CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा इंडिया ब्लॉक का आंदोलन, त्योहारों के कारण अस्थायी विराम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 14 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग (ECI) के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन नवरात्रि सहित त्योहारी सीज़न के दौरान अस्थायी रूप से धीमा किया गया है, लेकिन यह समाप्त नहीं हुआ है। पार्टी नेताओं ने साफ कर दिया कि यह आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक बिना किसी समझौते के चलता रहेगा।
आंदोलन धीमा करने का निर्णय
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने पार्टी के इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि त्योहारों के मौसम में आम जनता के आवागमन में कोई बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए आंदोलन को अस्थायी विराम दिया गया है। उन्होंने कहा, "त्योहार आ रहे हैं, इसलिए लोगों के बारे में सोचना पड़ता है। सभी पार्टियां इस पर विचार कर रही हैं कि लोगों को आने जाने में कोई परेशानी न हो। हर व्यक्ति की अपनी सोच होती है, हर किसी का अपना त्योहार और आस्था होती है। इसलिए त्योहारों को देखते हुए आंदोलन में थोड़ा विराम दिया गया है, लेकिन हमारा आंदोलन जारी रहेगा और इसमें कोई कमी नहीं आएगी।"
रांची से कांग्रेस नेता का बयान
रांची में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व को देखते हुए यह निर्णय लिया गया ताकि लोग उत्सव का आनंद उठा सकें। उन्होंने कहा, "नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, इसलिए सभी लोग इस पर्व को उल्लास के साथ मना सकें, इसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।"
केंद्र सरकार पर हमला
राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शन से घबरा जाती है और रेलवे, मेट्रो, हवाई सेवा तथा सड़क यातायात बंद कर देती है। उन्होंने इसे "अघोषित आपातकाल" जैसी स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि ताकि जनता को त्योहार के दिन परेशानी न हो, इसलिए कार्यक्रम को थोड़ा धीमा करने का निर्णय लिया गया।
आंदोलन की अगली दिशा
राकेश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा और जब तक CEC ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग के SIR को लेकर विपक्षी दलों में व्यापक असंतोष बना हुआ है और इंडिया ब्लॉक के घटक दल एकजुट होकर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में त्योहारी सीज़न समाप्त होने के बाद आंदोलन के फिर से तेज होने की संभावना है।