29 सितंबर 2026
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मेघालय में SIR जरूरी: BJP मंत्री सनबोर शुल्लई बोले — अवैध अप्रवासियों को मतदाता सूची से बाहर रखना लक्ष्य

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मेघालय में SIR जरूरी: BJP मंत्री सनबोर शुल्लई बोले — अवैध अप्रवासियों को मतदाता सूची से बाहर रखना लक्ष्य

सारांश

मेघालय के BJP मंत्री सनबोर शुल्लई ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि 23,49,645 मतदाताओं का सत्यापन अवैध अप्रवासियों को मतदान से रोकने के लिए ज़रूरी है। अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर में आनी है, पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के साथ यह विवाद राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है।

मुख्य बातें

मेघालय BJP मंत्री सनबोर शुल्लई ने 29 सितंबर 2026 को SIR (विशेष गहन संशोधन) प्रक्रिया का बचाव किया।
मेघालय SIR में 23,49,645 मतदाताओं का घर-घर सत्यापन किया गया; मसौदा सूची अगस्त 2026 में प्रकाशित हुई।
अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होने की उम्मीद; फिलहाल नोटिस और सुनवाई का चरण जारी।
शुल्लई ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर चुनाव आयोग (ECI) के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रमुख निर्णयों पर सर्वसम्मति से काम किया: शुल्लई।
कांग्रेस ने ECI कामकाज और SIR प्रक्रिया पर अलग से आपत्ति दर्ज की है।

मेघालय के कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सनबोर शुल्लई ने 29 सितंबर 2026 को शिलांग में राज्य में जारी विशेष गहन संशोधन (SIR) का पुरज़ोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अवैध अप्रवासियों सहित अपात्र व्यक्तियों को मतदान के अधिकार से दूर रखने के लिए अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और उसके इंडिया गठबंधन के सहयोगियों पर चुनाव आयोग (ECI) के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।

SIR प्रक्रिया: क्या है वर्तमान स्थिति

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, मेघालय के SIR अभियान में 23,49,645 मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया गया है। इस सत्यापन के आधार पर मसौदा मतदाता सूची अगस्त 2026 में प्रकाशित हुई थी। फिलहाल यह प्रक्रिया नोटिस और सुनवाई के चरण में है, और अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होने की उम्मीद है।

शुल्लई ने कहा कि SIR मतदाता सूचियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक उपाय है, और इस पर उठाए जा रहे सवाल राजनीति से प्रेरित हैं।

चुनाव आयोग पर विवाद और सरकार की प्रतिक्रिया

शुल्लई ने कहा कि आयोग की पूर्ण बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस नोट ने विपक्ष के आरोपों को निराधार साबित कर दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रमुख निर्णयों पर सर्वसम्मति से काम किया है, और आयोग के भीतर किसी मतभेद के दावे झूठे हैं।

शुल्लई ने अपने बयान में कहा, 'संयुक्त प्रेस नोट ने स्पष्ट रूप से साबित कर दिया है कि कांग्रेस और उसके इंडिया गठबंधन के सहयोगी देश की जनता को गुमराह करने के लिए झूठ गढ़ रहे हैं।'

विपक्ष पर BJP का पलटवार

शुल्लई ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने चुनावी असफलताओं का सामना करने पर चुनाव आयोग और न्यायपालिका सहित संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करना अपनी आदत बना ली है। उन्होंने कहा कि मेघालय के मतदाता कांग्रेस और उसके सहयोगियों को पहले ही नकार चुके हैं, और अब ये दल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। कांग्रेस ने ECI के कामकाज और SIR की प्रक्रिया पर अलग से आपत्ति दर्ज की है।

जनता से अपील

शुल्लई ने मेघालय की जनता से अपील की कि वे जिसे उन्होंने 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' कहा, उसके झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची संशोधन एक पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया है, जिसकी न्यायिक जाँच भी हो चुकी है।

गौरतलब है कि SIR को लेकर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मेघालय समेत कई उत्तर-पूर्वी राज्यों में अवैध प्रवासन एक दीर्घकालिक संवेदनशील मुद्दा रहा है। आने वाले हफ्तों में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ यह राजनीतिक बहस और गहरी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और SIR इसे ठोस नीतिगत कार्रवाई से जोड़ने का अवसर देता है। लेकिन असली सवाल यह है कि 23,49,645 मतदाताओं के सत्यापन में वास्तव में कितने अपात्र मतदाता पाए गए — यह आँकड़ा अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। बिना पारदर्शी परिणामों के, दोनों पक्षों के दावे — BJP का 'अवैध मतदाता हटाओ' और कांग्रेस का 'वैध मतदाता हटाए जा रहे हैं' — महज राजनीतिक आख्यान बने रहते हैं। अक्टूबर में अंतिम सूची ही इस बहस को तथ्यों की कसौटी पर परखने का मौका देगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय में SIR (विशेष गहन संशोधन) क्या है?
SIR यानी विशेष गहन संशोधन एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची को घर-घर जाकर सत्यापित किया जाता है। मेघालय में इस अभियान के तहत 23,49,645 मतदाताओं का सत्यापन किया गया, मसौदा सूची अगस्त 2026 में प्रकाशित हुई और अंतिम सूची अक्टूबर 2026 में आने की उम्मीद है।
BJP मंत्री सनबोर शुल्लई ने SIR का बचाव क्यों किया?
शुल्लई ने कहा कि SIR इसलिए ज़रूरी है ताकि अवैध अप्रवासियों सहित अपात्र व्यक्तियों को मतदान का अधिकार न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस प्रक्रिया के बारे में भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।
मेघालय की अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मेघालय की अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होने वाली है। फिलहाल प्रक्रिया नोटिस और सुनवाई के चरण में है।
कांग्रेस ने SIR पर क्या आपत्ति जताई है?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया पर अलग से आपत्ति दर्ज की है। उसका आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं को भी सूची से बाहर किया जा सकता है, जिससे मतदाता सूची संशोधन एक प्रमुख राजनीतिक विवाद बन गया है।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद के आरोपों पर क्या कहा गया?
शुल्लई ने स्पष्ट किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रमुख निर्णयों पर सर्वसम्मति से काम किया है। उन्होंने कहा कि आयोग की पूर्ण बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस नोट ने आयोग के भीतर मतभेद के दावों को खारिज कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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