शामली त्रिवेणी शुगर मिल: 60% मेंटेनेंस पूरा, नई टरबाइन के साथ अक्टूबर में पेराई का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित त्रिवेणी शुगर मिल में आगामी पेराई सत्र की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच रही हैं। मिल में अब तक करीब 60 प्रतिशत मेंटेनेंस कार्य पूरा हो चुका है और प्रबंधन का लक्ष्य अक्टूबर 2026 में पेराई शुरू करने का है। पिछले सत्र में टरबाइन में आई तकनीकी खराबी के मद्देनज़र इस बार नई टरबाइन लगाने का निर्णय लिया गया है।
मेंटेनेंस की स्थिति और नई टरबाइन
त्रिवेणी शुगर मिल के यूनिट हेड संजय शर्मा ने बताया कि पिछले पेराई सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद से ही मेंटेनेंस कार्य लगातार जारी है। अब तक 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले सीजन में टरबाइन की तकनीकी समस्या ने मिल के संचालन को प्रभावित किया था, इसलिए इस बार नई टरबाइन लगाने का फैसला किया गया। नई टरबाइन की स्थापना का कार्य फिलहाल जारी है।
जिलाधिकारी की बैठक और प्रशासनिक निर्देश
संजय शर्मा के अनुसार, सोमवार को जिलाधिकारी की ओर से एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी, जिसमें मुख्य रूप से केन प्राइस लिमिट और चीनी मिलों को समय पर शुरू किए जाने पर चर्चा हुई। जिन मिलों की केन प्राइस लिमिट से जुड़ी प्रक्रिया अभी अधूरी है, उन्हें इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने सभी मिलों को अक्टूबर में पेराई शुरू करने के लिए समय पर तैयार रहने पर विशेष ज़ोर दिया है।
गन्ने की रिकवरी और गुणवत्ता आकलन
शर्मा ने बताया कि इस बार शुरुआती दौर में गन्ने की रिकवरी अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। रिकवरी की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए 15 सितंबर तक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गन्ने की रिकवरी कई कारकों पर निर्भर करती है — मुख्यतः बारिश की मात्रा और मानसून के समाप्त होने का समय। सामान्यतः मिल संचालन से पूर्व अक्टूबर में गन्ने के सैंपल लेकर रिकवरी की जाँच की जाती है।
किसानों के बकाया भुगतान पर प्राथमिकता
मिल प्रबंधन ने किसानों से जुड़े बकाया भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। यह ऐसे समय में अहम है जब किसान अगले पेराई सत्र की तैयारी में गन्ने की बुआई और देखभाल में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि बकाया भुगतान में देरी किसानों की आर्थिक स्थिति और अगले सत्र में गन्ना आपूर्ति दोनों को प्रभावित करती है।
आगे की योजना
जिलाधिकारी की टीम मिलों की समीक्षा भी करेगी, ताकि सभी ज़रूरी तैयारियाँ समय पर पूरी हो सकें। 15 सितंबर के बाद गन्ने की गुणवत्ता और रिकवरी के आकलन के आधार पर आगे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मिल प्रबंधन को उम्मीद है कि नई टरबाइन की स्थापना पूरी होते ही मिल को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।