14 अक्टूबर 2026
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एसआईआर रद्द हो और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तभी रुकेगा आंदोलन: कांग्रेस का ऐलान

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एसआईआर रद्द हो और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तभी रुकेगा आंदोलन: कांग्रेस का ऐलान

सारांश

8 दिनों से जारी इंडिया ब्लॉक का आंदोलन और तेज होने की राह पर है। कांग्रेस ने साफ कह दिया — एसआईआर रद्द हो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, तभी विरोध थमेगा। दशहरे के बाद आंदोलन को और धार देने के संकेत।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह आंदोलन 8 दिनों से जारी है।
माँग स्पष्ट: एसआईआर प्रक्रिया रद्द हो और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
विजय वडेट्टीवार ने संकेत दिया कि दशहरे के बाद आंदोलन और तेज किया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह के 'घुसपैठियों को बचाने' वाले आरोप को कांग्रेस ने 'झूठा' बताया।
कांग्रेस का आरोप: BJP सरकार एसआईआर के जरिए 2029 के चुनाव जीतने की रणनीति बना रही है।

कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर और कांग्रेस नेता विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने नागपुर में 14 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द होने तक इंडिया ब्लॉक का विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। दोनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर लोकतंत्र और मतदान अधिकारों को खतरे में डालने का आरोप लगाया।

आंदोलन का मौजूदा स्वरूप और माँगें

कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर ने कहा, 'हमारे नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में यह आंदोलन 8 दिनों से चल रहा है। इन 8 दिनों से हमारी साफ माँग रही है कि जब तक एसआईआर प्रक्रिया रद्द नहीं होती और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारी माँग यही रहेगी।' उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष के मार्च और विरोध के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था — इसी तरह ज्ञानेश कुमार को भी देना होगा।

धानोरकर ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सत्तापक्ष से संवाद की पहल की थी, किंतु सरकार की ओर से कोई भी चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन को और धार देने का संकल्प लिया है।

त्योहारों के बीच आंदोलन की रणनीति

कांग्रेस नेता विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने संकेत दिया कि नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों को देखते हुए आंदोलन की रोज़ाना की गतिविधियाँ सीमित की गई हैं। उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि हाईकमान ने दशहरे तक इंतजार करने और उसके बाद आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया हो।' वडेट्टीवार ने यह भी जोड़ा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर हैं, देश में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे।

गौरतलब है कि यह विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की प्रामाणिकता एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर की आड़ में वैध मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।

अमित शाह के बयान पर कांग्रेस का पलटवार

गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आरोप लगाया था कि 'एसआईआर के बहाने घुसपैठियों को राहुल गांधी बचाना चाहते हैं।' इस पर वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार की सोशल मीडिया पोस्ट पर आने वाली 90 प्रतिशत नकारात्मक टिप्पणियाँ खुद यह बता देती हैं कि जनता क्या सोचती है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार को पूरा यकीन है कि वह 2029 में सिर्फ एसआईआर के जरिए ही चुनाव जीत सकती है, इसीलिए ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया जा रहा।

वडेट्टीवार ने शाह के आरोपों को 'झूठा' करार देते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई संविधान प्रदत्त मतदान अधिकार की रक्षा के लिए है, न कि किसी और उद्देश्य से।

आगे क्या होगा

कांग्रेस नेतृत्व के संकेतों के अनुसार, दशहरे के बाद आंदोलन को और विस्तार देने की योजना है। इंडिया ब्लॉक के घटक दल इस मुद्दे पर एकजुट दिख रहे हैं। यह आंदोलन आने वाले हफ्तों में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संवैधानिक रूप से कहीं अधिक सुरक्षित है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष का यह दबाव चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर वास्तविक बहस छेड़ेगा, या यह त्योहारी मौसम में महज एक राजनीतिक संकेत बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर प्रक्रिया क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
एसआईआर यानी विशेष सघन पुनरीक्षण, मतदाता सूचियों की समीक्षा की एक प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इसके जरिए वैध मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे उनका मतदान अधिकार छिन रहा है।
इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एसआईआर प्रक्रिया सत्तारूढ़ दल के पक्ष में मतदाता सूचियों को प्रभावित कर रही है। कांग्रेस का मानना है कि उनके पद पर रहते हुए निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं।
त्योहारों के दौरान आंदोलन की क्या रणनीति है?
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के अनुसार, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के मद्देनजर रोज़ाना के प्रदर्शन सीमित किए गए हैं। दशहरे के बाद आंदोलन को और तेज करने की योजना है।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस आंदोलन पर क्या कहा है?
गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी एसआईआर के बहाने घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। कांग्रेस ने इस आरोप को 'झूठा' करार देते हुए कहा है कि यह लड़ाई संवैधानिक मतदान अधिकार की रक्षा के लिए है।
यह आंदोलन 2029 के चुनावों से कैसे जुड़ा है?
कांग्रेस का आरोप है कि BJP सरकार एसआईआर के जरिए 2029 के लोकसभा चुनावों में बढ़त हासिल करने की रणनीति बना रही है। विपक्ष का मानना है कि एसआईआर और वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के रहते वोट की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं हो सकती।
राष्ट्र प्रेस
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