक्षा मंत्री ने खेलों के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वे दिन अब इतिहास की बात हो चुके हैं जब खेल किसी विशेष वर्ग या सुविधा-संपन्न परिवारों तक सीमित था। आज चैंपियन देश के दूरदराज गाँवों, छोटे कस्बों और आर्थिक रूप से वंचित परिवारों से भी उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल अब समाज के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन चुका है और ये खिलाड़ी इस नए युग के अग्रदूत हैं।

खिलाड़ियों को संदेश

रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों को कठिन परिश्रम जारी रखने, स्वयं को निरंतर चुनौती देने और हर प्रतियोगिता से सीखते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी उस भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो युद्ध के मैदान में भी अजेय है और खेल के मैदान में भी। आने वाले एशियन गेम्स और ओलंपिक में इन खिलाड़ियों से देश को और भी बड़ी उम्मीदें होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सैन्य प्रशिक्षण की उस संरचना का प्रमाण है जो एथलीट और सैनिक दोनों एक साथ तैयार करती है। रक्षा मंत्री का बेटियों की बॉक्सिंग उपलब्धि पर विशेष जोर देना महत्वपूर्ण है — यह उस बदलाव को रेखांकित करता है जहाँ सेना की महिला जवान अब केवल प्रशासनिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। हालाँकि, असली परीक्षा एशियन गेम्स और ओलंपिक में होगी, जहाँ प्रतिस्पर्धा का स्तर राष्ट्रमंडल खेलों से कहीं अधिक कठिन है और जहाँ भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन अभी भी अपेक्षाओं से पीछे रहा है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना ने कितने पदक जीते?
भारतीय सेना के 20 खिलाड़ियों ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 8 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य पदक जीते। इस प्रदर्शन से सेना ने भारत के कुल पदकों में 41% और स्वर्ण पदकों में 62% का योगदान दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के खिलाड़ियों से कब और क्यों मुलाकात की?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अगस्त को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन, अनुभवों और खेलों के प्रति समर्पण की सराहना की।
सेना की महिला खिलाड़ियों ने किस खेल में विशेष प्रदर्शन किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, सेना की अधिकांश महिला खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग में पदक जीते। उन्होंने इसे भारत की नारी शक्ति का सुखद संकेत बताया।
राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों को आगे की चुनौतियों के बारे में क्या कहा?
रक्षा मंत्री ने कहा कि ग्लासगो की सफलता के बाद एशियन गेम्स और ओलंपिक जैसी बड़ी चुनौतियाँ इंतजार कर रही हैं, जहाँ अपेक्षाएँ और दबाव और अधिक होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ियों का अनुशासन और लगन उन्हें इन मंचों पर भी सफलता दिलाएगी।
रक्षा मंत्री ने खेलों के जनतंत्रीकरण पर क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने कहा कि खेल अब किसी विशेष वर्ग या सुविधा-संपन्न परिवारों तक सीमित नहीं रहा। आज चैंपियन देश के दूरदराज गाँवों, छोटे कस्बों और आर्थिक रूप से वंचित परिवारों से भी उभर रहे हैं, जो खेलों के व्यापक सामाजिक विस्तार का प्रमाण है।
राष्ट्र प्रेस
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