सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का बयान पाकिस्तान को कड़ा संदेश, ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए भारत तैयार: पीके सहगल
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा विशेषज्ञ पीके सहगल ने 30 मई 2026 को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के हालिया बयान को भारत की सैन्य तैयारी और रणनीतिक क्षमता का सुस्पष्ट प्रदर्शन करार दिया। उनके अनुसार, यह बयान पाकिस्तान और उसके समर्थकों के साथ-साथ देश के भीतर के उन सभी तत्वों के लिए भी एक निर्णायक संकेत है जो भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता पर संदेह करते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: विराम, समाप्ति नहीं
सहगल ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार, यह अभियान फिलहाल एक प्रकार के विराम की अवस्था में है। उन्होंने कहा कि यदि परिस्थितियाँ माँग करें, तो भारतीय सशस्त्र बल ऑपरेशन सिंदूर 2.0 शुरू करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव का माहौल अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
आधुनिक युद्ध से सबक
रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर से कई अहम सबक सीखे हैं। इसके अतिरिक्त, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को समझने में भारत की मदद की है। इन वैश्विक अनुभवों के आधार पर सेना में सुधार और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
साइबर, AI और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध पर जोर
सहगल ने रेखांकित किया कि आज का युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहा। साइबर युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत तकनीकों की भूमिका तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इन्हीं उभरती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रक्षा ढाँचे में इन तकनीकों को लगातार एकीकृत किया जा रहा है।
भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम
सहगल के अनुसार, सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का बयान यह दर्शाता है कि भारत न केवल वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम है, बल्कि भविष्य के किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए भी पूरी तरह सतर्क और तैयार है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे दौर में आया है जब भारत अपनी रक्षा क्षमताओं के व्यापक आधुनिकीकरण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।