1 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक में SIR प्रक्रिया पर उपमुख्यमंत्री परमेश्वर का बड़ा बयान, हर दिन नई उलझन का आरोप

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कर्नाटक में SIR प्रक्रिया पर उपमुख्यमंत्री परमेश्वर का बड़ा बयान, हर दिन नई उलझन का आरोप

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने SIR मतदाता सूची प्रक्रिया में रोज़ नई गड़बड़ियों का आरोप लगाया — जीवित लोगों को मृत सूची में दर्ज करने से लेकर फॉर्म 7 के दुरुपयोग तक। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने चुनाव आयुक्तों को हटाने की माँग कर मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठा दिया है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी.
परमेश्वर ने 1 अक्टूबर 2026 को SIR मतदाता सूची प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाया।
ASDDO सूची में जीवित मतदाताओं को मृत दर्शाने और फॉर्म 7 के ज़रिए किसी का नाम हटाए जाने की संभावना पर गंभीर चिंता जताई।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने नई दिल्ली में बैठक कर चुनाव आयुक्तों को हटाने की माँग का फैसला लिया।
कर्नाटक में सूखे पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की PM मोदी से मुलाकात की तारीख अभी तय नहीं; मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार PMO के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने केंद्रीय मंत्री वी.
सोमन्ना से तुमकुरु रायदुर्ग दावणगेरे रेलवे परियोजना पर भी चर्चा की।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 1 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से हर दिन नई परेशानियाँ सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस मुद्दे पर पहले ही अपनी औपचारिक आपत्ति दर्ज करा दी है।

मुख्य घटनाक्रम

परमेश्वर ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर अनियमितताएँ सामने आई हैं। उनके अनुसार, ASDDO सूची में जीवित मतदाताओं को मृत मतदाताओं की श्रेणी में दर्ज किए जाने के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में भी गड़बड़ियाँ पाई गई हैं।

उन्होंने कहा, "पिछले कई दिनों से SIR प्रक्रिया को लेकर एक के बाद एक भ्रम की स्थिति बन रही है। ASDDO सूची को लेकर भी ऐसा ही हुआ, जिसमें जीवित लोगों को भी मृत मतदाताओं की सूची में शामिल कर दिया गया था। मतदाताओं को नोटिस जारी करने में भी दिक्कतें आई हैं।"

फॉर्म 7 पर चिंता

उपमुख्यमंत्री ने फॉर्म 7 के आवेदन प्रावधान को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में कोई भी व्यक्ति चुनाव आयोग के समक्ष जाकर किसी अन्य मतदाता का नाम सूची से हटाने की माँग कर सकता है, जो संभावित दुरुपयोग का द्वार खोलती है।

उन्होंने बताया, "इसीलिए हमारी पार्टी ने पहले ही देशभर में चल रही इस प्रक्रिया के विरोध में शिकायत दर्ज कराई है। आने वाले दिनों में जैसे हालात बनेंगे, उसी के अनुसार हम अगला कदम उठाएँगे।"

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक और चुनाव आयुक्तों पर माँग

परमेश्वर ने बताया कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने नई दिल्ली में इस विषय पर बैठक की है और चुनाव आयुक्तों को हटाने की माँग को लेकर फैसला लिया है। उन्होंने कहा, "हम पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के आधार पर अपने अगले कदम तय करेंगे।" यह ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर कई विपक्षी दलों की शिकायतें चुनाव आयोग (ECI) के पास लंबित बताई जा रही हैं।

कर्नाटक में सूखे की स्थिति

सूखे के मुद्दे पर परमेश्वर ने कहा कि राज्य के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार प्रधानमंत्री कार्यालय से जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक आ रही केंद्रीय सूखा आकलन टीम को जून 2026 से अब तक राज्य में हुई बारिश की कमी और फसल के नुकसान की पूरी जानकारी दी जाएगी। पिछले एक दो दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हुई है, लेकिन परमेश्वर के अनुसार इससे किसानों को अधिक राहत नहीं मिलेगी।

तुमकुरु रेलवे परियोजना पर चर्चा

डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री और तुमकुरु के सांसद वी. सोमन्ना से मुलाकात की। इस बैठक में तुमकुरु को रायदुर्ग और दावणगेरे से जोड़ने वाली रेलवे परियोजना पर विचार विमर्श हुआ। गौरतलब है कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित है और कर्नाटक के मध्य क्षेत्र की संपर्क जरूरतों के लिए अहम मानी जाती है।

आने वाले दिनों में कांग्रेस का रुख और केंद्रीय सूखा राहत पर सरकार की प्रतिक्रिया, दोनों ही कर्नाटक की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये ऐसे संरचनात्मक सवाल हैं जो चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा असर डालते हैं। जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि ये आरोप केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं — कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाते हुए चुनाव आयुक्तों को हटाने तक की माँग कर दी है, जो संवैधानिक टकराव की ओर संकेत देता है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और इन शिकायतों पर उसकी कार्यवाही ही तय करेगी कि यह विवाद राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रहता है या वास्तविक सुधार की ओर जाता है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक नियमित प्रक्रिया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार, इस बार इस प्रक्रिया में जीवित मतदाताओं को मृत सूची में दर्ज करने और नोटिस जारी करने में गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।
फॉर्म 7 को लेकर क्या चिंता जताई गई है?
परमेश्वर ने कहा कि फॉर्म 7 की मौजूदा व्यवस्था में कोई भी व्यक्ति चुनाव आयोग के समक्ष जाकर किसी अन्य मतदाता का नाम सूची से हटाने की माँग कर सकता है। उनके अनुसार यह प्रावधान दुरुपयोग के लिए द्वार खोलता है।
कांग्रेस ने चुनाव आयुक्तों को हटाने की माँग क्यों की?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने नई दिल्ली में बैठक कर SIR प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का हवाला देते हुए चुनाव आयुक्तों को हटाने का फैसला लिया। पार्टी ने देशभर में इस प्रक्रिया के विरोध में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
कर्नाटक में सूखे की स्थिति पर सरकार क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार PM मोदी से मिलने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय सूखा आकलन टीम को जून 2026 से अब तक की बारिश की कमी और फसल नुकसान का पूरा ब्यौरा दिया जाएगा।
तुमकुरु रेलवे परियोजना का क्या मामला है?
उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री व तुमकुरु के सांसद वी. सोमन्ना से मुलाकात की। इस बैठक में तुमकुरु को रायदुर्ग और दावणगेरे से जोड़ने वाली लंबे समय से लंबित रेलवे परियोजना पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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