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शामली त्रिवेणी शुगर मिल: 60% मेंटेनेंस पूरा, नई टरबाइन के साथ अक्टूबर में पेराई का लक्ष्य

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शामली त्रिवेणी शुगर मिल: 60% मेंटेनेंस पूरा, नई टरबाइन के साथ अक्टूबर में पेराई का लक्ष्य

सारांश

शामली की त्रिवेणी शुगर मिल अक्टूबर पेराई के लिए तेज़ी से तैयार हो रही है — 60% मेंटेनेंस पूर्ण, नई टरबाइन स्थापित हो रही है और 15 सितंबर से गन्ना रिकवरी आकलन शुरू होगा। किसानों के बकाया भुगतान को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्य बातें

त्रिवेणी शुगर मिल, शामली में अब तक 60 प्रतिशत मेंटेनेंस कार्य पूरा हो चुका है।
पिछले सत्र में टरबाइन की तकनीकी खराबी के बाद इस बार नई टरबाइन लगाई जा रही है।
प्रशासन के निर्देशानुसार मिल को अक्टूबर 2026 में पेराई शुरू करने का लक्ष्य है।
15 सितंबर से गन्ने की रिकवरी और गुणवत्ता आकलन की प्रक्रिया शुरू होगी।
शुरुआती दौर में गन्ने की रिकवरी कम रहने की संभावना; बारिश और मानसून की समाप्ति प्रमुख कारक।
किसानों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित त्रिवेणी शुगर मिल में आगामी पेराई सत्र की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच रही हैं। मिल में अब तक करीब 60 प्रतिशत मेंटेनेंस कार्य पूरा हो चुका है और प्रबंधन का लक्ष्य अक्टूबर 2026 में पेराई शुरू करने का है। पिछले सत्र में टरबाइन में आई तकनीकी खराबी के मद्देनज़र इस बार नई टरबाइन लगाने का निर्णय लिया गया है।

मेंटेनेंस की स्थिति और नई टरबाइन

त्रिवेणी शुगर मिल के यूनिट हेड संजय शर्मा ने बताया कि पिछले पेराई सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद से ही मेंटेनेंस कार्य लगातार जारी है। अब तक 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले सीजन में टरबाइन की तकनीकी समस्या ने मिल के संचालन को प्रभावित किया था, इसलिए इस बार नई टरबाइन लगाने का फैसला किया गया। नई टरबाइन की स्थापना का कार्य फिलहाल जारी है।

जिलाधिकारी की बैठक और प्रशासनिक निर्देश

संजय शर्मा के अनुसार, सोमवार को जिलाधिकारी की ओर से एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी, जिसमें मुख्य रूप से केन प्राइस लिमिट और चीनी मिलों को समय पर शुरू किए जाने पर चर्चा हुई। जिन मिलों की केन प्राइस लिमिट से जुड़ी प्रक्रिया अभी अधूरी है, उन्हें इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने सभी मिलों को अक्टूबर में पेराई शुरू करने के लिए समय पर तैयार रहने पर विशेष ज़ोर दिया है।

गन्ने की रिकवरी और गुणवत्ता आकलन

शर्मा ने बताया कि इस बार शुरुआती दौर में गन्ने की रिकवरी अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। रिकवरी की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए 15 सितंबर तक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गन्ने की रिकवरी कई कारकों पर निर्भर करती है — मुख्यतः बारिश की मात्रा और मानसून के समाप्त होने का समय। सामान्यतः मिल संचालन से पूर्व अक्टूबर में गन्ने के सैंपल लेकर रिकवरी की जाँच की जाती है।

किसानों के बकाया भुगतान पर प्राथमिकता

मिल प्रबंधन ने किसानों से जुड़े बकाया भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। यह ऐसे समय में अहम है जब किसान अगले पेराई सत्र की तैयारी में गन्ने की बुआई और देखभाल में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि बकाया भुगतान में देरी किसानों की आर्थिक स्थिति और अगले सत्र में गन्ना आपूर्ति दोनों को प्रभावित करती है।

आगे की योजना

जिलाधिकारी की टीम मिलों की समीक्षा भी करेगी, ताकि सभी ज़रूरी तैयारियाँ समय पर पूरी हो सकें। 15 सितंबर के बाद गन्ने की गुणवत्ता और रिकवरी के आकलन के आधार पर आगे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मिल प्रबंधन को उम्मीद है कि नई टरबाइन की स्थापना पूरी होते ही मिल को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा गन्ने की रिकवरी और किसान भुगतान की होगी — दोनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें अक्सर पिछड़ती रही हैं। नई टरबाइन एक सकारात्मक तकनीकी कदम है, पर यदि बकाया भुगतान में देरी जारी रही तो किसान अगले सत्र में गन्ना आपूर्ति में कटौती कर सकते हैं। प्रशासनिक समीक्षा बैठकें सही दिशा में हैं, लेकिन 'केन प्राइस लिमिट' प्रक्रिया की अधूरी स्थिति यह संकेत देती है कि कुछ मिलें अभी भी तैयार नहीं हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिवेणी शुगर मिल शामली में पेराई सत्र 2026 कब शुरू होगा?
प्रशासन के निर्देशानुसार अक्टूबर 2026 में पेराई शुरू करने का लक्ष्य है। मिल प्रबंधन 15 सितंबर से गन्ने की रिकवरी आकलन शुरू करेगा और उसके बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
त्रिवेणी शुगर मिल में नई टरबाइन क्यों लगाई जा रही है?
पिछले पेराई सत्र में टरबाइन में तकनीकी खराबी आई थी, जिससे मिल के संचालन पर असर पड़ा था। इस समस्या की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रबंधन ने आगामी सत्र के लिए नई टरबाइन लगाने का निर्णय लिया है।
शामली में गन्ने की रिकवरी की स्थिति क्या है?
मिल यूनिट हेड संजय शर्मा के अनुसार, इस बार शुरुआती दौर में रिकवरी कम रहने की संभावना है। रिकवरी मुख्यतः बारिश की मात्रा और मानसून की समाप्ति के समय पर निर्भर करती है; 15 सितंबर से सैंपलिंग के ज़रिए वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
किसानों के बकाया भुगतान के बारे में मिल प्रबंधन का क्या कहना है?
मिल प्रबंधन ने किसानों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम अगले पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
केन प्राइस लिमिट क्या है और इसका मिलों से क्या संबंध है?
केन प्राइस लिमिट वह प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके तहत चीनी मिलें गन्ना खरीद के लिए अधिकृत होती हैं। जिलाधिकारी की बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन मिलों की यह प्रक्रिया अधूरी है, वे इसे शीघ्र पूरा करें ताकि पेराई सत्र समय पर शुरू हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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